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दूल्हे समेत चार की मौत: बंद हो गया डीजे, थम गई ढोलक की थाप...मंगल गीतों के बीच गूंजी चीत्कार; बेसुध हुई दुल्हन
Sun, 12 May 2024 03:21 PM IST
शाहरुख खान
हिमांशु पांडेय, अमर उजाला, झांसी
हिमांशु पांडेय, अमर उजाला, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 12 May 2024 03:21 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में दर्दनाक हादसा हुआ है। झांसी-कानपुर हाईवे पर डीसीएम और कार की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। कार सवार में सवार दूल्हे समेत चार लोगों की मौत हो गई।
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Road Accident in Jhansi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गांव भर में अंजू की शादी की रौनक थी। घर में मंगल गीत गूंज रहे थे। महिलाएं शादी के गीतों पर थिरक रहीं थीं तो वहीं गांव के युवा डीजे पर धमाल मचा रहे थे। दुल्हन खुशनुमा जिंदगी के ख्वाब सजाए बेसब्री से दूल्हे का इंतजार कर रही थी। शुक्रवार रात 10 बजे तक कुछ बराती पहुंच भी गए थे। मगर दूल्हे का इंतजार हो रहा था।
मगर जब खबर आई कि दूल्हे की कार में आग लग गई है तो दुल्हन की सारी खुशी काफूर हो गई। वह बेसुध हो गई। वहीं घर में ढोलक की थाप पर थिरक रहे कदम थम गए, डीजे बंद हो गया और आतिशबाजी रुक गई। गांव में सन्नाटा पसर गया। परिजन और ग्रामीण गांव से करीब 12 किलोमीटर दूर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
दुल्हन के चाचा मुन्नालाल ने बताया कि अंजू की शादी के लिए गांव भर में सजावट की गई थी। बरात के ठहरने का इंतजाम गांव के स्कूल में किया गया था। यहां डीजे लगाया गया था। शाम से ही डीजे पर गांव के युवा नाचने लगे थे। घर के बाहर खाने का इंतजाम किया गया और अंदर मंडप सजा था। बरात को रात करीब 9:30 बजे तक छपरा पहुंचना था।
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10 बजे तक पांच गाड़ियों से कुछ बराती पहुंच भी गए। परिजन और गांव के सभी लोग दूल्हे के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दूल्हे के आने में देरी होने के कारण खाना शुरू करा दिया गया। गांव के ही दिनेश ने बताया कि दूल्हे को आने में देर होने लगी तब मुन्ना ने दूल्हे के भाई आशीष से बात की तो पता चला कि चिरगांव में जयमाला तलाशने में देर हो रही है।
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मगर जब खबर आई कि दूल्हे की कार में आग लग गई है तो दुल्हन की सारी खुशी काफूर हो गई। वह बेसुध हो गई। वहीं घर में ढोलक की थाप पर थिरक रहे कदम थम गए, डीजे बंद हो गया और आतिशबाजी रुक गई। गांव में सन्नाटा पसर गया। परिजन और ग्रामीण गांव से करीब 12 किलोमीटर दूर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
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दुल्हन के चाचा मुन्नालाल ने बताया कि अंजू की शादी के लिए गांव भर में सजावट की गई थी। बरात के ठहरने का इंतजाम गांव के स्कूल में किया गया था। यहां डीजे लगाया गया था। शाम से ही डीजे पर गांव के युवा नाचने लगे थे। घर के बाहर खाने का इंतजाम किया गया और अंदर मंडप सजा था। बरात को रात करीब 9:30 बजे तक छपरा पहुंचना था।
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10 बजे तक पांच गाड़ियों से कुछ बराती पहुंच भी गए। परिजन और गांव के सभी लोग दूल्हे के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दूल्हे के आने में देरी होने के कारण खाना शुरू करा दिया गया। गांव के ही दिनेश ने बताया कि दूल्हे को आने में देर होने लगी तब मुन्ना ने दूल्हे के भाई आशीष से बात की तो पता चला कि चिरगांव में जयमाला तलाशने में देर हो रही है।
दूल्हे के पिता संतोष से भी जल्द आने को कहा। पारीछा पहुंचने से पहले तक उनकी मोबाइल पर बात होती रही। रात को करीब साढ़े बारह बजे जब दुल्हन के चाचा मुन्ना ने दूल्हे के भाई आशीष को फोन मिलाया तब उससे बात नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने दूल्हे के पिता संतोष को फोन लगाया। उनसे भी बात नहीं हुई।
काफी देर तक किसी से बात न होने पर वह बेचैन हो गए। इसके बाद खबर मिली कि पारीछा फ्लाई ओवर पर दूल्हे की कार में आग लग गई है। यह खबर सुनते ही चारों ओर सन्नाटा पसर गया।
एक महीने पहले हुई थी सगाई, शादी के लिए लिया था कर्ज
