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राशन के गेहूं की कालाबाजारी पर लगी लगाम
ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 12:42 AM IST
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झांसी। एपीएल कार्ड धारकों को दिया जाने वाला रियायती गेहूं अब कालाबाजारियों की काली कमाई का जरिया नहीं बनेगा। जनवरी माह से यह कोटा खत्म कर दिया जाएगा। अब केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित लोगों को ही अनाज का आवंटन होगा।
सरकार द्वारा अब तक एपीएल राशन कार्ड पर सात रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं उपलब्ध कराया जाता था। आवंटन के अनुसार माहवार इसका कोटा घटता बढ़ता रहता था। हालांकि, यह बात और है कि ज्यादातर एपीएल कार्डधारक अपने हिस्से का गेहूं लेने राशन की दुकान तक नहीं जाते हैं, जिससे उनका कोटा आसानी से कालाबाजार में पहुंच जाता था।
यह ऊंचे दामों में बेचा जाता था। लेकिन, अब यह व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है। जनवरी माह में केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित परिवारों को ही अनाज का आवंटन होगा। अवशेष परिवारों को राशन नहीं उपलब्ध कराया जाएगा।
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मालूम हो कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम -2013 के तहत महानगर की 8.60 लाख की आबादी में से 5.20 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्र की 11.91 लाख आबादी में से 9.47 लाख का चयन किया गया है। केवल इस चयनित आबादी को ही राशन की दुकानों से गेहूं व चावल मिलेगा।
अभी मिलता रहेगा केरोसिन
झांसी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिन परिवारों का चयन नहीं किया गया है, उन्हें रियायती दरों पर केरोसिन फिलहाल मिलता रहेगा। शासन ने आपूर्ति विभाग को मार्च 2016 तक का केरोसिन का कोटा पूर्व में ही आवंटित कर दिया था, जिससे इसके वितरण में अभी अड़चन नहीं है। लेकिन, मार्च के बाद की तस्वीर अभी साफ नहीं है।
‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केवल चयनित परिवारों को ही अनाज मिलेगा। अवशेष परिवारों के लिए यह व्यवस्था जनवरी माह से समाप्त हो जाएगी।’
- अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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सरकार द्वारा अब तक एपीएल राशन कार्ड पर सात रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं उपलब्ध कराया जाता था। आवंटन के अनुसार माहवार इसका कोटा घटता बढ़ता रहता था। हालांकि, यह बात और है कि ज्यादातर एपीएल कार्डधारक अपने हिस्से का गेहूं लेने राशन की दुकान तक नहीं जाते हैं, जिससे उनका कोटा आसानी से कालाबाजार में पहुंच जाता था।
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यह ऊंचे दामों में बेचा जाता था। लेकिन, अब यह व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है। जनवरी माह में केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित परिवारों को ही अनाज का आवंटन होगा। अवशेष परिवारों को राशन नहीं उपलब्ध कराया जाएगा।
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मालूम हो कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम -2013 के तहत महानगर की 8.60 लाख की आबादी में से 5.20 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्र की 11.91 लाख आबादी में से 9.47 लाख का चयन किया गया है। केवल इस चयनित आबादी को ही राशन की दुकानों से गेहूं व चावल मिलेगा।
अभी मिलता रहेगा केरोसिन
झांसी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिन परिवारों का चयन नहीं किया गया है, उन्हें रियायती दरों पर केरोसिन फिलहाल मिलता रहेगा। शासन ने आपूर्ति विभाग को मार्च 2016 तक का केरोसिन का कोटा पूर्व में ही आवंटित कर दिया था, जिससे इसके वितरण में अभी अड़चन नहीं है। लेकिन, मार्च के बाद की तस्वीर अभी साफ नहीं है।
‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केवल चयनित परिवारों को ही अनाज मिलेगा। अवशेष परिवारों के लिए यह व्यवस्था जनवरी माह से समाप्त हो जाएगी।’
- अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी