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सफाई कर्मचारियों ने नालों में उतरकर किया प्रदर्शन
amarujala
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:23 AM IST
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prdrsan, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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महानगर के नालों की सफाई करने वाले नगर निगम के नाला गैंग के कर्मचारियों ने मंगलवार को नालों में उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि साल में सिर्फ दो-तीन महीने के लिए ही काम दिया जाता है। इसके बाद वह फिर बेरोजगार हो जाते हैं। प्रदर्शन के जरिये उन्होंने नगर निगम से साल भर रोजगार का प्रबंध किए जाने की मांग की।
सुबह नाला गैंग के तमाम कर्मचारी रानीमहल इलाके के नाले पर पहुंचे। यहां साल भर रोजगार देने की मांग करते हुए वे नाले में उतर गए। गंदगी के बीच खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इसी तरह अन्य कर्मचारी छनियापुरा नाले में उतर गए। नाला गैंग कर्मचारियों का प्रदर्शन शाम तक लगातार जारी रहा। उनका कहना था कि नालों की सफाई के लिए उन्हें सिर्फ दो-तीन महीने के लिए ही रखा जाता है। इसके एवज में उन्हें 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पारिश्रमिक दिया जाता है, जो काफी कम है। सफाई का काम करने की वजह से अन्य काम भी उन्हें आसानी से नहीं मिलते हैं।
ऐसे में उनके समक्ष साल भर आर्थिक संकट बना रहता है। कर्मचारियों ने नगर निगम से साल के बारहों महीनों में रोजगार का स्थायी रूप से प्रबंध किए जाने की मांग की।
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इस दौरान पूर्व विधायक बृजेंद्र व्यास, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन समेत अन्य कांग्रेसी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंच गए। शाम को अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को वार्ता कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म किया।
स्थायी करने का नहीं है नियम
नालों की सफाई के लिए नाला गैंग के कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। सफाई कार्य जारी रहने के दौरान ही इन्हें रखने का प्रावधान है। स्थायी करने का कोई नियम नहीं है।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
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सुबह नाला गैंग के तमाम कर्मचारी रानीमहल इलाके के नाले पर पहुंचे। यहां साल भर रोजगार देने की मांग करते हुए वे नाले में उतर गए। गंदगी के बीच खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इसी तरह अन्य कर्मचारी छनियापुरा नाले में उतर गए। नाला गैंग कर्मचारियों का प्रदर्शन शाम तक लगातार जारी रहा। उनका कहना था कि नालों की सफाई के लिए उन्हें सिर्फ दो-तीन महीने के लिए ही रखा जाता है। इसके एवज में उन्हें 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पारिश्रमिक दिया जाता है, जो काफी कम है। सफाई का काम करने की वजह से अन्य काम भी उन्हें आसानी से नहीं मिलते हैं।
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ऐसे में उनके समक्ष साल भर आर्थिक संकट बना रहता है। कर्मचारियों ने नगर निगम से साल के बारहों महीनों में रोजगार का स्थायी रूप से प्रबंध किए जाने की मांग की।
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इस दौरान पूर्व विधायक बृजेंद्र व्यास, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन समेत अन्य कांग्रेसी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंच गए। शाम को अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को वार्ता कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म किया।
स्थायी करने का नहीं है नियम
नालों की सफाई के लिए नाला गैंग के कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। सफाई कार्य जारी रहने के दौरान ही इन्हें रखने का प्रावधान है। स्थायी करने का कोई नियम नहीं है।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त