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चतुर्थ श्रेणी कर्मी को मुख्य अतिथि बनाकर दिया समरसता का संदेश
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झांसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में समरसता दिवस मनाया गया। आईटीएचएम में हुई संगोष्ठी में पत्रकारिता विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वीरेंद्र अहिरवार को मुख्य अतिथि बनाकर समरसता का संदेश दिया गया। इस दौरान वीरेंद्र ने कहा कि आंबेडकर ने न सिर्फ दलित उत्थान के लिए कार्य किया, बल्कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए अपना जीवन संघर्ष में बिता दिया।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. देवेश निगम ने कहा कि भीमराव आंबेडकर का जीवन अपने आप में एक दर्शन है। कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक अड़चनों को दूर करते हुए उन्होंने जो सफलता अर्जित की है, वो प्रत्येक छात्र के लिए अनुकरणीय है। आईटीएचएम विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि बाबा साहेब ने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ अपना जीवन बल्कि समस्त दलित समाज के जीवन में भी परिवर्तन ला दिया। डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी ने कहा कि भारत की संस्कृति में कहीं भी जातिगत व्यवस्था देखने को नहीं मिलती है। इस दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें पुष्पेंद्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्नेहा सोनी दूसरे, गंभीर प्रताप सिंह तीसरे, प्रियांशु शंखवार चौथे स्थान पर रहे। कार्यक्रम में आशुतोष मिश्रा, समरेंद्र प्रताप, उमेश शुक्ला, राघवेंद्र दीक्षित, जय सिंह, अभिषेक कुमार मौजूद रहे।
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छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. देवेश निगम ने कहा कि भीमराव आंबेडकर का जीवन अपने आप में एक दर्शन है। कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक अड़चनों को दूर करते हुए उन्होंने जो सफलता अर्जित की है, वो प्रत्येक छात्र के लिए अनुकरणीय है। आईटीएचएम विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि बाबा साहेब ने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ अपना जीवन बल्कि समस्त दलित समाज के जीवन में भी परिवर्तन ला दिया। डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी ने कहा कि भारत की संस्कृति में कहीं भी जातिगत व्यवस्था देखने को नहीं मिलती है। इस दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें पुष्पेंद्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्नेहा सोनी दूसरे, गंभीर प्रताप सिंह तीसरे, प्रियांशु शंखवार चौथे स्थान पर रहे। कार्यक्रम में आशुतोष मिश्रा, समरेंद्र प्रताप, उमेश शुक्ला, राघवेंद्र दीक्षित, जय सिंह, अभिषेक कुमार मौजूद रहे।
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