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Jhansi News: बारिश के बाद बिलों से निकले सांप, बढ़े सर्पदंश के मामले

Tue, 07 Jul 2026 02:14 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 02:14 AM IST
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Snakes emerge from burrows after rain; snakebite cases rise.
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। बारिश का दौर शुरू होते ही जिले में सर्पदंश के मामले बढ़ने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सांप के काटने के 20 से अधिक मरीज भर्ती किए गए हैं। समय पर इलाज मिलने से अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन दो मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि इन मरीजों के परिजनों ने अस्पताल लाने के बजाय झाड़-फूंक में समय गंवा दिया, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ गई।
पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण खेतों, खाली मैदानों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। इससे सांप अपने बिलों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। इसी वजह से सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में 20 से अधिक सर्पदंश पीड़ितों को भर्ती कर उपचार दिया गया है। सभी मरीजों को जरूरत के अनुसार एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध कराया जा रहा है। सोमवार तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है, हालांकि दो मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
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चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर मरीजों की हालत इसलिए बिगड़ी क्योंकि परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लाने के बजाय झाड़-फूंक और अन्य पारंपरिक तरीकों में उलझे रहे। यदि समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।


क्या करें, क्या न करें
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नूतन अग्रवाल ने बताया कि सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें, ताकि उसका रक्तचाप न बढ़े। जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे यथासंभव स्थिर रखें और अनावश्यक रूप से न हिलाएं। काटे गए स्थान पर चीरा न लगाएं और न ही जहर निकालने का प्रयास करें। प्रभावित अंग पर रस्सी या कपड़ा कसकर बांधना भी खतरनाक हो सकता है, इसलिए ऐसा न करें। झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय मरीज को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय रहते एंटी स्नेक वेनम देकर उसकी जान बचाई जा सके।
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