लॉॅकडाउन हटने के बाद जलनिगम ने रनगुवां ग्राम समूह पेयजल योजना पर दोबारा काम शुरू कर दिया है। दिसंबर तक इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है। इस योजना से 22 गांवों के लोग लाभान्वित होंगे, जिनको प्रतिदिन पारीछा बांध से नब्बे लाख लीटर पानी दिया जाएगा। रनगुवां ग्राम समूह पेयजल योजना 2014 में स्वीकृत हुई थी। इस योजना के लिए 65 करोड़ का बजट दिया गया है। योजना के तहत पारीछा बांध के निकट ट्रीटमेंट प्लांट, बांध के बीच में इनटेक वेल, पांच भूतल जलाशय, पांच पानी की टंकियां, 100 किलोमीटर पाइप लाइन डलना है। इस योजना से चिरगांव और बड़ागांव ब्लाक के पारीछा खुर्द, मुराटा, पचार, अतपेई, बाऊरी, रनगुवां, विरगुवां, छपरा, गढ़मऊ, गांधीनगर, पहलगुवां, लेवा, पालर, पाली, परसर, ऊरैना, मड़ोरा, जौरी खुर्द, जौरी बुजुर्ग, काकोरी, बजेरा, धरमपुरा व रमैयारपुरा गांव लाभान्वित होंगे। इन गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए पारीछा बांध से प्रतिदिन नब्बे लाख लीटर (नौ एमएलडी) पानी लिया जाएगा। इस संबंध में सहायक अभियंता सीके त्रिपाठी ने बताया कि योजना के बड़े काम लगभग पूरे कर लिए गए हैं। 50 किलोमीटर पाइप लाइन भी डाल दी गई है। दिसंबर तक योजना को चालू करने का लक्ष्य बनाया गया है। कई बार सवालों के घेरे में रही योजना रनगुवां ग्राम समूह पेयजल योजना कई बार सवालों के घेरे में रहीं। दरअसल, इस योजना का काम एक की जगह कई ठेकेदारों से कराया जा रहा है। इस कारण टेंडर को लेकर कई बार आरोप प्रत्यारोप होते रहे। टेंडर प्रक्रिया को निरस्त भी करना पड़ा। यही कारण है कि यह योजना छह साल में भी पूरी नहीं हो सकी।