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सहकारी भूमि विकास बैंक में छिड़ा चुनावी घमासान
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झांसी। सहकारी ग्राम भूमि विकास बैंक के शाखा प्रतिनिधियों के लिए चुनावी घमासान छिड़ गया है। चार पदों के लिए कुल आठ उम्मीदवारों ने नामाकंन दाखिल कर दिया। जांच के बाद इनमें से एक को छोड़कर सभी के नामांकन वैध पाए गए। शुक्रवार को नाम वापसी के बाद चुनावी तस्वीर साफ हो जाएगी। मतदान की दशा में एक सितंबर को वोट डाला जाएगा।
चेयरमैन की कुर्सी के लिए दावेदारी को देखते हुए सियासी दलों के लिए यह शाखा प्रतिनिधियों का चुनाव काफी अहम हो गया है। अधिक से अधिक प्रतिनिधि बनाने के लिए सियासी दलों ने अपने-अपने हिसाब से उम्मीदवार उतारे हैं। बुधवार से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया में झांसी से जगत सिंह निवासी मानपुर, गरौठा से सत्येंद्र कुमार खरे एवं लल्लू सिंह, मऊरानीपुर से देवेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह एवं मोंठ से सबसे अधिक तीन शत्रुघ्न सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह एवं हरीशंकर ने उम्मीदवारी जताई।
गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई। इनमें जगत सिंह, सत्येंद्र खरे, लल्लू सिंह, देवेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह, शत्रुघ्न सिंह एवं हरीशंकर के नामांकन पर्चा वैध पाया गया जबकि ज्ञानेंद्र सिंह का पर्चा अवैध होने पर खारिज कर दिया गया। इस तरह झांसी से जगत सिंह का निर्विरोध चुना जाना तकरीबन तय हो गया वहीं, अब सभी सीटों में दो उम्मीदवार मैदान में बचे। इन तीनों सीटों पर चुनाव की नौबत आने पर उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबाला होगा हालंकि अभी शुक्रवार का दिन नाम वापसी के लिए बाकी है। किसी उम्मीदवार के नाम वापस न लेने पर एक सितंबर को चुनाव कराया जाएगा।
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शाखावार मतदाताओे की संख्या
झांसी- 2887
गरौठा- 1260
मऊरानीपुर- 6588
मोंठ- 1463
कुल- 12198
बुंदेलखंड के पाए पर खड़ी होगी सभापति की कुर्सी
शाखा प्रतिनिधियों के चुनाव के संग सभापति की कुर्सी पर भी सभी सियासी दलों ने निगाहें गड़ा रखी है। इसके रुतबे का इससे ही अंदाजा लगा सकते हैं कि पूर्व काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इसके जरिए अपनी सियासी पारी शुरू की और आज भी बैंक के वह सभापति हैं। झांसी मंडल से 11 समेत बुंदेलखंड से दो दर्जन प्रतिनिधि चुने जाते हैं। ऐसे में तय है कि सभापति की कुर्सी में बैठने के लिए बुंदेलखंड की मदद लेनी होगी। निवर्तमान सभापति शिवपाल यादव ने अपनी दावेदारी मजबूत बनाने के लिए बुंदेलखंड से उम्मीदवार उतारे हैं। राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव के भाई शिशुपाल सिंह उरई से चुनावी मैदान में हालांकि उनको वहां तीन अन्य उम्मीदवारों से तगड़ी टक्कर मिल रही है। इसी तरह अन्य शाखाओं से भी उम्मीदवार उतारे गए हैं। उधर, शिवपाल से कुर्सी हथियाने के लिए भाजपा ने भी मोर्चाबंदी की हुई है।
तालबेहट, उरई एवं कोंच में सर्वाधिक उम्मीदवार
सहकारी ग्राम विकास बैंक के चुनाव में मंडल में सर्वाधिक चार-चार उम्मीदवारों ने तालबेहट, उरई एवं कोंच शाखा में नामांकन किया है। ललितपुर से महेश कुमार, महरौनी से जयेंद्र सिंह, तालबेहट से उमाशंकर, मनोहर, प्रभात, श्रीमती रामवती, उरई से शिशुपाल सिंह, प्रताप सिंह, हरपाल सिंह एवं रामजी सहाय ने नामांकन किया। इसी तरह कालपी से राजन सिंह, कोंच से राजेंद्र प्रसाद, अवध बिहारी, श्याम किशोर, प्रतिपाल सिंह एवं जालौन से उपेंद्र सिंह ने नामांकन दाखिल किया।
मंडल में पांच का निर्विरोध चुना जाता तय
