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शिखर पर शिव, दरवाजे पर नटराज और अंदर सभी ज्योतिर्लिंग

Thu, 20 Jul 2017 01:04 AM IST
amarujala
amarujala Updated Thu, 20 Jul 2017 01:04 AM IST
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 Shiva on the peak, Nataraja on the door and all Jyotirlinga inside
shiva temple jhansi news - फोटो : demo
झांसी।
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शिखर पर शिवलिंग का स्वरूप, दरवाजे में भगवान नटराज और अंदर देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, यह नजारा होगा दीनदयाल नगर के भारत माता मंदिर में बन रहे शिवालय का। करीब 45 लाख रुपये की लागत से बन रहे 80 फुट ऊंचे इस मंदिर को अगले साल तक तैयार कर लिया जाएगा।
महानगर में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों को दिखाने वाले कई मंदिर हैं। पानी वाली धर्मशाला में भगवान शिव हजारिया स्वरूप में विराजमान हैं। मानिक चौक के मठ में पार्वती पति पंचमुखी रूप में भक्तों को निहाल करते हैं। सैंयर गेट में भोले भंडारी की चतुरानन (चार मुख) वाली मूर्ति दर्शन करने वालों के कष्ट हर लेती है। झरनागेट पर बाणलिंग महादेव का रूप देखते ही बनता है। महानगर में शिव जी के सौ से भी अधिक मंदिर हैं। दीनदयाल नगर के भारत माता मंदिर में बन रहा 80 फुट ऊंचा शिवालय महानगर ही नहीं पूरे बुंदेलखंड में सबसे निराला होगा। श्री भारत माता मंदिर समिति ने वर्ष 2011 में इसके निर्माण का शुभारंभ किया था। जन सहयोग से बन रहे इस मंदिर में करीब 45 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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समिति अध्यक्ष कैलाश नारायण अग्निहोत्री ने बताया कि शिवालय एक वर्ष में तैयार हो जाएगा। अभी तक 30 लाख रुपये खर्च हो चुके है और 15 लाख रुपये और खर्च होने का अनुमान है। शिवालय की भव्यता के लिए शिखर को शिवलिंग का स्वरूप दिया गया हैं, जो 30 फुट का है। शिवलिंग पर लिपटे नाग देवता 15 फीट के, तो त्रिशूल 25 फीट का बनाया गया हैं, जिसे कई किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता हैं। शिवालय के द्वार पर भगवान के नटराज स्वरूप की आठ फुट ऊंची मूर्ति स्थापित है, जो दक्षिण भारतीय शैली में बनी है। मंदिर के गेट पर भारत माता की 12 फुट ऊंची मूर्ति भी स्थापित की जाएगी। ज्योतिर्लिंग का निर्माण करने वाले कारीगर जयपुर से आएंगे।
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जानिए 12 ज्योतिर्लिंग
भगवान शंकर के बारह ज्योर्तिलिंग सोमनाथ, भीमेश्वर, विश्वेश्वर, अमलेश्वर, त्रयंबेकश्वर, मल्लिकार्जुन, केदारनाथ, नागेश्वर, घुमेश्वर, बैद्यनाथ, रामेश्वरम और महाकालेश्वर के स्वरूप शिवलिंग शिवालय में स्थापित किए जाएंगे। यह मूल मूर्तियों के स्वरूप होंगे, जो छोटे-छोटे मंदिरों में विराजमान होंगे। यह छोटे-छोटे मंदिर मूल मंदिरों की डिजाइन में होंगे गर्भगृह के बीच में उज्जैन के महाकाल का स्वरूप स्थापित किया जाएगा।


मां के नौ स्वरूप विराजमान हैं मंदिर में
भारत माता का मंदिर 1992 में बना था। मंदिर के एक हिस्से में मां जगदंबा के नौ स्वरूप विराजमान है, तो अन्य हिस्सों में दत्तात्रेय, विष्णु-लक्ष्मी, श्रीराम दरबार, गायत्री माता, भारत माता, शिव दरबार सहित कई देवी देवता विराजमान हैं।
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