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झांसी में शिकायतों के निस्तारण में पकड़ा गया अफसरों का फर्जीवाड़ा
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झांसी। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण में झांसी में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। पड़ताल में समाज कल्याण और बिजली विभाग की 818 शिकायतें ऐसी सामने आई हैं, जिन्हें दोनों विभागों ने निस्तारित दर्शा दिया था। लेकिन, जब पीड़ितों से बात हुई तो हकीकत सामने आई। पाया गया कि समस्या जस की तस बनी हुई है। समाधान की दिशा में कोई कार्यवाही ही नहीं की गई। इस पर जिला प्रशासन ने दोनों विभागों के अफसरों को नोटिस जारी किए हैं।
कार्यालयों के कई-कई चक्कर काटने के बाद समस्याओं का समाधान न होने पर तमाम लोग आईजीआरएस पोर्टल का दरवाजा खटखटाते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि पोर्टल पर दर्ज होने वाली समस्या सीधे संबंधित विभाग के अफसरों तक पहुंचेंगी, जिससे उसका समाधान हो जाएगा। लेकिन, सिस्टम में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने इस व्यवस्था को भी पंगु बना दिया है। प्रशासन द्वारा की गई पड़ताल में बिजली विभाग की 400 और समाज कल्याण विभाग की 418 शिकायतों में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। दरअसल, पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण को लेकर संबंधित विभाग को अपनी रिपोर्ट देनी होती है। जांच में सामने आया है कि रिपोर्ट में उक्त शिकायतें निस्तारित दर्शा दी गई हैं, लेकिन शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक में सामने आया कि महीनों बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस पर दोनों विभागों के अफसरों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण को के लेकर जिलाधिकारी का रुख सख्त है। निस्तारित होने वाली शिकायतों की नियमित जांच की जाती है। शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया जाता है। इसमें समाज कल्याण व बिजली विभाग की 818 समस्याएं ऐसी पाई गईं, जिनका समाधान किए बगैर उन्हें निस्तारित दिखा दिया गया। इस पर दोनों विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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- संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी /प्रभारी - आईजीआरएस
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कार्यालयों के कई-कई चक्कर काटने के बाद समस्याओं का समाधान न होने पर तमाम लोग आईजीआरएस पोर्टल का दरवाजा खटखटाते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि पोर्टल पर दर्ज होने वाली समस्या सीधे संबंधित विभाग के अफसरों तक पहुंचेंगी, जिससे उसका समाधान हो जाएगा। लेकिन, सिस्टम में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने इस व्यवस्था को भी पंगु बना दिया है। प्रशासन द्वारा की गई पड़ताल में बिजली विभाग की 400 और समाज कल्याण विभाग की 418 शिकायतों में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। दरअसल, पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण को लेकर संबंधित विभाग को अपनी रिपोर्ट देनी होती है। जांच में सामने आया है कि रिपोर्ट में उक्त शिकायतें निस्तारित दर्शा दी गई हैं, लेकिन शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक में सामने आया कि महीनों बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस पर दोनों विभागों के अफसरों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण को के लेकर जिलाधिकारी का रुख सख्त है। निस्तारित होने वाली शिकायतों की नियमित जांच की जाती है। शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया जाता है। इसमें समाज कल्याण व बिजली विभाग की 818 समस्याएं ऐसी पाई गईं, जिनका समाधान किए बगैर उन्हें निस्तारित दिखा दिया गया। इस पर दोनों विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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- संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी /प्रभारी - आईजीआरएस