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400 साल पुराने स्वरूप में नजर आएगा रानी का किला
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झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले झांसी के किले को उसका 400 साल पुराना स्वरूप मिल जाएगा। इसके लिए तैयारियां तेजी से जारी हैं। अंदर किले के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जा रही है। जबकि, बाहर पहाड़ी की सफाई का काम जारी है।
झांसी के किले का निर्माण 1613 से 1619 के बीच ओरछा के राजा वीरसिंह जूदेव ने किया था। निर्माण के चार सौ साल बाद भी इतिहास की ये गौरवशाली इमारत अपने पूरे वैभव के साथ खड़ी हुई है। लेकिन, अंदर के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चूंकि, प्रधानमंत्री मोदी 19 नवंबर को रानी की जयंती पर झांसी आएंगे और वे किले में भी जाएंगे। इसके लिए किले का कोना-कोना चमकाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जा रही है। इसमें इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि नया निर्माण एकदम पुराना जैसा ही नजर आए। इसकी निगरानी पुरातत्व विभाग की ओर से की जा रही है। इसके अलावा किले के मुख्य द्वार से लेकर झंडे वाले बुर्ज तक नई सड़क का निर्माण भी किया जाना है। इसकी भी तैयारी कर ली गई है।
लाइट एंड साउंड शो की जगह बदली
झांसी। किले में पिछले बीस सालों से रानी की गौरव गाथा पर आधारित लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जा रहा है। ये पंचमहल के सामने वाले उद्यान में चलता है। लेकिन, अब नया डिजिटल लाइट एंड साउंड शो तैयार किया गया है, जो शंकर जी के मंदिर के पहले स्थित आमोद उद्यान में चलाया जाएगा। यहां इसका काम शुरू कर दिया गया है।
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चारों ओर का अतिक्रमण होगा साफ
झांसी। प्रधानमंत्री के आयोजन को लेकर किले और उसके मैदान का रूप तो संवारा ही जा रहा है। साथ ही इसके आसपास के इलाके को भी बदला जाएगा। किले के इर्दगिर्द फैले अतिक्रमण को हटाया जाएगा। ये काम नवंबर में होगा। इसे लेकर प्लान तैयार कर लिया गया है।
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झांसी के किले का निर्माण 1613 से 1619 के बीच ओरछा के राजा वीरसिंह जूदेव ने किया था। निर्माण के चार सौ साल बाद भी इतिहास की ये गौरवशाली इमारत अपने पूरे वैभव के साथ खड़ी हुई है। लेकिन, अंदर के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चूंकि, प्रधानमंत्री मोदी 19 नवंबर को रानी की जयंती पर झांसी आएंगे और वे किले में भी जाएंगे। इसके लिए किले का कोना-कोना चमकाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जा रही है। इसमें इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि नया निर्माण एकदम पुराना जैसा ही नजर आए। इसकी निगरानी पुरातत्व विभाग की ओर से की जा रही है। इसके अलावा किले के मुख्य द्वार से लेकर झंडे वाले बुर्ज तक नई सड़क का निर्माण भी किया जाना है। इसकी भी तैयारी कर ली गई है।
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लाइट एंड साउंड शो की जगह बदली
झांसी। किले में पिछले बीस सालों से रानी की गौरव गाथा पर आधारित लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जा रहा है। ये पंचमहल के सामने वाले उद्यान में चलता है। लेकिन, अब नया डिजिटल लाइट एंड साउंड शो तैयार किया गया है, जो शंकर जी के मंदिर के पहले स्थित आमोद उद्यान में चलाया जाएगा। यहां इसका काम शुरू कर दिया गया है।
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चारों ओर का अतिक्रमण होगा साफ
झांसी। प्रधानमंत्री के आयोजन को लेकर किले और उसके मैदान का रूप तो संवारा ही जा रहा है। साथ ही इसके आसपास के इलाके को भी बदला जाएगा। किले के इर्दगिर्द फैले अतिक्रमण को हटाया जाएगा। ये काम नवंबर में होगा। इसे लेकर प्लान तैयार कर लिया गया है।