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Jhansi News: युवती को खुदकुशी के लिए विवश करने के दोषी को सात साल की सजा
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश तृतीय की अदालत ने छेड़छाड़ का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में छेड़छाड़ से दुखी युवती ने आत्महत्या कर ली थी। मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय ने घटना के सात साल बाद सजा का एलान किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अतुलेश सक्सेना ने बताया कि बबीना थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि मेन रोड खैलार निवासी शानू खान पिछले तीन सालों से उसकी बहन को परेशान कर रहा था। चार जुलाई 2016 को उसने घर में घुसकर बहन के साथ अश्लील हरकत की थी। इससे दुखी बहन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाई की तहरीर पर पुलिस ने शानू और उसके माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन, बाद में पुलिस ने सिर्फ शानू के खिलाफ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त शानू खान को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 41 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश तृतीय की अदालत ने छेड़छाड़ का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में छेड़छाड़ से दुखी युवती ने आत्महत्या कर ली थी। मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय ने घटना के सात साल बाद सजा का एलान किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अतुलेश सक्सेना ने बताया कि बबीना थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि मेन रोड खैलार निवासी शानू खान पिछले तीन सालों से उसकी बहन को परेशान कर रहा था। चार जुलाई 2016 को उसने घर में घुसकर बहन के साथ अश्लील हरकत की थी। इससे दुखी बहन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाई की तहरीर पर पुलिस ने शानू और उसके माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन, बाद में पुलिस ने सिर्फ शानू के खिलाफ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त शानू खान को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 41 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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