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Jhansi News: बरुआसागर झील से नहीं निकाली जाएगी गाद
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। केन-बेतवा लिंक परियोजना केबीएलपी के जरिये बरुआसागर झील से अब गाद नहीं निकाली जाएगी। इस काम में अत्यधिक खर्च होने की वजह से इसे खारिज कर दिया गया। अब इसकी जगह पारीछा बांध में सुधार करके इसकी क्षमता में इजाफा किया जाएगा। पारीछा बांध के नवीनीकरण का काम भी जल्द आरंभ होने जा रहा है।
करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लागत की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए केन नदी को 230 किमी लंबी लिंक कैनाल के जरिये बरुआसागर झील तक लाया जाएगा। इसके जरिये केन और बेतवा नदी को आपस में जोड़ा जाएगा। पिछले करीब छह दशक से अधिक समय से बरुआसागर झील की सफाई नहीं हुई। इस वजह से उसमें गाद भरी है। इसकी पानी संग्रह क्षमता भी काफी घट गई। विशेषज्ञों ने झील से गाद निकालने की जरूरत बताई थी। सर्वे कराने पर झील से गाद निकालने में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया। इसके साथ ही टनों गाद भी बाहर आनी थी। इसे भी निस्तारित करने की समस्या थी। इन दोनों समस्याओं को देखते हुए गाद निकालने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया। मुख्य अभियंता देवेश शुक्ला के मुताबिक इसकी जगह पारीछा बांध का ही नवीनीकरण कराया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए डीपीआर बनाने का काम किया जा रहा है।
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झांसी। केन-बेतवा लिंक परियोजना केबीएलपी के जरिये बरुआसागर झील से अब गाद नहीं निकाली जाएगी। इस काम में अत्यधिक खर्च होने की वजह से इसे खारिज कर दिया गया। अब इसकी जगह पारीछा बांध में सुधार करके इसकी क्षमता में इजाफा किया जाएगा। पारीछा बांध के नवीनीकरण का काम भी जल्द आरंभ होने जा रहा है।
करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लागत की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए केन नदी को 230 किमी लंबी लिंक कैनाल के जरिये बरुआसागर झील तक लाया जाएगा। इसके जरिये केन और बेतवा नदी को आपस में जोड़ा जाएगा। पिछले करीब छह दशक से अधिक समय से बरुआसागर झील की सफाई नहीं हुई। इस वजह से उसमें गाद भरी है। इसकी पानी संग्रह क्षमता भी काफी घट गई। विशेषज्ञों ने झील से गाद निकालने की जरूरत बताई थी। सर्वे कराने पर झील से गाद निकालने में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया। इसके साथ ही टनों गाद भी बाहर आनी थी। इसे भी निस्तारित करने की समस्या थी। इन दोनों समस्याओं को देखते हुए गाद निकालने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया। मुख्य अभियंता देवेश शुक्ला के मुताबिक इसकी जगह पारीछा बांध का ही नवीनीकरण कराया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए डीपीआर बनाने का काम किया जा रहा है।
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