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तंबाकू उत्पादों के लाइसेंस पर फंसा पेंच
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झांसी। तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया। सिर्फ लाइसेंस धारक ही तंबाकू उत्पाद बेच सकेंगे, इसमें पेंच फंस गया। लाइसेंस सिर्फ उन्हीं दुकानों को मिलेगा, जहां सिर्फ तंबाकू उत्पाद ही बिकते हों जबकि झांसी में सैकड़ोें बड़े थोक दुकानदार हैं, जिनके यहां तंबाकू उत्पाद के साथ ही दूसरी वस्तुएं भी बिकती हैं। ऐसे में उनको लाइसेंस नहीं दिया जा सकेगा। इन्हीं उलझनों के चलते निगम सदन के सामने अभी तक इसकी उपविधि पेश नहीं की जा सकी है।
शासन ने पिछले महीने नगर निगम को उपविधि भेजी थी। इसे निगम सदन से पास कराकर वापस शासन को भेजा जाना है। इसके बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा, लेकिन कई प्रावधानों को लेकर पेच फंसा हुआ है। सबसे बड़ा संकट थोक दुकानदारों को लाइसेंस देने के सवाल पर ही है। झांसी में तंबाकू कारोबार करोड़ों रुपये का है। अधिकांश कारोबार बड़े कारोबारियों के पास है लेकिन, तंबाकू के साथ दूसरी वस्तुएं भी हैं। नई नियमावली में इनको सिर्फ तंबाकू का कारोबार करने पर ही लाइसेंस मिलेगा। लाइसेंस जारी न होने पर करोड़ों के कारोबार को झटका लगेगा। उपविधि में लाइसेंसिंग प्रक्रिया भी सरल नहीं है। आवेदन करने के बाद सफाई निरीक्षक दुकानों का स्थलीय परीक्षण करेंगे। उनकी एनओसी के बाद ही यह लाइसेंस जारी हो सकेगा। इन्हीं सब बिंदूओं पर निर्णय न होने से करीब एक माह बाद भी उपविधि पारित कराकर शासन को नहीं भेजी गई है। इसको लेकर फिलहाल मंथन चल रहा है। उधर, महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है सरकार के निर्णय के मुताबिक इसे लागू किया जाएगा। जल्द सदन से पारित कराकर उपविधि शासन को भेज दी जाएगी।
मानने होंगे यह प्रतिबंध
- शिक्षण संस्थान एवं धार्मिक स्थलों के सौ मीटर के दायरे में नहीं खुलेगी दुकानें।
- मॉल आदि के भीतर तंबाकू उत्पादों की नहीं होगी बिक्री।
- दुकानदार के पास अनिवार्य तौर पर आधार होना चाहिए।
- दुकान पर खुली सिगेरट की बिक्री की मनाही रहेगी।
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शासन ने पिछले महीने नगर निगम को उपविधि भेजी थी। इसे निगम सदन से पास कराकर वापस शासन को भेजा जाना है। इसके बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा, लेकिन कई प्रावधानों को लेकर पेच फंसा हुआ है। सबसे बड़ा संकट थोक दुकानदारों को लाइसेंस देने के सवाल पर ही है। झांसी में तंबाकू कारोबार करोड़ों रुपये का है। अधिकांश कारोबार बड़े कारोबारियों के पास है लेकिन, तंबाकू के साथ दूसरी वस्तुएं भी हैं। नई नियमावली में इनको सिर्फ तंबाकू का कारोबार करने पर ही लाइसेंस मिलेगा। लाइसेंस जारी न होने पर करोड़ों के कारोबार को झटका लगेगा। उपविधि में लाइसेंसिंग प्रक्रिया भी सरल नहीं है। आवेदन करने के बाद सफाई निरीक्षक दुकानों का स्थलीय परीक्षण करेंगे। उनकी एनओसी के बाद ही यह लाइसेंस जारी हो सकेगा। इन्हीं सब बिंदूओं पर निर्णय न होने से करीब एक माह बाद भी उपविधि पारित कराकर शासन को नहीं भेजी गई है। इसको लेकर फिलहाल मंथन चल रहा है। उधर, महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है सरकार के निर्णय के मुताबिक इसे लागू किया जाएगा। जल्द सदन से पारित कराकर उपविधि शासन को भेज दी जाएगी।
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मानने होंगे यह प्रतिबंध
- शिक्षण संस्थान एवं धार्मिक स्थलों के सौ मीटर के दायरे में नहीं खुलेगी दुकानें।
- मॉल आदि के भीतर तंबाकू उत्पादों की नहीं होगी बिक्री।
- दुकानदार के पास अनिवार्य तौर पर आधार होना चाहिए।
- दुकान पर खुली सिगेरट की बिक्री की मनाही रहेगी।