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बोर्ड परीक्षा : कक्ष निरीक्षक नहीं बन सकेंगे फर्जी शिक्षक
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झांसी। यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक और मूल्यांकन में फर्जी शिक्षक नहीं लगाए जा सकेंगे। बोर्ड ने सभी विद्यालयों से शिक्षकों की अर्हता के साथ प्रमाणित सूची मांगी है। इस सूची को बोर्ड की वेबसाइट पर 22 मार्च तक मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। सूची के आधार पर ही शिक्षक कक्ष निरीक्षक बनाए जाएंगे।
बोर्ड परीक्षाआें में कक्ष निरीक्षक और मूल्यांकन के दौरान कई बार अनर्ह शिक्षकों को दायित्व सौंप दिया जाता है। इसे लेकर कई बार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा। बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी डीआईओएस ने राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों की सूची शैक्षिक विवरणों के साथ मांगी है। बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के आवेदनों के दौरान भी शिक्षकों का डाटा मांगा था। अब फिर से विद्यालयों से प्रधानाचार्यों द्वारा प्रमाणित सूची मांगी गई है। प्रधानाचार्यों को 20 मार्च तक सूची जमा करने के लिए डीआईओएस ने निर्देश दिए हैं।
बताया जाता है कि बोर्ड परीक्षाओं में मूल्यांकन और कक्ष निरीक्षक की नियुक्ति में योग्य शिक्षकों की तैनाती करने के लिए दोबारा सूची अपडेट कराई गई है। निर्देशों में कहा गया है कि सूची में किसी भी शिक्षणेत्तर कर्मचारी और अनर्ह अध्यापक का नाम नहीं दिया जाएगा। साथ ही स्कूल छोड़कर जा चुके शिक्षकों के नाम नहीं दिए जाएंगे। डीआईओएस कोमल सिंह यादव ने बताया कि बोर्ड ने शिक्षकों की दोबारा सूची मांगी है। इसे लेकर प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं।
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प्री बोर्ड को लेकर शुरू हुई तैयारी
झांसी। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्कूलों में प्री बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्कूलों ने विद्यार्थियों को परीक्षा कार्यक्रम दे दिया है। साथ ही परीक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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बोर्ड परीक्षाआें में कक्ष निरीक्षक और मूल्यांकन के दौरान कई बार अनर्ह शिक्षकों को दायित्व सौंप दिया जाता है। इसे लेकर कई बार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा। बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी डीआईओएस ने राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों की सूची शैक्षिक विवरणों के साथ मांगी है। बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के आवेदनों के दौरान भी शिक्षकों का डाटा मांगा था। अब फिर से विद्यालयों से प्रधानाचार्यों द्वारा प्रमाणित सूची मांगी गई है। प्रधानाचार्यों को 20 मार्च तक सूची जमा करने के लिए डीआईओएस ने निर्देश दिए हैं।
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बताया जाता है कि बोर्ड परीक्षाओं में मूल्यांकन और कक्ष निरीक्षक की नियुक्ति में योग्य शिक्षकों की तैनाती करने के लिए दोबारा सूची अपडेट कराई गई है। निर्देशों में कहा गया है कि सूची में किसी भी शिक्षणेत्तर कर्मचारी और अनर्ह अध्यापक का नाम नहीं दिया जाएगा। साथ ही स्कूल छोड़कर जा चुके शिक्षकों के नाम नहीं दिए जाएंगे। डीआईओएस कोमल सिंह यादव ने बताया कि बोर्ड ने शिक्षकों की दोबारा सूची मांगी है। इसे लेकर प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं।
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प्री बोर्ड को लेकर शुरू हुई तैयारी
झांसी। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्कूलों में प्री बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्कूलों ने विद्यार्थियों को परीक्षा कार्यक्रम दे दिया है। साथ ही परीक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।