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अयोध्या में हुआ भूमि पूजन, ओरछा में रहा उत्सव का माहौल
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ओरछा में स्थित रामराजा मंदिर परिसर में दीपोत्सव मनाते भक्त
- फोटो : DEHAT
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ओरछा। बुधवार को अयोध्या में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किए गए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन की धार्मिक बयार धार्मिक नगरी ओरछा में भी महसूस की गई। बुंदेलखंड की अयोध्या ओरछा में कई दिनों से भक्तों के लिए रामराजा सरकार के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंधित था, पर आज इस शुभ मौके पर मंदिर को आमजनों के लिए खोल दिया गया। सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा, हालांकि प्रशासन ने इस तरह के इंतजाम किए थे कि लोग सामाजिक दूरी के नियम को न तोड़ सकें। मंदिर परिसर में रामराजा के जयकारे गूंजते रहे। मंदिर को फूलों से सजाने के साथ ही विद्युत छटा से भी सजाया गया।
रामराजा मंदिर परिसर में उत्सव सा माहौल रहा। मंदिर को सतरंगी विद्युत छटा से सजाया गया। सुबह के समय मंदिर की फूलों से सजावट कर भगवान को शंखनाद के बीच आरती के दौरान सशस्त्र सलामी दी गई। कई दिनों के बाद भक्तों को भी अपने आराध्य के दर्शन मिल सके, इसके चलते वे काफी उत्साहित दिखाई दिए। सुबह से ही मंदिर के अंदर प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज के निर्देशन में पुजारियों ने रामराजा सरकार की विशेष पूजा अर्चना की। शाम को दूसरे दिन भी सतरंगी रोशनी में नहाये मंदिर के परिसर में भक्तों ने शाम की आरती के समय घंटा घड़ियालों की आवाज के बीच हजारों की तादाद में दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया।
जिस समय प्रधानमंत्री अयोध्या में भूमि पूजन कर रहे थे, उसी दौरान ओरछा में शंखनाद के साथ भगवान की सशस्त्र सलामी के साथ आरती की गई। शाम को दीप प्रज्ज्वलित कर दीपदान करके दीपोत्सव की दिवाली मनाई गई। जैसे ही अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण का भूमि पूजन शुरू किया, इस दौरान, पूरे नगर में जगह,जगह शंख, घंटा और घड़ियाल बजाकर अपने प्रभु के नये साकेत का स्वागत किया गया। शाम को सभी प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। यह कार्यक्रम शारीरिक दूरी के मानक के साथ हुआ। लोगों ने अपने घरों में और पास के मंदिरों में पूजा अर्चना करके व ठीक 12.15 पर शंखनाद कर घंटे घड़ियाल बजाए। इससे पूरा वातावरण राममय हो जाएगा। सायं काल अपने अपने घरों में पांच दीपक भी प्रज्ज्वलित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया। श्रीरामराजा मंदिर के व्यवस्थापक तहसीलदार रोहित वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की मंशा के अनुरूप तैयारियाँ करके सारे कार्यक्रम संपन्न कराए गए हैं। रात में मंदिर में सुंदर कांड पाठ व विशेष पूजा का आयोजन किया गया । दीपोत्सव के मौके पर अखिलेश अयाची, पवन दुबे, प्रिंस तिवारी, पवन यादव, आशीष शुक्ला, रोहित यादव, नईम बेग, निसार खान समेत अन्य भक्तों ने रात 8 बजे ओरछा के श्री रामराजा मंदिर परिसर में जय श्रीराम के जय घोष के साथ सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव मनाया। दिन में नगर के लोगों ने सुंदर कांड पाठ, पूजा आराधना की । एक दिन पहले मंगलवार को जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा का करा सस्वर पाठ किया तो बुधवार को भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं ने सुंदरकांड का पाठ किया।
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अयोध्या और ओरछा का है पुराना नाता
ओरछा की महारानी कुंवरि गणेश 1631 में अयोध्या से रामराजा सरकार के विग्रह को ओरछा लाईं थीं तथा यहां पर राजा के रूप में विराजित किया था। इसके बाद से ही ओरछा में रामराजा सरकार को राजा के रूप में सशस्त्र सलामी दी जाती है। इतना ही नहीं दो सौ वर्ष बाद यहां की एक और महारानी वृषभानु कुंअरि ने अयोध्या में भव्य कनक भवन मंदिर का निर्माण कराया था। इसके बाद ही जब भी अयोध्या राममय और धर्ममय होती है तब तब ओरछा में भी धार्मिक बयार बहने लगती है।
दिवस ओरछा रहत हैं रैन अयोध्यावास
