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यूपीएससी परीक्षा में संपदा का डंका, आई 79वीं रैंक
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झांसी। यूपीएससी की परीक्षा में झांसी की संपदा का डंका बजा है। टॉप-100 मेधावियों में जगह बनाते हुए संपदा ने 79वीं रैंक हासिल की है। चौथी बार परीक्षा देने पर उन्हें ये सफलता मिली है। आगे चलकर वो शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में और सुधार करने के लिए काम करेंगी।
प्रेमगंज निवासी विवाह घर संचालक बृजेश त्रिवेदी की बेटी संपदा शुरू से ही मेधावी रही हैं। 2012 में उन्होंने 95 फीसदी अंकों से हाईस्कूल और 2014 में 88 प्रतिशत से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से 78 प्रतिशत से बीए की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2017-18 में दिल्ली में ही सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए कोचिंग की थी। पहली बार परीक्षा दी मगर सफल नहीं हो सकीं। दूसरी बार की परीक्षा में कुछ अंकों से चयनित होने से रह गईं। तीसरी बार भी चयन नहीं हुआ तो संपदा निराश हो गईं। लगने लगा कि अब यूपीएससी की परीक्षा कभी पास नहीं कर पाएंगी। तब पिता ने बेटी का हौसला बढ़ाया। इस बार चौथी दफा संपदा ने यूपीएससी की परीक्षा दी। सोमवार को जब परीक्षा परिणाम आया तो संपदा खुशी से झूम उठीं। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि टॉप 100 में उनकी रैंक आई है। सबसे पहले अपने पिता को ये खुशखबरी बताई। फिर मां और परिवार के अन्य लोगों को जानकारी दी। दिनभर रिश्तेदार और परिचित फोन कर और घर पहुंचकर उन्हें बधाई देते रहे।
तैयारी कर रहे छात्रों को ये टिप्स दिए
संपदा रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने बताया कि खुद के नोट्स भी तैयार किए। इससे परीक्षा के दौरान अच्छे से रिवीजन करने का मौका मिल गया। उन्होंने कहा कि यूपीएससी का सिलेबस डाउनलोड करें। इससे विद्यार्थियों को पता चल जाएगा कि क्या पढ़ना है और क्या नहीं। उत्तर लिखने की प्रैक्टिस भी लगातार करते रहें। इससे फायदा होगा।
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प्रेमगंज निवासी विवाह घर संचालक बृजेश त्रिवेदी की बेटी संपदा शुरू से ही मेधावी रही हैं। 2012 में उन्होंने 95 फीसदी अंकों से हाईस्कूल और 2014 में 88 प्रतिशत से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से 78 प्रतिशत से बीए की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2017-18 में दिल्ली में ही सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए कोचिंग की थी। पहली बार परीक्षा दी मगर सफल नहीं हो सकीं। दूसरी बार की परीक्षा में कुछ अंकों से चयनित होने से रह गईं। तीसरी बार भी चयन नहीं हुआ तो संपदा निराश हो गईं। लगने लगा कि अब यूपीएससी की परीक्षा कभी पास नहीं कर पाएंगी। तब पिता ने बेटी का हौसला बढ़ाया। इस बार चौथी दफा संपदा ने यूपीएससी की परीक्षा दी। सोमवार को जब परीक्षा परिणाम आया तो संपदा खुशी से झूम उठीं। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि टॉप 100 में उनकी रैंक आई है। सबसे पहले अपने पिता को ये खुशखबरी बताई। फिर मां और परिवार के अन्य लोगों को जानकारी दी। दिनभर रिश्तेदार और परिचित फोन कर और घर पहुंचकर उन्हें बधाई देते रहे।
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तैयारी कर रहे छात्रों को ये टिप्स दिए
संपदा रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने बताया कि खुद के नोट्स भी तैयार किए। इससे परीक्षा के दौरान अच्छे से रिवीजन करने का मौका मिल गया। उन्होंने कहा कि यूपीएससी का सिलेबस डाउनलोड करें। इससे विद्यार्थियों को पता चल जाएगा कि क्या पढ़ना है और क्या नहीं। उत्तर लिखने की प्रैक्टिस भी लगातार करते रहें। इससे फायदा होगा।
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