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Jhansi News: अपनी गलती से अटकी 55 हजार किसानों की सम्मान निधि
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। सोमवार को जनपद के दो लाख से अधिक किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ मिला। वहीं, अभी भी जनपद के 55 हजार किसान अपनी गलती से इस योजना का फायदा पाने से वंचित हैं। इनमें अधिकांश ने ई-केवाईसी नहीं कराया तो कई और भी खामियां रहने पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में इन किसानों को मिलने वाली करीब 11 करोड़ रुपये की धनराशि अभी बाकी है। सोमवार को विकास भवन में 2,08,622 किसानों के खातों में 41 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए थे। वहीं, 55 हजार किसान ऐसे भी हैं, जो सम्मान निधि के पात्र तो हैं पर उनके आवेदनों में कहीं न कहीं कोई खामी है। इस संबंध में डीडी कृषि महेंद्र पाल ने बताया कि गरौठा तहसील में 12 हजार, झांसी तहसील में 10,500, मऊरानीपुर तहसील में 13,500, मोंठ में 12,500 और टहरौली में 6,500 किसानों को इस बार योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि उन किसानों की किस्त अटकी है जिन्होंने आवेदन फॉर्म में गलती की है। जैसे - फॉर्म में नाम, आधार नंबर और बैंक खाते की जानकारी जैसी कोई अन्य चीज गलत भरी गई हो। दूसरी वजह यह है कि कई किसानों ने ई-केवाईसी नहीं करवाया है। तीसरी वजह यह हो सकती है कि किसान योजना से नये जुड़े हो या फिर पुराने हैं, लेकिन अगर उन्होंने भू-सत्यापन नहीं करवाया है तो किस्त अटक सकती है। वहीं, चौथी वजह है कि कई किसानों ने अभी तक आधार लिंकिंग का काम नहीं करवाया है। कहा कि इन समस्याओं को दूर करने के बाद ही इन किसानों को योजना का फायदा मिल सकेगा।थ
झांसी। सोमवार को जनपद के दो लाख से अधिक किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ मिला। वहीं, अभी भी जनपद के 55 हजार किसान अपनी गलती से इस योजना का फायदा पाने से वंचित हैं। इनमें अधिकांश ने ई-केवाईसी नहीं कराया तो कई और भी खामियां रहने पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में इन किसानों को मिलने वाली करीब 11 करोड़ रुपये की धनराशि अभी बाकी है। सोमवार को विकास भवन में 2,08,622 किसानों के खातों में 41 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए थे। वहीं, 55 हजार किसान ऐसे भी हैं, जो सम्मान निधि के पात्र तो हैं पर उनके आवेदनों में कहीं न कहीं कोई खामी है। इस संबंध में डीडी कृषि महेंद्र पाल ने बताया कि गरौठा तहसील में 12 हजार, झांसी तहसील में 10,500, मऊरानीपुर तहसील में 13,500, मोंठ में 12,500 और टहरौली में 6,500 किसानों को इस बार योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि उन किसानों की किस्त अटकी है जिन्होंने आवेदन फॉर्म में गलती की है। जैसे - फॉर्म में नाम, आधार नंबर और बैंक खाते की जानकारी जैसी कोई अन्य चीज गलत भरी गई हो। दूसरी वजह यह है कि कई किसानों ने ई-केवाईसी नहीं करवाया है। तीसरी वजह यह हो सकती है कि किसान योजना से नये जुड़े हो या फिर पुराने हैं, लेकिन अगर उन्होंने भू-सत्यापन नहीं करवाया है तो किस्त अटक सकती है। वहीं, चौथी वजह है कि कई किसानों ने अभी तक आधार लिंकिंग का काम नहीं करवाया है। कहा कि इन समस्याओं को दूर करने के बाद ही इन किसानों को योजना का फायदा मिल सकेगा।थ