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जेल में बंद भाई को राखी बांधने पहुंची बहनें
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रक्षा बंधन पर जिला कारागार में भाई को राखी बांधने पहुंची बहनों की लगी लाइन। अमर उजाला
झांसी। रविवार को जेल में रक्षा बंधन पर्व की खासी रौनक देखने को मिलीं। जेल में निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें अपने साथ कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लेकर पहुंची। दिन भर जेल परिसर में महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। ढाई सौ बहनों ने जेल में जाकर राखी बांधी।
जेल परिसर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जमा होने लगी थी। जिले के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के अलावा बाहरी जनपदों की बहनें भी जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची थीं। कोविड प्रोटोकॉल के तहत महिलाएं कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट लेकर पहुंची। भीड़ ज्यादा होने की वजह से पहले महिलाओं को पर्ची बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके बाद जेल में भीतर प्रवेश के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करती रहीं। तीखी धूप और उमस के बाद भी महिलाएं डिगी नहीं और राखी बांधकर ही लौटीं। शाम तक जेल परिसर में बहनों का जमावड़ा रहा।
रक्षा बंधन पर पर्ची काउंटर बढ़ाए जाने थे। एक ही काउंटर होने की वजह से पर्ची बनवाने में काफी समय जाया हो गया। - अर्चना, रेलवे कॉलोनी
भीड़ की वजह से परेशानी हुई। जेल प्रशासन को अलग से इंतजाम करने थे। लेकिन, भाई को राखी बांधने की खुशी है। - अनीता, शहर
लंबे समय से भाई से मुलाकात होगी, इसकी बेहद खुशी है। प्रार्थना है कि भाई जल्द बाहर आए और पर्व घर में साथ मनाएं। - मीनू, नगरा
सौ किलोमीटर दूर से भाई को राखी बांधने आई हूं। कोरोना की जांच भी कराई है। लंबे अरसे बाद भाई से मुलाकात होगी। ेे- भारती, उरई
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जेल परिसर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जमा होने लगी थी। जिले के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के अलावा बाहरी जनपदों की बहनें भी जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची थीं। कोविड प्रोटोकॉल के तहत महिलाएं कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट लेकर पहुंची। भीड़ ज्यादा होने की वजह से पहले महिलाओं को पर्ची बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके बाद जेल में भीतर प्रवेश के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करती रहीं। तीखी धूप और उमस के बाद भी महिलाएं डिगी नहीं और राखी बांधकर ही लौटीं। शाम तक जेल परिसर में बहनों का जमावड़ा रहा।
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रक्षा बंधन पर पर्ची काउंटर बढ़ाए जाने थे। एक ही काउंटर होने की वजह से पर्ची बनवाने में काफी समय जाया हो गया। - अर्चना, रेलवे कॉलोनी
भीड़ की वजह से परेशानी हुई। जेल प्रशासन को अलग से इंतजाम करने थे। लेकिन, भाई को राखी बांधने की खुशी है। - अनीता, शहर
लंबे समय से भाई से मुलाकात होगी, इसकी बेहद खुशी है। प्रार्थना है कि भाई जल्द बाहर आए और पर्व घर में साथ मनाएं। - मीनू, नगरा
सौ किलोमीटर दूर से भाई को राखी बांधने आई हूं। कोरोना की जांच भी कराई है। लंबे अरसे बाद भाई से मुलाकात होगी। ेे- भारती, उरई