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रोजेदारों ने घरों को ही बनाया इबादतगाह

Thu, 22 Apr 2021 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Apr 2021 01:52 AM IST
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roza ifthhaar
झांसी। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के चलते मस्जिदों में पांच से अधिक नमाजियों की मौजूदगी पर पाबंदी लगा दी गई है। जिसके चलते लोग घरों में ही रहकर इबादत कर रहे हैं।
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माहे रमजान का पाक महीना इबादतों का महीना कहा जाता है इस माह में लोग रोजे रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इस पाक महीने में सवाब का दर्जा सत्तर गुना अधिक होने के कारण हर कोई अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत में गुजारना पसंद करता है। लेकिन पिछले साल की तरह इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसारने लगा है जिससे रोजाना कोरोना संक्रमित मरीजों में इजाफा हो रहा है। जिसके चलते सरकार ने सभी धार्मिक स्थलों पर पांच से अधिक लोगों को इबादत करने पर पाबंदी लगा दी है। पाबंदियों के बीच लोगों ने अब घरों को ही इबादतगाहों में तब्दील कर लिया है। रोजेदार घरों में एक कमरे को इबादतगाह का दर्जा देकर उसी कमरे में लोग नमाजों को अदा करने के साथ ही कुराने पाक की तिलावत कर रहे हैं।
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इस संबंध में मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि रमजान का पाक महीना इबादतों का महीना होता है। इस माह में शैतान को कैद कर दोजख के दरवाजों को बंद कर दिया जाता हैैैै। अल्लाह के इबादत कही से भी की जा सकती है। अल्लाह पाक सिर्फ नियत देखते हैं।
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