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बिजली को और बेहतर बनाने पर खर्च होंगे छह सौ करोड़
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झांसी। मंडल के झांसी, जालौन उरई व ललितपुर जिले में बिजली आपूर्ति को और बेहतर बनाने पर छह सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अगले पांच साल की जरूरत के हिसाब से इस योजना को तैयार किया गया है। खासकर बिजली चोरी रोकने पर जोर रहेगा। जो काम होने हैं, उसके लिए गुरुग्राम की कंपनी सर्वे कर रही है।
मंडल के तीनों जनपदों में साढ़े तीन लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। अगर झांसी, ललितपुर व उरई शहर को छोड़ दिया जाए तो बाकी के ग्रामीण क्षेत्र में आज भी बिजली ढांचा बेहतर नहीं है। कहीं पर खंभे जर्जर हो गए हैं तो कहीं पर केबल। एक हजार से अधिक स्थानों पर कम क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिस कारण अक्सर उनके खराब होने के मामले सामने आते हैं। ग्रामीण कस्बों और गांवों में चोरी का प्रतिशत भी तीस फीसदी से कम नहीं हो रहा है। इन्हीं सब कमियों को दूर करने के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम रीवेंपड योजना के तहत अगले पांच साल में छह करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है।
इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा चोरी रोकने का प्रयास होगा। इसके लिए भूमिगत केबल डालने, बंच कंडक्टर केबल, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि व नए सबस्टेशनों को बनाने का काम होगा। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) जेपीएन सिंह ने बताया कि तीनों मंडलों में कहां- कहां और कितना काम होना है। इसके सर्वे के लिए ग्रुरुग्राम की एक कंपनी को ठेका दिया गया है। सर्वे का काम चल रहा है। मार्च से पूर्व सर्वे रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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मंडल के तीनों जनपदों में साढ़े तीन लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। अगर झांसी, ललितपुर व उरई शहर को छोड़ दिया जाए तो बाकी के ग्रामीण क्षेत्र में आज भी बिजली ढांचा बेहतर नहीं है। कहीं पर खंभे जर्जर हो गए हैं तो कहीं पर केबल। एक हजार से अधिक स्थानों पर कम क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिस कारण अक्सर उनके खराब होने के मामले सामने आते हैं। ग्रामीण कस्बों और गांवों में चोरी का प्रतिशत भी तीस फीसदी से कम नहीं हो रहा है। इन्हीं सब कमियों को दूर करने के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम रीवेंपड योजना के तहत अगले पांच साल में छह करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है।
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इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा चोरी रोकने का प्रयास होगा। इसके लिए भूमिगत केबल डालने, बंच कंडक्टर केबल, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि व नए सबस्टेशनों को बनाने का काम होगा। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) जेपीएन सिंह ने बताया कि तीनों मंडलों में कहां- कहां और कितना काम होना है। इसके सर्वे के लिए ग्रुरुग्राम की एक कंपनी को ठेका दिया गया है। सर्वे का काम चल रहा है। मार्च से पूर्व सर्वे रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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