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शताब्दी के लगेजवान ने फंसाया विदेशी पर्यटकों को
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satavdi exprees train
शताब्दी के लगेजवान ने फंसाया विदेशी पर्यटकों को
- जगह नहीं होने से आगरा से नहीं चढ़ सका सामान
- ताज से लाया गया, झांसी में तीन घंटे से अधिक समय तक करना पड़ा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शताब्दी एक्सप्रेस में सवार अमेरिकन ग्रुप का सामान शनिवार को आगरा स्टेशन से नहीं चढ़ पाने के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में ताज एक्सप्रेस से सामान झांसी लाया गया। इस कारण ग्रुप के सदस्य समय पर खजुराहो के लिए रवाना नहीं हो सके, इससे उनमें नाराजगी देखी गई।
अक्तूबर में मौसम की तल्खी कम होते ही बुंदेलखंड के ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए विदेशी मेहमानों का आवागमन शुरू हो गया है। यह सिलसिला अप्रैल तक रहेगा। हर साल अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, जापान, कोरिया, कनाडा, ब्रिटिश, फ्रेंच, ताइवान, ब्राजील, इटली, स्पेनिश, अर्जेंटीना आदि देशों के पर्यटक झांसी आते हैं। यहां से वह बुंदेलखंड के ओरछा और खजुराहो घूमने जाते हैं। अधिकतर विदेशी सैलानी निर्धारित कार्यक्रम के हिसाब से शताब्दी एक्सप्रेस से आगरा से झांसी आते हैं और एक दिन खजुराहो में गुजारने के बाद वापस शताब्दी एक्सप्रेस से लौट जाते हैं। कुछ यात्री एक दिन ओरछा व एक दिन खजुराहो में गुजारने के बाद लौटते हैं। हालांकि, सुविधाओं के अभाव में वे झांसी में नहीं ठहरते हैं। बल्कि, यहां से सीधे ओरछा व खजुराहो के लिए रवाना हो जाते हैं।
शनिवार को आगरा स्टेशन से 15 सदस्यीय अमेरिकन ग्रुप शताब्दी एक्सप्रेस से झांसी आने के लिए सवार हुआ। मगर, ट्रेन के लगेजवान में जगह न होने के कारण उनका सामान नहीं चढ़ सका। सामान न आने के कारण ग्रुप को झांसी में वक्त गुजारना पड़ा। सवा तीन घंटे बाद ताज एक्सप्रेस से लगेज को झांसी लाया जा सका। इस कारण ग्रुप के सदस्य समय पर खजुराहो के लिए रवाना नहीं हो सके, इससे उनमें नाराजगी रही।
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गतिमान बन सकती है विकल्प
टूर ऑपरेटरों का कहना है कि अक्तूबर से अप्रैल तक ही विदेशी पर्यटक झांसी आते हैं। ऐसे में आगरा में सामान छूटने पर यात्री परेशान रहते हैं। चूंकि, आगरा स्टेशन से शताब्दी एक्सप्रेस के बाद गतिमान एक्सप्रेस ही ठीक डेढ़ घंटे के समय अंतराल पर रवाना होती है। जबकि, ताज एक्सप्रेस को झांसी आने में वक्त अधिक लग जाता है। अगर सामान ताज एक्सप्रेस की जगह गतिमान एक्सप्रेस से आने लगे तो परेशानी कम होगी। मालूम हो कि, शताब्दी एक्सप्रेस के झांसी आने का समय सुबह 10.50 बजे और गतिमान एक्सप्रेस का दोपहर 12.25 बजे है।
विदेशी यात्रियों को कोई समस्या न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अभी यह समस्या मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर गतिमान एक्सप्रेस से सामान आ सकता है तो वह इसको जरूर देखेंगे।
संदीप माथुर, मंडल रेल प्रबंधक।
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- जगह नहीं होने से आगरा से नहीं चढ़ सका सामान
- ताज से लाया गया, झांसी में तीन घंटे से अधिक समय तक करना पड़ा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शताब्दी एक्सप्रेस में सवार अमेरिकन ग्रुप का सामान शनिवार को आगरा स्टेशन से नहीं चढ़ पाने के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में ताज एक्सप्रेस से सामान झांसी लाया गया। इस कारण ग्रुप के सदस्य समय पर खजुराहो के लिए रवाना नहीं हो सके, इससे उनमें नाराजगी देखी गई।
अक्तूबर में मौसम की तल्खी कम होते ही बुंदेलखंड के ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए विदेशी मेहमानों का आवागमन शुरू हो गया है। यह सिलसिला अप्रैल तक रहेगा। हर साल अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, जापान, कोरिया, कनाडा, ब्रिटिश, फ्रेंच, ताइवान, ब्राजील, इटली, स्पेनिश, अर्जेंटीना आदि देशों के पर्यटक झांसी आते हैं। यहां से वह बुंदेलखंड के ओरछा और खजुराहो घूमने जाते हैं। अधिकतर विदेशी सैलानी निर्धारित कार्यक्रम के हिसाब से शताब्दी एक्सप्रेस से आगरा से झांसी आते हैं और एक दिन खजुराहो में गुजारने के बाद वापस शताब्दी एक्सप्रेस से लौट जाते हैं। कुछ यात्री एक दिन ओरछा व एक दिन खजुराहो में गुजारने के बाद लौटते हैं। हालांकि, सुविधाओं के अभाव में वे झांसी में नहीं ठहरते हैं। बल्कि, यहां से सीधे ओरछा व खजुराहो के लिए रवाना हो जाते हैं।
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शनिवार को आगरा स्टेशन से 15 सदस्यीय अमेरिकन ग्रुप शताब्दी एक्सप्रेस से झांसी आने के लिए सवार हुआ। मगर, ट्रेन के लगेजवान में जगह न होने के कारण उनका सामान नहीं चढ़ सका। सामान न आने के कारण ग्रुप को झांसी में वक्त गुजारना पड़ा। सवा तीन घंटे बाद ताज एक्सप्रेस से लगेज को झांसी लाया जा सका। इस कारण ग्रुप के सदस्य समय पर खजुराहो के लिए रवाना नहीं हो सके, इससे उनमें नाराजगी रही।
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गतिमान बन सकती है विकल्प
टूर ऑपरेटरों का कहना है कि अक्तूबर से अप्रैल तक ही विदेशी पर्यटक झांसी आते हैं। ऐसे में आगरा में सामान छूटने पर यात्री परेशान रहते हैं। चूंकि, आगरा स्टेशन से शताब्दी एक्सप्रेस के बाद गतिमान एक्सप्रेस ही ठीक डेढ़ घंटे के समय अंतराल पर रवाना होती है। जबकि, ताज एक्सप्रेस को झांसी आने में वक्त अधिक लग जाता है। अगर सामान ताज एक्सप्रेस की जगह गतिमान एक्सप्रेस से आने लगे तो परेशानी कम होगी। मालूम हो कि, शताब्दी एक्सप्रेस के झांसी आने का समय सुबह 10.50 बजे और गतिमान एक्सप्रेस का दोपहर 12.25 बजे है।
विदेशी यात्रियों को कोई समस्या न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अभी यह समस्या मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर गतिमान एक्सप्रेस से सामान आ सकता है तो वह इसको जरूर देखेंगे।
संदीप माथुर, मंडल रेल प्रबंधक।