दुल्हन अंजू के दादा कांता प्रसाद और बड़े दादा सीता राम हादसे से बहुत दुखी हैं। कांता प्रसाद बताते हैं कि करीब डेढ़ महीने पहले अंजू के पिता रामजीवन की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी रामजीवन पर ही थी, उसके इलाज के लिए खेत बेचना पड़ा था।
दुल्हन अंजू के दादा कांता प्रसाद और बड़े दादा सीता राम हादसे से बहुत दुखी हैं। कांता प्रसाद बताते हैं कि करीब डेढ़ महीने पहले अंजू के पिता रामजीवन की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी रामजीवन पर ही थी, उसके इलाज के लिए खेत बेचना पड़ा था।
पिता की मौत के बाद परिवार के लोगों को अंजू की शादी की चिंता थी इसलिए कर्ज लेकर पैसे का इंतजाम किया और शादी की तैयारियां शुरू हुईं। एक महीने पहले सगाई की रस्म पूरी की गई। मोटरसाइकिल समेत करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान सगाई में दिया गया। पूरे गांव में अंजू की शादी को लेकर खुशी थी। दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को रुला दिया।
गांव में दिनभर नहीं जले चूल्हे
गांव छपरा में शुक्रवार देर रात से मातम छा गया था। शनिवार को आसपास के गांवों में भी इस घटना को लेकर चर्चा रही। छपरा में दिनभर चूल्हे नहीं जले। पूरे गांव में गमगीन माहौल था। सभी के चेहरों पर मायूसी थी। दुल्हन अंजू के घर के आसपास पड़ी कुर्सियों पर बैठे लोग रात को हाईवे पर देखी जलती दूल्हे की कार को याद कर सिहर जाते थे। पूर्व प्रधान भगवान सिंह ने बताया कि अंजू की शादी की पूरे गांव को खुशी थी, लेकिन यह खुशी इस तरह गुम हो जाएगी किसी ने सोचा तक नहीं था।
गांव छपरा में शुक्रवार देर रात से मातम छा गया था। शनिवार को आसपास के गांवों में भी इस घटना को लेकर चर्चा रही। छपरा में दिनभर चूल्हे नहीं जले। पूरे गांव में गमगीन माहौल था। सभी के चेहरों पर मायूसी थी। दुल्हन अंजू के घर के आसपास पड़ी कुर्सियों पर बैठे लोग रात को हाईवे पर देखी जलती दूल्हे की कार को याद कर सिहर जाते थे। पूर्व प्रधान भगवान सिंह ने बताया कि अंजू की शादी की पूरे गांव को खुशी थी, लेकिन यह खुशी इस तरह गुम हो जाएगी किसी ने सोचा तक नहीं था।
दुल्हन के लिए तलाशा दूसरा रिश्ता
हादसे के बाद शनिवार को ही दुल्हन पक्ष ने दूसरा वर खोजा लेकिन, अंजू शादी को राजी नहीं हुई। रो-रोकर उसका बुरा हाल हो गया। परिजनों ने किसी तरह अंजू को समझाया-बुझाया। परिजनों ने कई घंटे की पंचायत के बाद पृथ्वीपुर के मड़िया गांव में दूसरे लड़के से उसकी शादी तय कर दी।
हादसे के बाद शनिवार को ही दुल्हन पक्ष ने दूसरा वर खोजा लेकिन, अंजू शादी को राजी नहीं हुई। रो-रोकर उसका बुरा हाल हो गया। परिजनों ने किसी तरह अंजू को समझाया-बुझाया। परिजनों ने कई घंटे की पंचायत के बाद पृथ्वीपुर के मड़िया गांव में दूसरे लड़के से उसकी शादी तय कर दी।
अंजू के चाचा मुन्ना लाल का कहना है कि पहले दूसरे लड़के के परिजन शनिवार को बरात लाने को राजी हो गए लेकिन, रात करीब आठ बजे अचानक फोन करके उन्होंने बरात लाने से मना कर दिया। उन्होंने अब रविवार को बरात लाने की बात कही है। अब रविवार को अंजू के विवाह की रस्म पूरी होगी।
डीसीएम की टक्कर से कार में लगी आग, दूल्हा समेत चार लोग जिंदा जले
शुक्रवार की देर रात को करीब 12 बजे झांसी-कानपुर हाईवे पर बड़ागांव के पास पारीछा फ्लाई ओवर पर हुए भीषण हादसे में कार सवार दूल्हा, उसका बड़ा भाई, चार साल का मासूम भतीजा और ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि कार में अगली सीट पर बैठे दो लोग मामूली रूप से झुलस गए हैं। कार में पीछे से तेज रफ्तार से आ रही डीसीएम ने टक्कर मारी थी। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। पुलिस और दमकल कर्मियों ने कार के दरवाजे तोड़कर चारों शवों को बाहर निकाला। मृतक और झुलसे लोग एरच के गांव करके की बिलायटी के रहने वाले थे। यह लोग बरात लेकर बड़ागांव के छपरा जा रहे थे।
शुक्रवार की देर रात को करीब 12 बजे झांसी-कानपुर हाईवे पर बड़ागांव के पास पारीछा फ्लाई ओवर पर हुए भीषण हादसे में कार सवार दूल्हा, उसका बड़ा भाई, चार साल का मासूम भतीजा और ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि कार में अगली सीट पर बैठे दो लोग मामूली रूप से झुलस गए हैं। कार में पीछे से तेज रफ्तार से आ रही डीसीएम ने टक्कर मारी थी। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। पुलिस और दमकल कर्मियों ने कार के दरवाजे तोड़कर चारों शवों को बाहर निकाला। मृतक और झुलसे लोग एरच के गांव करके की बिलायटी के रहने वाले थे। यह लोग बरात लेकर बड़ागांव के छपरा जा रहे थे।