फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Roofs are dripping in the rain, the floors are also broken in the houses

बरसात में छतों से टपकता है पानी, टूटी पड़ी हैं फर्श भी

Sun, 11 Jul 2021 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 01:15 AM IST
विज्ञापन
Roofs are dripping in the rain, the floors are also broken in the houses
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे की पश्चिमी रेलवे कॉलोनी में बने आवासों का बुरा हाल है। आलम यह है कि आवास इस कदर जर्जर हो चुके हैं कि बरसात में छतें टपकती हैं। फर्श तक टूट चुके हैं। इसके अलावा यहां नियमित सफाई न होने से रेल कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

रेलकर्मियों ने बताया कि शिकायत किए जाने पर मरम्मत तक नहीं की जाती। कॉलोनी में बनी नालियां धंस गई हैं, जिससे क्वार्टरों के पीछे से निकलना तक मुश्किल है। कचरे के डिब्बे नहीं रखे होने से जगह- जगह कूड़ा फैला रहता है। यहां न तो आईओडब्लू रेलकर्मियों की शिकायतों का निस्तारण करते हैं और न ही सीएचआई सफाई व्यवस्था पर ध्यान दे रहे हैं।
विज्ञापन

रेल आवास में लगा पेड़ जर्जर हो चुका है। आईओडब्लू के यहां शिकायती पत्र दिया, लेकिन अब तक पेड़ नहीं कटवाया गया। पेड़ गिरने से परिवार के लोग घायल हुए तो इसकी जिम्मेदारी आईओडब्लू की होगी। - कैलाश, रेलकर्मी
विज्ञापन
विज्ञापन

नालियों में गंदा पानी जमा है। सफाई नहीं होने से उसमें से दुर्गंध उठ रही है। वातावरण दूषित हो चुका है। संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। सफाई नहीं हुई तो कॉलोनी वासी बीमार पड़ सकते हैं। विनोद कुमार, रेलकर्मी
पूरी कॉलोनी में कहीं भी कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं होेने खुले में कचरा फेंकना पड़ता है। सफाई कर्मी दो- तीन दिनों के बाद ही आकर कचरा उठा ले जाते हैं। रेल प्रशासन को चाहिए कि कूड़ेदान की व्यवस्था करे और रोजाना सफाई की व्यवस्था करे। श्रीकृष्ण, रेलकर्मी
बारिश होते ही आवास की छतों से पानी गिरने लगता है। शिकायतों के बावजूद निस्तारण नहीं किया जाता। बगल का आवास पूरी तरह जर्जर हो चुका है। खुद से मरम्मत कराकर आवास में रहना हमारी विवशता है। मनीष यादव, रेलकर्मी
रेल आवासों के फर्श तक टूट चुके हैं। शिकायतों के बाद भी विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं देते। छतें जर्जर हैं। किचन में काम करते वक्त हमेशा सीलिंग के टूटने का खतरा बना रहता है। प्रीति
नालियां जाम पड़ी हैं। सफाई कभी नहीं होती। इससे टूटी नालियों में पानी जमा होकर दुर्गंध दे रहा है। शीघ्र सफाई नहीं कराए जाने पर मलेरिया, टाइफाइड फैलने की आशंका है। मुस्कान
आवासों की समस्या से संबंधित कोई शिकायती पत्र नहीं आया है। रेलकर्मियों के जो शिकायती पत्र मिलते हैं उनका निस्तारण किया जा रहा है। पेड़ काटने की शिकायत नहीं मिली है, फिर भी सोमवार को कॉलोनी का निरीक्षण कर पेड़ों को कटवा दिया जाएगा। एसके सिंह, आईओडब्लू

नालियां पूरी तरह टूट चुकी हैं जिनसे गंदे पानी की निकासी संभव नहीं है। सफाई रोजाना कराई जाती है लेकिन गंदगी में आवारा जानवरों के बैठने से गंदगी फैल जाती है। नालियों में पड़े कचरे प्रतिदिन निकाले जाते हैं। शैलेंद्र संज्ञा, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed