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जीआईसी की स्मार्ट कक्षाओं में पढे़ंगे विद्यार्थी
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विद्यालय
- फोटो : ????????
झांसी। महानगर का राजकीय इंटर कॉलेज की 16 कक्षाएं स्मार्ट क्लास के रूप में तैयार होगी। कंप्यूटर लैब भी बनेगा। इसमें विद्यार्थियों को डिजीटल तकनीक से पढ़ाया जाएगा। साथ ही भविष्य में एनिमेशन, ग्राफिक्स व वेब आदि की तकनीकी शिक्षा भी हासिल करेंगे। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत यह प्रोजेक्ट तैयार हुआ है। इसके क्रियान्वयन को लेकर लखनऊ से आई टीम ने सर्वे किया है। संभावना है कि यह संपूर्ण कार्य चार माह में पूरा हो जाएगा।
बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाला राजकीय इंटर कॉलेज में समय - समय पर कई विकास कार्य हुए है। अब इस कॉलेज में स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 16 कक्षाओं को स्मार्ट क्लास के रूप में तब्दील किया जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस लगेगी और मल्टी मीडिया डिजीटल कंटैट तथा इंटरैक्टिव तकनीकी की व्यवस्था होगी। चॉक - डस्टर की जगह इन क्लासों में शिक्षक डिजीटल पेन से पढ़ाई कराएंगे। प्रत्येक कक्षा में प्रोजेक्टर और यूपीएस भी लगाए जाएंगे। बच्चों को कंप्यूटर लैब पर फोटो एनिमेशन, ग्राफिक्स, बेवसाइट, पोर्टल सहित अन्य तकनीकी कोर्स भी कराए जाएंगे। कॉलेज के प्रधानाचार्य पीके मौर्य के अनुसार प्रोजेक्ट कार्य संभवत: अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। स्मार्ट क्लास में विद्यार्थियों को कंप्यूटर की उच्च तकनीक से पठन पाठन कराया जाएगा।
1921 में हुई थी कॉलेज की स्थापना
राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद के गठन से पहले हो गई थी। परिषद का गठन 1923 में हुआ था, जबकि इस कॉलेज की स्थापना 1921 में की गई थी। प्रदेश के पहले छह इंटर कॉलेज में इसे गिना जाता है। सूबे की तत्कालीन सरकार ने विद्यालय के आकर्षक हैरिटेज लुक को बरकरार रखने के लिए 14 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
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राजकीय इंटर कॉलेज में स्मार्ट क्लास का प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। चार माह में यह काम पूरा हो जाएगा। अमित शर्मा नोडल अधिकारी स्मार्ट सिटी
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बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाला राजकीय इंटर कॉलेज में समय - समय पर कई विकास कार्य हुए है। अब इस कॉलेज में स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 16 कक्षाओं को स्मार्ट क्लास के रूप में तब्दील किया जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस लगेगी और मल्टी मीडिया डिजीटल कंटैट तथा इंटरैक्टिव तकनीकी की व्यवस्था होगी। चॉक - डस्टर की जगह इन क्लासों में शिक्षक डिजीटल पेन से पढ़ाई कराएंगे। प्रत्येक कक्षा में प्रोजेक्टर और यूपीएस भी लगाए जाएंगे। बच्चों को कंप्यूटर लैब पर फोटो एनिमेशन, ग्राफिक्स, बेवसाइट, पोर्टल सहित अन्य तकनीकी कोर्स भी कराए जाएंगे। कॉलेज के प्रधानाचार्य पीके मौर्य के अनुसार प्रोजेक्ट कार्य संभवत: अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। स्मार्ट क्लास में विद्यार्थियों को कंप्यूटर की उच्च तकनीक से पठन पाठन कराया जाएगा।
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1921 में हुई थी कॉलेज की स्थापना
राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद के गठन से पहले हो गई थी। परिषद का गठन 1923 में हुआ था, जबकि इस कॉलेज की स्थापना 1921 में की गई थी। प्रदेश के पहले छह इंटर कॉलेज में इसे गिना जाता है। सूबे की तत्कालीन सरकार ने विद्यालय के आकर्षक हैरिटेज लुक को बरकरार रखने के लिए 14 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
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राजकीय इंटर कॉलेज में स्मार्ट क्लास का प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। चार माह में यह काम पूरा हो जाएगा। अमित शर्मा नोडल अधिकारी स्मार्ट सिटी