ऐसी धार्मिक कथा है कि रामराजा सरकार दिन के समय ओरछा में रहकर अपना दरबार सजाते हैं तथा रात में विश्राम करने अयोध्या जाते हैं। इस कथा को लेकर एक पंरपरा भी है, ऐसा कहा जाता है अयोध्या ले जाने और लाने का कार्य पाताली हनुमान जी करते हैं, इसलिए, प्रतिदिन रात की ब्यारी आरती के बाद रामराजा मंदिर से एक ज्योति पाताली हनुमान पर जाती है और इसके बाद रामराजा सरकार अयोध्या चले जाते हैं।
संत ने भगवान के बाल विग्रह को सिर पर रखकर किया नृत्य
रामराजा मंदिर परिसर में सखी संप्रदाय के एक संत भूमि पूजन से इतने हर्षित थे कि उन्होंने कई घंटे तक भगवान के बाल विग्रह को सिर पर रखकर नृत्य किया।
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रामराजा मंदिर परिसर में उत्सव सा माहौल रहा। मंदिर को सतरंगी विद्युत छटा से सजाया गया। सुबह के समय मंदिर की फूलों से सजावट कर भगवान को शंखनाद के बीच आरती के दौरान सशस्त्र सलामी दी गई। कई दिनों के बाद भक्तों को भी अपने आराध्य के दर्शन मिल सके, इसके चलते वे काफी उत्साहित दिखाई दिए। सुबह से ही मंदिर के अंदर प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज के निर्देशन में पुजारियों ने रामराजा सरकार की विशेष पूजा अर्चना की। शाम को दूसरे दिन भी सतरंगी रोशनी में नहाये मंदिर के परिसर में भक्तों ने शाम की आरती के समय घंटा घड़ियालों की आवाज के बीच हजारों की तादाद में दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया।
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जिस समय प्रधानमंत्री अयोध्या में भूमि पूजन कर रहे थे, उसी दौरान ओरछा में शंखनाद के साथ भगवान की सशस्त्र सलामी के साथ आरती की गई। शाम को दीप प्रज्ज्वलित कर दीपदान करके दीपोत्सव की दिवाली मनाई गई। जैसे ही अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण का भूमि पूजन शुरू किया, इस दौरान, पूरे नगर में जगह,जगह शंख, घंटा और घड़ियाल बजाकर अपने प्रभु के नये साकेत का स्वागत किया गया। शाम को सभी प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। यह कार्यक्रम शारीरिक दूरी के मानक के साथ हुआ। लोगों ने अपने घरों में और पास के मंदिरों में पूजा अर्चना करके व ठीक 12.15 पर शंखनाद कर घंटे घड़ियाल बजाए। इससे पूरा वातावरण राममय हो जाएगा। सायं काल अपने अपने घरों में पांच दीपक भी प्रज्ज्वलित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया। श्रीरामराजा मंदिर के व्यवस्थापक तहसीलदार रोहित वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की मंशा के अनुरूप तैयारियाँ करके सारे कार्यक्रम संपन्न कराए गए हैं। रात में मंदिर में सुंदर कांड पाठ व विशेष पूजा का आयोजन किया गया । दीपोत्सव के मौके पर अखिलेश अयाची, पवन दुबे, प्रिंस तिवारी, पवन यादव, आशीष शुक्ला, रोहित यादव, नईम बेग, निसार खान समेत अन्य भक्तों ने रात 8 बजे ओरछा के श्री रामराजा मंदिर परिसर में जय श्रीराम के जय घोष के साथ सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव मनाया। दिन में नगर के लोगों ने सुंदर कांड पाठ, पूजा आराधना की । एक दिन पहले मंगलवार को जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा का करा सस्वर पाठ किया तो बुधवार को भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं ने सुंदरकांड का पाठ किया।
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अयोध्या और ओरछा का है पुराना नाता
ओरछा की महारानी कुंवरि गणेश 1631 में अयोध्या से रामराजा सरकार के विग्रह को ओरछा लाईं थीं तथा यहां पर राजा के रूप में विराजित किया था। इसके बाद से ही ओरछा में रामराजा सरकार को राजा के रूप में सशस्त्र सलामी दी जाती है। इतना ही नहीं दो सौ वर्ष बाद यहां की एक और महारानी वृषभानु कुंअरि ने अयोध्या में भव्य कनक भवन मंदिर का निर्माण कराया था। इसके बाद ही जब भी अयोध्या राममय और धर्ममय होती है तब तब ओरछा में भी धार्मिक बयार बहने लगती है।
दिवस ओरछा रहत हैं रैन अयोध्यावास
ऐसी धार्मिक कथा है कि रामराजा सरकार दिन के समय ओरछा में रहकर अपना दरबार सजाते हैं तथा रात में विश्राम करने अयोध्या जाते हैं। इस कथा को लेकर एक पंरपरा भी है, ऐसा कहा जाता है अयोध्या ले जाने और लाने का कार्य पाताली हनुमान जी करते हैं, इसलिए, प्रतिदिन रात की ब्यारी आरती के बाद रामराजा मंदिर से एक ज्योति पाताली हनुमान पर जाती है और इसके बाद रामराजा सरकार अयोध्या चले जाते हैं।
संत ने भगवान के बाल विग्रह को सिर पर रखकर किया नृत्य
रामराजा मंदिर परिसर में सखी संप्रदाय के एक संत भूमि पूजन से इतने हर्षित थे कि उन्होंने कई घंटे तक भगवान के बाल विग्रह को सिर पर रखकर नृत्य किया।