{"_id":"66145309c811ccf042048977","slug":"real-estate-business-struggling-with-recessionnow-there-is-hope-from-navratri-jhansi-news-c-11-1-jhs1002-294553-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: मंदी से जूझ रहा रियल एस्टेट कारोबार... अब नवरात्र से आस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: मंदी से जूझ रहा रियल एस्टेट कारोबार... अब नवरात्र से आस
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में रियल एस्टेट कारोबार मंदी से जूझ रहा है। जमीनों के बैनामे लगातार घटते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में पिछले साल के मुकाबले साढ़े चार हजार बैनामे कम हुए। अब कारोबारियों को नवरात्र से आस है। ऐसा माना जा रहा है कि आज से शुरू हो रहे नवरात्र में जमीनों की खरीद में तेजी आएगी। इसे लेकर कारोबारियों ने तैयारियां की हैं।
एक ओर झांसी का तेजी से विकास हो रहा है। नया औद्योगिक शहर बीडा विकसित किया जा रहा है तो वहीं डिफेंस काॅरिडोर भी आकार ले रहा है। झांसी विकास प्राधिकरण ग्वालियर रोड पर नया झांसी बसा रहा है, तो आवास विकास परिषद कानपुर-ग्वालियर हाईवे पर अपनी आवासीय परियोजना को विस्तार देने जा रहा है। इसके अलावा बिल्डर भी नई-नई परियोजनाएं लेकर आ रहे हैं। इस सबके बाद भी झांसी में रियल एस्टेट कारोबार मंदी से जूझ रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि साल 2022-23 में झांसी में संपत्तियों के 64,410 बैनामे हुए थे, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह संख्या घटकर 59,823 रह गई। पिछले साल के मुकाबले 4,587 बैनामे कम हुए। अब कारोबारियों को नवरात्र से आस है। कारोबारियों का कहना है कि नवरात्र में रियल एस्टेट कारोबार खिलेगा। शुभ कार्य शुरू होने के साथ ही प्लॉट और भूखंडों की बिक्री बढ़ेगी।
-- -- -- -- --
कहते हैं कारोबारी
रियल एस्टेट कारोबार में मंदी आएगी। मगर नवरात्र के बाद से कारोबार में उछाल आएगा। लोग अक्सर नवरात्र में ही जमीनों की खरीद करना शुभ मानते हैं। - प्रिंस कंडुलना
विज्ञापन
-- -- -- -- -
इस साल जमीनों के बैनामे कम हुए हैं। मगर नवरात्र से काफी उम्मीदें हैं। प्लॉटों और जमीनों की खरीद में तेजी आएगी। इसके लिए तैयारी चल रही है। - हरजीत सिंह चावला
-- -- -- -- -
यूं तो झांसी में विकास खूब हो रहा है। कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मगर जमीनों की खरीद कम हुई है। नवरात्र से यह कारोबार रफ्तार भरेगा। - शुभम सरावगी
0000000
हर चार-पांच साल में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में नरमी देखने को मिलती है। लेकिन, इसके बाद फिर से तेजी आ जाती है। संतृप्ता की स्थिति बनने से बैनामों में कमी आ जाती है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक बार फिर से उछाल आने की पूरी उम्मीद है।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
विज्ञापन
झांसी। झांसी में रियल एस्टेट कारोबार मंदी से जूझ रहा है। जमीनों के बैनामे लगातार घटते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में पिछले साल के मुकाबले साढ़े चार हजार बैनामे कम हुए। अब कारोबारियों को नवरात्र से आस है। ऐसा माना जा रहा है कि आज से शुरू हो रहे नवरात्र में जमीनों की खरीद में तेजी आएगी। इसे लेकर कारोबारियों ने तैयारियां की हैं।
एक ओर झांसी का तेजी से विकास हो रहा है। नया औद्योगिक शहर बीडा विकसित किया जा रहा है तो वहीं डिफेंस काॅरिडोर भी आकार ले रहा है। झांसी विकास प्राधिकरण ग्वालियर रोड पर नया झांसी बसा रहा है, तो आवास विकास परिषद कानपुर-ग्वालियर हाईवे पर अपनी आवासीय परियोजना को विस्तार देने जा रहा है। इसके अलावा बिल्डर भी नई-नई परियोजनाएं लेकर आ रहे हैं। इस सबके बाद भी झांसी में रियल एस्टेट कारोबार मंदी से जूझ रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि साल 2022-23 में झांसी में संपत्तियों के 64,410 बैनामे हुए थे, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह संख्या घटकर 59,823 रह गई। पिछले साल के मुकाबले 4,587 बैनामे कम हुए। अब कारोबारियों को नवरात्र से आस है। कारोबारियों का कहना है कि नवरात्र में रियल एस्टेट कारोबार खिलेगा। शुभ कार्य शुरू होने के साथ ही प्लॉट और भूखंडों की बिक्री बढ़ेगी।
विज्ञापन
कहते हैं कारोबारी
रियल एस्टेट कारोबार में मंदी आएगी। मगर नवरात्र के बाद से कारोबार में उछाल आएगा। लोग अक्सर नवरात्र में ही जमीनों की खरीद करना शुभ मानते हैं। - प्रिंस कंडुलना
विज्ञापन
इस साल जमीनों के बैनामे कम हुए हैं। मगर नवरात्र से काफी उम्मीदें हैं। प्लॉटों और जमीनों की खरीद में तेजी आएगी। इसके लिए तैयारी चल रही है। - हरजीत सिंह चावला
यूं तो झांसी में विकास खूब हो रहा है। कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मगर जमीनों की खरीद कम हुई है। नवरात्र से यह कारोबार रफ्तार भरेगा। - शुभम सरावगी
0000000
हर चार-पांच साल में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में नरमी देखने को मिलती है। लेकिन, इसके बाद फिर से तेजी आ जाती है। संतृप्ता की स्थिति बनने से बैनामों में कमी आ जाती है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक बार फिर से उछाल आने की पूरी उम्मीद है।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन