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सिलाई मशीन सुधारता है, सुई में धागा डालता है दृष्टिहीन नफीस

Thu, 25 Feb 2021 02:23 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 02:23 AM IST
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silayi masin sudharta hai, sui me dhaga dalta hai. drstihen nafish
सैंयरगेट में अपनी दुकान में एक खराब सिलाई मशीन सुधारते हुए दृष्टिहीन नफीस। अमर उजाला
सिलाई मशीन सुधारता है, सुई में धागा डालता है दृष्टिहीन नफीस
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झांसी। आंख खोलने के बाद कभी उजाला नहीं देखा। माता - पिता ने बहुत इलाज कराया, लेकिन उसकी जिंदगी में रोशनी नहीं आ सकी। बावजूद, वो लाचार नहीं है। यहां बात 40 साल के नफीस की हो रही है, जो सिलाई मशीन सुधारने का काम करता है और उसकी गिनती शहर के बेहतरीन कारीगरों में होती है। बगैर दृष्टि के वो सिलाई मशीन सुधारने का बारीक से बारीक काम कर लेते हैं। यहां तक कि आसानी से सुई में धागा भी पिरो लेते हैं।
सैंयर गेट अंदर निवासी शफीक अहमद सिलाई मशीन सुधारने का काम करते हैं। उनकी पांच संतानों में से नफीस दूसरे नंबर पर है। नफीस के जन्म लेने के बाद शुरुआत में ये मालूम नहीं चला कि वो दृष्टिहीन है। एक साल बाद इसकी जानकारी हुई। माता - पिता ने उसकी जिंदगी में रोशनी लाने की पूरी कोशिश की और बहुत इलाज कराया। लेकिन, उसकी जिंदगी में रोशनी नहीं आ पाई। इससे पूरे परिवार में मायूसी छा गई। नफीस स्कूल नहीं जा पाया। बचपन से ही वो अपने पिता के साथ दुकान पर आकर बैठने लगा और पिता के काम में हाथ भी बंटाने लगा।
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कभी कभार पिता की गैर मौजूदगी में वो दुकान में सिलाई मशीन भी सुधारने लगा। 15 साल की उम्र तक पहुंचने पर नफीस अकेले ही पूरी मशीन खोलने और बांधने लगा। स्थिति ये है कि ग्राहक द्वारा परेशानी बताने पर नफीस की अंगुलियां सीधे मशीन के खराब पार्ट पर पहुंच जाती है और वो उसे दुरुस्त करने में जुट जाता है। मशीन ठीक होने के बाद वो सुई में धारा पिरोकर ट्रायल भी ले लेता है। अक्सर ग्राहक ये समझ ही नहीं पाते हैं कि नफीस दृष्टिहीन है।
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महीनों अकेले संभाला कारोबार
झांसी। नफीस के पिता की पिछले साल बाईपास सर्जरी हुई थी। ऐसे में वे तीन महीने दुकान पर नहीं आए थे। नफीस ने अकेले ही पूरा कारोबार संभाला था। वो सिलाई मशीन ठीक करता था और कारोबार का पूरा हिसाब-किताब भी रखता था। इतना ही नहीं, नफीस घर में भी किसी काम के लिए किसी का मोहताज नहीं है। वो खुद अपना सारा काम करता है। पानी गर्म करना हो या कपड़ों की धुलाई, वो खुद कर लेता है। अपनी कमाई वो घर खर्च में इस्तेमाल करता है।

खुद को कभी कमजोर न समझो
झांसी। आदमी शरीर से नहीं, बल्कि मन से मोहताज होता है। ये कहना है नफीस का। नफीस ने बताया कि उसने जन्म के बाद से कुछ भी नहीं देखा। लेकिन, वो सब महसूस कर लेता है। यही वजह है कि उसे सिलाई मशीन सुधारने या अन्य किसी भी काम में कोई परेशानी नहीं होती है। आसानी से वो सभी काम कर लेता है।
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