फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   school open tomorrow

स्कूल भले ही खुल जाएं, पर अभी हम नहीं भेजेंगे बच्चों को

Mon, 19 Oct 2020 01:48 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Mon, 19 Oct 2020 01:48 AM IST
विज्ञापन
school open tomorrow
demo pic... - फोटो : amar ujala

कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए 17 मार्च को विद्यालय बंद कर दिए गए थे। सात माह की लंबी बंदी के बाद सोमवार से स्कूल खुलने जा रहे हैं। लेकिन, ज्यादातर अभिभावक बच्चों को अभी स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके इसी रुख का नतीजा है कि जिले में संचालित 230 माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ से बारहवीं तक के 88,514 विद्यार्थी हैं, लेकिन इनमें से आठ हजार के अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमति नहीं जताई है।

विज्ञापन


सोमवार से माध्यमिक विद्यालयों में नौ से बारहवीं तक की कक्षाओं का संचालन शुरू होने जा रहा है। तय नियमों के मुताबिक दो पालियों में विद्यालयों का संचालन होगा। पहली पाली में कक्षा 9 व 10 तथा दूसरी पाली में कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। प्रत्येक कक्षा के 50 प्रतिशत छात्रों को बुलाया जाएगा। अगले दिन बाकी 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा।
विज्ञापन


विद्यार्थियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कक्षा में बैठाया जाएगा। सभी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विद्यालयों में सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी। विद्यालयों की ओर से सोमवार से विद्यालय संचालन की तैयारियां की जाती रहीं। स्कूल परिसर सैनिटाइज किए गए। लेकिन, अभिभावक अभी स्कूल खोलने के निर्णय से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि न तो अभी कोरोना खत्म हुआ है और न ही दवाई बनी है, ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। स्कूल खोलने में किसी तरह की जल्दबाजी न की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्कूल खोलना जल्दबाजी में लिया गया गलत निर्णय होगा।
अनुराधा गुप्ता, गोंदू कंपाउंड

न तो अभी कोरोना वायरस खत्म हुआ है और न ही इसकी दवाई बन पाई है। ऐसे में अभी बच्चों को स्कूल न बुलाया जाए।
अनीता चौरसिया, गुदरी मुहल्ला

स्कूल जाने वाले बच्चों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। स्कूल संचालकों को ध्यान देना होगा। क्योंकि, अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है।
रागिनी रावत, शीतल कॉलोनी

तमाम वयस्क भी कोविड सुरक्षा के उपायों में लापरवाही बरतते नजर आते हैं, ऐसे में बच्चों से ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते।
चित्रा वर्मा, आईटीआई के पास

कोरोना वायरस संक्रमण के नए मरीजों का मिलना लगातार जारी है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं हैं।
कमल मल्होत्रा, सीपरी बाजार

पूरे कोरोना काल में बच्चों की घर में भी निगरानी करनी पड़ी। लेकिन, बाहर जाकर बच्चे मनमानी कर सकते हैं, जो खतरनाक है।
कमलेश झा, भैरो खिड़की

कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी तरह से से खत्म नहीं हुआ है और न ही दवाई आई है। ऐसे में स्कूल अभी बंद ही रखे जाने चाहिए।
सौरभ कंचन, बड़ाबाजार

पार्क तक तो अभी खोले नहीं गए हैं और स्कूल खुलने जा रहे हैं। ज्यादातर अभिभावक स्कूल खोलने के सरकार के निर्णय से सहमत नहीं हैं।
- शैलजा अग्रवाल, सिविल लाइन

स्कूल में कक्षा 9 से 12वीं तक के चार सौ बच्चे हैं, लेकिन अभी लगभग चालीस बच्चों के अभिभावकों की ही सहमति आई है। हालांकि, विद्यालय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। कोविड 19 के सुरक्षा उपायों के तहत कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।

- राजीव श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य - एलवीएम इंटर कॉलेज

स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के पूरे उपाय कर लिए गए हैं। इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बच्चों के स्कूल आने पर उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। हालांकि, अभी दस फीसदी बच्चों के अभिभावकों ने ही सहमति जताई है।
- गौरव मिश्रा, डायरेक्टर - हंसराज मॉडर्न स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed