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भाइयों की कलाई पर सजेगा बहनों का प्यार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2016 01:15 AM IST
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rakcha bndhn, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेंगी। बृहस्पतिवार को डेढ़ घंटे तक राहू काल रहेगा।
घनिष्ठा नक्षत्र और शुभ योग होने पर पर्व बहनों व भाईयों के लिए काफी शुभ रहेगा। लेकिन, दोपहर 1:30 बजे से तीन बजे तक के बीच बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने से बचे। क्योंकि इस दौरान राहु काल रहेगा। सनातन धर्म में रक्षा बंधन का पर्व का विशेष महत्व है। अपने अपने भाइयों की लंबी उम्र कामना से मनाए जाने वाले पर्व को लेकर महिलाओं व लड़कियों में खासा उत्साह है।
महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार जो बहनें श्रवण कुमार का चित्र बनाकर उनका पूजन कर, कलश स्थापित कर भगवान विष्णु या भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करेंगी उनके लिए यह पर्व विशेष फलदायी होगा। उनके अनुसार राहू काल लगने से दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक बहने अपने भाइयों को राखी न बांधे। उत्तम मुहूर्त सुबह आठ बजे से दोपहर 1 बजे तक है।
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घनिष्ठा नक्षत्र और शुभ योग होने पर पर्व बहनों व भाईयों के लिए काफी शुभ रहेगा। लेकिन, दोपहर 1:30 बजे से तीन बजे तक के बीच बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने से बचे। क्योंकि इस दौरान राहु काल रहेगा। सनातन धर्म में रक्षा बंधन का पर्व का विशेष महत्व है। अपने अपने भाइयों की लंबी उम्र कामना से मनाए जाने वाले पर्व को लेकर महिलाओं व लड़कियों में खासा उत्साह है।
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महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार जो बहनें श्रवण कुमार का चित्र बनाकर उनका पूजन कर, कलश स्थापित कर भगवान विष्णु या भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करेंगी उनके लिए यह पर्व विशेष फलदायी होगा। उनके अनुसार राहू काल लगने से दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक बहने अपने भाइयों को राखी न बांधे। उत्तम मुहूर्त सुबह आठ बजे से दोपहर 1 बजे तक है।
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