मंडल में पांच शाखाओं से उम्मीदवारों का र्निविरोध चुना जाता तकरीबन तय है। झांसी, ललितपुर, महरौनी, कालपी एवं जालौन शाखाओं में सिर्फ एक-एक उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया है। इन सभी का निर्विरोध निर्वाचित होना करीब तय है।
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चेयरमैन की कुर्सी के लिए दावेदारी को देखते हुए सियासी दलों के लिए यह शाखा प्रतिनिधियों का चुनाव काफी अहम हो गया है। अधिक से अधिक प्रतिनिधि बनाने के लिए सियासी दलों ने अपने-अपने हिसाब से उम्मीदवार उतारे हैं। बुधवार से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया में झांसी से जगत सिंह निवासी मानपुर, गरौठा से सत्येंद्र कुमार खरे एवं लल्लू सिंह, मऊरानीपुर से देवेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह एवं मोंठ से सबसे अधिक तीन शत्रुघ्न सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह एवं हरीशंकर ने उम्मीदवारी जताई।
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गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई। इनमें जगत सिंह, सत्येंद्र खरे, लल्लू सिंह, देवेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह, शत्रुघ्न सिंह एवं हरीशंकर के नामांकन पर्चा वैध पाया गया जबकि ज्ञानेंद्र सिंह का पर्चा अवैध होने पर खारिज कर दिया गया। इस तरह झांसी से जगत सिंह का निर्विरोध चुना जाना तकरीबन तय हो गया वहीं, अब सभी सीटों में दो उम्मीदवार मैदान में बचे। इन तीनों सीटों पर चुनाव की नौबत आने पर उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबाला होगा हालंकि अभी शुक्रवार का दिन नाम वापसी के लिए बाकी है। किसी उम्मीदवार के नाम वापस न लेने पर एक सितंबर को चुनाव कराया जाएगा।
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शाखावार मतदाताओे की संख्या
झांसी- 2887
गरौठा- 1260
मऊरानीपुर- 6588
मोंठ- 1463
कुल- 12198
बुंदेलखंड के पाए पर खड़ी होगी सभापति की कुर्सी
शाखा प्रतिनिधियों के चुनाव के संग सभापति की कुर्सी पर भी सभी सियासी दलों ने निगाहें गड़ा रखी है। इसके रुतबे का इससे ही अंदाजा लगा सकते हैं कि पूर्व काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इसके जरिए अपनी सियासी पारी शुरू की और आज भी बैंक के वह सभापति हैं। झांसी मंडल से 11 समेत बुंदेलखंड से दो दर्जन प्रतिनिधि चुने जाते हैं। ऐसे में तय है कि सभापति की कुर्सी में बैठने के लिए बुंदेलखंड की मदद लेनी होगी। निवर्तमान सभापति शिवपाल यादव ने अपनी दावेदारी मजबूत बनाने के लिए बुंदेलखंड से उम्मीदवार उतारे हैं। राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव के भाई शिशुपाल सिंह उरई से चुनावी मैदान में हालांकि उनको वहां तीन अन्य उम्मीदवारों से तगड़ी टक्कर मिल रही है। इसी तरह अन्य शाखाओं से भी उम्मीदवार उतारे गए हैं। उधर, शिवपाल से कुर्सी हथियाने के लिए भाजपा ने भी मोर्चाबंदी की हुई है।
तालबेहट, उरई एवं कोंच में सर्वाधिक उम्मीदवार
सहकारी ग्राम विकास बैंक के चुनाव में मंडल में सर्वाधिक चार-चार उम्मीदवारों ने तालबेहट, उरई एवं कोंच शाखा में नामांकन किया है। ललितपुर से महेश कुमार, महरौनी से जयेंद्र सिंह, तालबेहट से उमाशंकर, मनोहर, प्रभात, श्रीमती रामवती, उरई से शिशुपाल सिंह, प्रताप सिंह, हरपाल सिंह एवं रामजी सहाय ने नामांकन किया। इसी तरह कालपी से राजन सिंह, कोंच से राजेंद्र प्रसाद, अवध बिहारी, श्याम किशोर, प्रतिपाल सिंह एवं जालौन से उपेंद्र सिंह ने नामांकन दाखिल किया।
मंडल में पांच का निर्विरोध चुना जाता तय
मंडल में पांच शाखाओं से उम्मीदवारों का र्निविरोध चुना जाता तकरीबन तय है। झांसी, ललितपुर, महरौनी, कालपी एवं जालौन शाखाओं में सिर्फ एक-एक उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया है। इन सभी का निर्विरोध निर्वाचित होना करीब तय है।