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सात पीआईसीयू तैयार मगर बच्चों के डॉक्टरों की दरकार

Tue, 28 Dec 2021 01:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 01:39 AM IST
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Seven PICU ready but children's doctors are needed
झांसी। जिले में सात अस्पतालों में पीआईसीयू (बच्चों का आईसीयू) बनकर तैयार है। मशीनों से लेकर बेड तक के इंतजाम हैं लेकिन चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इनके संचालन के लिए बाल रोग विशेषज्ञों नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शासन से पांच पीडियाट्रीशियन की मांग की है।
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कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सुविधाएं बौनी साबित हो गई थीं। लहर थमी तो विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की आशंका जताते हुए इसे बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक बता दिया। तब शासन ने सरकारी अस्पतालों में पीआईसीयू बनाने का फैसला किया। मौजूदा समय में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में में 12 करोड़ रुपये 100 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू बनकर तैयार है। इसमें 20 वेंटिलेटर बेड, 30 बेड की हाई डेफिसिएंसी यूनिट, 50 बेड ऑक्सीजन वाले हैं। वेंटिलेटर, सीपैप, वाईपैप, इंफ्यूजन पंप, अल्ट्रासाउंड मशीन, वार्मर आदि मशीनें भी आ चुकी हैं। रोगियों के इलाज के लिए बाल रोग विभाग के छह डॉक्टर, तीन सीनियर रेजिडेंट, 16 जूनियर रेजिडेंट हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में 20 बेड का पीआईसीयू है, यहां पर चार बाल रोग विशेषज्ञ हैं। मगर बड़ी समस्या सीएचसी स्तर पर है। पांच सीएचसी में 15-15 बेड का पीआईसीयू बनकर तैयार है। इनमें बरुआसागर को छोड़कर किसी में भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में तीसरी लहर आई और बच्चे संक्रमित होने लगे तो इनका इलाज कैसे होगा, ये बड़ा सवाल है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि केंद्र प्रभारियों से लेकर समस्त स्टाफ को पीआईसीयू की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। वह इलाज के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा पांच पीडियाट्रीशियन की भी शासन से मांग की गई है।
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कहां-कहां बने पीआईसीयू
- मेडिकल कॉलेज
- जिला अस्पताल
- सीएचसी बड़ागांव
- सीएचसी बरुआसागर
- सीएचसी रानीपुर
- सीएचसी गरौठा
- सीएचसी समथर
14 साल तक के हैं छह लाख बच्चे
केंद्र सरकार ने तीन जुलाई से 15 से 18 साल तक के किशोरों का कोरोना टीकाकरण शुरू करने की मंजूरी दे दी है। 14 साल या उससे कम उम्र के बच्चों के कोविड टीकाकरण पर अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं, जनगणना 2011 के मुताबिक झांसी में नवजात से लेकर 14 साल तक बच्चों की संख्या छह लाख है। इन्हीं को मद्देनजर रखते हुए पीआईसीयू तैयार किया गया है।
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मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, पांच सीएचसी में पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में पीडियाट्रीशियन को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। सीएचसी स्तर पर मैनेज किया जाएगा। स्टाफ को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही पांच बाल रोग विशेषज्ञों की मांग की गई है। - डॉ. नरेश अग्रवाल, नोडल अधिकारी, पीआईसीयू।
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