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सड़क खोद कर भूल गए जिम्मेदार, राहगीरों के साथ अत्याचार
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झांसी। महानगर के कई इलाकों में पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए सड़कों को खोदा गया, लेकिन जिम्मेदार सड़कों को खोदने के बाद बनाना भूल गए। इसके चलते लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन नगर निगम में शिकायतें पहुंचने के बाद निर्माण विभाग ने जल निगम को पत्र लिखकर सड़कों को ठीक कराने के लिए कहा है।
दरअसल, महानगर के मसीहागंज, गुमनावारा, सीपरी बाजार, मेडिकल कॉलेज, करगुवां में जल निगम ने पेयजल पाइपलाइन डाली हैं। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जल निगम ने नगर निगम से अनुमति ली थी। जिसमें यह जिक्र किया था कि सड़क को पाइपलाइन डालने के बाद पहले जैसा किया जाएगा। लेकिन कई जगहों पर पाइपलाइन डालने के बाद सड़क बनाई ही नहीं गई हैं। बस मिट्टी डालकर पाइपलाइन दबा दी गई है। वहीं नगर निगम में आए दिन सड़कों की दुर्दशा को लेकर शिकायतें पहुंच रही हैं। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो महानगर में करीब 60 से अधिक सड़केें तोड़ी गईं, जिन्हें दोबारा सही नहीं किया गया। इसे लेकर निर्माण विभाग ने चीफ इंजीनियर एलएन सिंह ने जल निगम को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि सड़कों को पुराने स्वरूप में बदला जाए। इसके लिए ठेकेदार को निर्देशित करें। सड़कों का निर्माण न कराने पर अर्थदंड लगाया जाएगा।
तोड़े गए स्थान को ही भरते हैं ठेकेदार
निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन या केबल डालने के लिए सड़क तोड़ने के बाद ठेकेदार उतना ही स्थान भरवाते हैं। जबकि उस स्थान के आसपास की मिट्टी भी खिसकती है। ऐसे में सड़कें जल्दी खराब हो जाती हैं। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन डल जाने के बाद सड़कों की जांच कराई जाएगी।
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दरअसल, महानगर के मसीहागंज, गुमनावारा, सीपरी बाजार, मेडिकल कॉलेज, करगुवां में जल निगम ने पेयजल पाइपलाइन डाली हैं। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जल निगम ने नगर निगम से अनुमति ली थी। जिसमें यह जिक्र किया था कि सड़क को पाइपलाइन डालने के बाद पहले जैसा किया जाएगा। लेकिन कई जगहों पर पाइपलाइन डालने के बाद सड़क बनाई ही नहीं गई हैं। बस मिट्टी डालकर पाइपलाइन दबा दी गई है। वहीं नगर निगम में आए दिन सड़कों की दुर्दशा को लेकर शिकायतें पहुंच रही हैं। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो महानगर में करीब 60 से अधिक सड़केें तोड़ी गईं, जिन्हें दोबारा सही नहीं किया गया। इसे लेकर निर्माण विभाग ने चीफ इंजीनियर एलएन सिंह ने जल निगम को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि सड़कों को पुराने स्वरूप में बदला जाए। इसके लिए ठेकेदार को निर्देशित करें। सड़कों का निर्माण न कराने पर अर्थदंड लगाया जाएगा।
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तोड़े गए स्थान को ही भरते हैं ठेकेदार
निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन या केबल डालने के लिए सड़क तोड़ने के बाद ठेकेदार उतना ही स्थान भरवाते हैं। जबकि उस स्थान के आसपास की मिट्टी भी खिसकती है। ऐसे में सड़कें जल्दी खराब हो जाती हैं। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन डल जाने के बाद सड़कों की जांच कराई जाएगी।
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