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Jhansi News: 14 महीने से अनुपस्थित चल रही शिक्षिका की सेवाएं समाप्त
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बीएसए ने की कार्रवाई, कहा-पक्ष रखने के लिए नहीं आईं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 14 महीने से अनुपस्थित चल रही शिक्षिका की सेवाएं बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समाप्त कर दी हैं। शिक्षिका को कई बार पक्ष रखने के लिए बुलाया गया मगर वो नहीं आईं। बृहस्पतिवार को बीएसए ने कार्रवाई कर दी।
मोंठ के कंपोजिट विद्यालय चंदार की सहायक अध्यापिका रश्मि गुप्ता बिना किसी सूचना के नौ जुलाई 2022 से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। बीएसए नीलम यादव ने बताया कि अनुपस्थित रहने पर सबसे पहले शिक्षिका को 23 सितंबर 2023 को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद चार जनवरी 2023 और फिर 16 अक्तूबर 2023 को शिक्षिका को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी आख्या में कहा कि रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजने के बावजूद शिक्षिका ने कोई जवाब नहीं दिया। न ही कोई पत्राचार किया। अध्यापिका को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए। मगर वह उपस्थित नहीं हुईं। बीएसए का कहना है कि शिक्षिका द्वारा जानबूझकर बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने, अपना पक्ष प्रस्तुत न करने से ये स्पष्ट होता है कि वह परिषद की सेवाओं में बनी रहना नहीं चाहती हैं। ऐसे में उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 14 महीने से अनुपस्थित चल रही शिक्षिका की सेवाएं बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समाप्त कर दी हैं। शिक्षिका को कई बार पक्ष रखने के लिए बुलाया गया मगर वो नहीं आईं। बृहस्पतिवार को बीएसए ने कार्रवाई कर दी।
मोंठ के कंपोजिट विद्यालय चंदार की सहायक अध्यापिका रश्मि गुप्ता बिना किसी सूचना के नौ जुलाई 2022 से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। बीएसए नीलम यादव ने बताया कि अनुपस्थित रहने पर सबसे पहले शिक्षिका को 23 सितंबर 2023 को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद चार जनवरी 2023 और फिर 16 अक्तूबर 2023 को शिक्षिका को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी आख्या में कहा कि रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजने के बावजूद शिक्षिका ने कोई जवाब नहीं दिया। न ही कोई पत्राचार किया। अध्यापिका को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए। मगर वह उपस्थित नहीं हुईं। बीएसए का कहना है कि शिक्षिका द्वारा जानबूझकर बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने, अपना पक्ष प्रस्तुत न करने से ये स्पष्ट होता है कि वह परिषद की सेवाओं में बनी रहना नहीं चाहती हैं। ऐसे में उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती हैं।
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