फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Soil samples taken with QR code

Jhansi News: क्यूआर कोड के साथ लिए गए मिट्टी के नमूने

Tue, 06 May 2025 01:58 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Tue, 06 May 2025 01:58 AM IST
विज्ञापन
Soil samples taken with QR code
जनपद से कुल 16000 नमूने किए जाने हैं एकत्र
विज्ञापन

कृषि और मृदा परीक्षण विभाग के कर्मचारी पहुंचे खेतों में

संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। इस साल खरीफ फसलों के उत्पादन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत विशेष अभियान चलाया गया। कृषि विभाग के जिलास्तरीय और तहसीलस्तरीय अधिकारी और सभी क्षेत्रीय कर्मचारी किसानों के खेतों से जियो टैग के माध्यम से क्यूआर कोड के साथ मिट्टी के नमूने एकत्र किए।
मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता कार्यक्रम के तहत जिले में 16000 मिट्टी के नमूने एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। एकत्रित नमूनों का मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में जांच किया जाएगा। इसके बाद उर्वरकों की संतुलित मात्रा का उपयोग करके उत्पादन लागत को कम करने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सोमवार को विकास खंड बबीना के ग्राम खजराहा बुजुर्ग में उप निदेशक कृषि एमपी सिंह ने किसान प्रकाश सिंह, लखनलाल सहित अन्य के खेतों से मोबाइल एप एसएचसी तकनीक का प्रयोग कर पॉलीथिन पर अंकित क्यूआर कोड की जियो टैगिंग के माध्यम से मिट्टी के नमूने एकत्र किए।
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी कुलदीप कुमार मिश्रा ने बड़ागांव विकासखंड के ग्राम हस्तिनापुर में किसान पंजाब सिंह के खेत पर जाकर मृदा नमूना एकत्रित कराया। इस दौरान किसानों को मृदा परीक्षण कराने के महत्व के बारे में बताया गया तथा इस अभियान को समय से पूर्ण करने में सहयोग की अपील की गई। मौके पर किसान उत्तम सिंह, देव प्रसाद, संतोष कुमार, वशी आदि तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ तकनीकी सहायक अंकुर चौरसिया, वरिष्ठ तकनीकी सहायक धर्मराज मीना, विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



अभियान में 20 गांव के 160 ग्राम किए शामिल
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत विशेष अभियान में 20 गांव के 160 गांवों को शामिल किया गया है। इस दौरान किसानों को मृदा में उर्वरकता बढ़ाने के लिए गोबर की खाद का उपयोग करने की सलाह दी गई। वहीं, पिछले साल बबीना में कुछ नमूनों में खेतों की उर्वरकता कम पाए जाने पर किसानों को जैविक खाद की सलाह दी गई। उप निदेशक कृषि एमपी सिंह ने बताया कि खेतों से नमूने लेकर दोबारा उनकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed