{"_id":"5e4da06f8ebc3ef29d3f2db0","slug":"self-sequrity-expensive-jhansi-news-jhs160538448","type":"story","status":"publish","title_hn":"जान की सुरक्षा के लिए चुकानी पड़ रही अधिक कीमत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जान की सुरक्षा के लिए चुकानी पड़ रही अधिक कीमत
विज्ञापन
self sequrity expensive
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। लोगों को निजी खर्च पर सुरक्षा देना महंगा हो चुका है। अब निजी खर्च पर गनर और शैडो पाने के लिए 10 फीसदी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने से पहले सुरक्षा समिति मानकों पर आकलन करती है।
जिला और मंडलीय सुरक्षा समिति तय करती है कि सुरक्षा चाहने वाले की आर्थिक हैसियत कितनी है। उसी हिसाब से उनसे सुरक्षा का निजी व्यय वसूला जाता है। मसलन, यदि समिति सौ फीसदी व्यय पर गनर मुहैया कराती है तो संबंधित व्यक्ति से उस गनर का पूरा वेतन वसूलकर राजकोष में जमा किया जाएगा। 10 फीसदी निजी व्यय की स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मी के वेतन का 10 फीसदी हिस्सा सुरक्षा पाने वाले से वसूला जाएगा। जबकि, 90 फीसदी हिस्सा सरकार देगी।
पुलिस विभाग दो तरह से लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है। ए-कैटेगरी में वह लोग आते हैं, जो किसी आपराधिक मामले में वादी, गवाह या पैरोकार हैं। ऐसे लोगों को कोर्ट या अधिकारियों के निर्देश पर मुफ्त में सुरक्षा मिलती है। बी- कैटेगरी में वे लोग आते हैं जिन्हें अन्य दूसरे कारणों से जान का खतरा बना रहता है। इसमें वीवीआईपी, कारोबारी और अन्य धनाढ्य लोग भी शामिल हैं।
विज्ञापन
जिले में 42 लोगों को मिली है सुरक्षा
जिले में सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर 42 लोग वर्तमान में सुरक्षा पा रहे हैं। निजी सुरक्षा की नई दरों में 12 फीसदी महंगाई भत्ता भी जोड़ा गया है, पहले यह सात फीसदी था।
विवरण आरक्षी मुख्य आरक्षी सब इंस्पेक्टर
10 प्रतिशत निजी व्यय पर 10142 11948 15918
25 प्रतिशत निजी व्यय पर 25029 29871 39796
75 प्रतिशत निजी व्यय पर 78086 89614 119387
100 प्रतिशत निजी व्यय पर 104115 119485 159183
विज्ञापन
जिला और मंडलीय सुरक्षा समिति तय करती है कि सुरक्षा चाहने वाले की आर्थिक हैसियत कितनी है। उसी हिसाब से उनसे सुरक्षा का निजी व्यय वसूला जाता है। मसलन, यदि समिति सौ फीसदी व्यय पर गनर मुहैया कराती है तो संबंधित व्यक्ति से उस गनर का पूरा वेतन वसूलकर राजकोष में जमा किया जाएगा। 10 फीसदी निजी व्यय की स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मी के वेतन का 10 फीसदी हिस्सा सुरक्षा पाने वाले से वसूला जाएगा। जबकि, 90 फीसदी हिस्सा सरकार देगी।
विज्ञापन
पुलिस विभाग दो तरह से लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है। ए-कैटेगरी में वह लोग आते हैं, जो किसी आपराधिक मामले में वादी, गवाह या पैरोकार हैं। ऐसे लोगों को कोर्ट या अधिकारियों के निर्देश पर मुफ्त में सुरक्षा मिलती है। बी- कैटेगरी में वे लोग आते हैं जिन्हें अन्य दूसरे कारणों से जान का खतरा बना रहता है। इसमें वीवीआईपी, कारोबारी और अन्य धनाढ्य लोग भी शामिल हैं।
विज्ञापन
जिले में 42 लोगों को मिली है सुरक्षा
जिले में सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर 42 लोग वर्तमान में सुरक्षा पा रहे हैं। निजी सुरक्षा की नई दरों में 12 फीसदी महंगाई भत्ता भी जोड़ा गया है, पहले यह सात फीसदी था।
विवरण आरक्षी मुख्य आरक्षी सब इंस्पेक्टर
10 प्रतिशत निजी व्यय पर 10142 11948 15918
25 प्रतिशत निजी व्यय पर 25029 29871 39796
75 प्रतिशत निजी व्यय पर 78086 89614 119387
100 प्रतिशत निजी व्यय पर 104115 119485 159183