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झांसी और ललितपुर में कुओं के निर्माण में हो रही धांधली
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झांसी। झांसी और ललितपुर जिले में कुओं के निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। तय मानक से कम गहराई के कुएं खोदे जा रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त की ओर से टीएसी जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। दोषी ठेकेदारों से आवंटित बजट की वसूली करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पथरीला इलाका होने की वजह से झांसी और ललितपुर जनपद में विस्फोटक से ब्लास्ट कर कुएं बनाए जाते हैं। दोनों जनपदों में 1335 कुओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से झांसी जनपद में 500 और ललितपुर में 835 कुएं बनाए जा रहे हैं। इनके निर्माण की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग को दी गई है। इसके लिए 62 करोड़ 63 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। लेकिन, काम पूरा होने से पहले ही योजना भ्रष्टाचार की चपेट में आ गई है। तय मानक से कम गहराई के कुएं बनाए जा रहे हैं। इसकी भनक लगने पर मंडलायुक्त ने टीएसी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के लिए संयुक्त विकास आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। साथ ही दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मानक के विपरीत काम करने वाले ठेकेदारों से वसूली की जाए। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
यह है मानक
कुएं अधिकतम पंद्रह मीटर गहरे खोदे जाने का मानक है। जबकि, इनका अंदरूनी व्यास चार मीटर और बाहरी व्यास 4.80 मीटर तय है। पथरीली जमीन होने की वजह से ब्लास्ट कर कुओं का निर्माण किया जाता है।
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यह है गड़बड़ी
तय गहराई तक कुओं की खुदाई नहीं की जा रही है। इससे पहले ही इन्हें पाट दिया जा रहा है। अंदरूनी व बाहरी व्यास के मानक का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। आवंटित धन का इस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है।
यह भी है प्रस्ताव
झांसी। ब्लास्ट कूप निर्माण में धांधली सामने आने के बाद योजना में फेरबदल का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इसके तहत कूप निर्माण का भुगतान ठेेकेदारों से न कराकर सीधे लाभार्थी के माध्यम से कराने के लिए कहा गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि इस फेरबदल से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
ब्लास्ट कूप निर्माण की टीएसी जांच कराई जा रही है। इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। मानक के विपरीत काम करने वाले ठेकेदारों से वसूली की जाएगी। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
- डा. अजय शंकर पांडेय, मंडलायुक्त
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पथरीला इलाका होने की वजह से झांसी और ललितपुर जनपद में विस्फोटक से ब्लास्ट कर कुएं बनाए जाते हैं। दोनों जनपदों में 1335 कुओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से झांसी जनपद में 500 और ललितपुर में 835 कुएं बनाए जा रहे हैं। इनके निर्माण की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग को दी गई है। इसके लिए 62 करोड़ 63 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। लेकिन, काम पूरा होने से पहले ही योजना भ्रष्टाचार की चपेट में आ गई है। तय मानक से कम गहराई के कुएं बनाए जा रहे हैं। इसकी भनक लगने पर मंडलायुक्त ने टीएसी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के लिए संयुक्त विकास आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। साथ ही दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मानक के विपरीत काम करने वाले ठेकेदारों से वसूली की जाए। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
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यह है मानक
कुएं अधिकतम पंद्रह मीटर गहरे खोदे जाने का मानक है। जबकि, इनका अंदरूनी व्यास चार मीटर और बाहरी व्यास 4.80 मीटर तय है। पथरीली जमीन होने की वजह से ब्लास्ट कर कुओं का निर्माण किया जाता है।
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यह है गड़बड़ी
तय गहराई तक कुओं की खुदाई नहीं की जा रही है। इससे पहले ही इन्हें पाट दिया जा रहा है। अंदरूनी व बाहरी व्यास के मानक का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। आवंटित धन का इस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है।
यह भी है प्रस्ताव
झांसी। ब्लास्ट कूप निर्माण में धांधली सामने आने के बाद योजना में फेरबदल का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इसके तहत कूप निर्माण का भुगतान ठेेकेदारों से न कराकर सीधे लाभार्थी के माध्यम से कराने के लिए कहा गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि इस फेरबदल से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
ब्लास्ट कूप निर्माण की टीएसी जांच कराई जा रही है। इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। मानक के विपरीत काम करने वाले ठेकेदारों से वसूली की जाएगी। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
- डा. अजय शंकर पांडेय, मंडलायुक्त