झांसी। गरौठा में प्रस्तावित अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क लगाने जाने की दिशा में काम आगे बढ़ गया है। पार्क के लिए प्रस्तावित भूमि का भौतिक सत्यापन एवं परीक्षण रुड़की आईआईटी की टीम ने शुरू करा दिया है। टीम के सदस्यों ने प्रस्तावित स्थल का मुआयना करके सोलर एनर्जी के लिए उसकी उपयोगिता का अध्ययन किया। अब अगले सप्ताह यहां ड्रोन के जरिए टोपोग्राफी शुरू कराई जाएगी। तीन महीने के भीतर प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार कर लिया जाएगा।
झांसी में करीब तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से 600 मेगावाट का अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क स्थापित किया जाना है। इससे यहां न सिर्फ रोजगार सृजित होगा बल्कि झांसी समेत आसपास के इलाकों में भी बिजली की उपलब्धता में भी इजाफा होगा। सोलर पार्क के लिए गरौठा में जलालपुर एवं डगरवाहा कलस्टर को चयनित किया गया। जलालपुर कलस्तर में जलालपुर समेेत खरौरा, खेरी, जसवंतपुरा एवं डगरवाह कलस्तर में डगरवाह, बामेर एवं राजापुर में करीब तीन हजार एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। किसानों के पास पड़ी उसर भूमि का ही इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होगा। सोलर पार्क के लिए उपयोगी भूमि के चयन का जिम्मा रुड़की आईआईटी को सौंपा गया है। कुछ दिनों पहले टीम ने यहां पहुंचकर सर्वे आरंभ कर दिया। सौर उपकरणों के लिए भूमि की उपयोगिता भांपने के लिए ड्रोन के माध्यम से टोपोग्राफी भी अगले सप्ताह से यहां शुरू कराई जाएगी। नेडा के परियोजना अधिकारी एसके गुप्ता के मुताबिक इस सर्वे के बाद डीपीआर बनाने का काम आरंभ होगा। इसे तीन माह के भीतर तैयार कर लिया जाएगा।