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मानव जीवन का दर्पण है राम चरितमानस : पस्तोर
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दीपप्रज्वलित करते अतिथिपूजन करते सीओमंच पर विराजमान जगतगुरु रामानंदाचार्यकथा का वाचन करते
- फोटो : Samvad
मऊरानीपुर। मेला जलविहार महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में तीन दिवसीय श्रीरामचरित मानस व संत सम्मेलन की शुक्रवार की रात मेला ग्राउंड में शुरुआत हुई।
सम्मेलन का शुभारंभ जगतगुरु रामानंदाचार्य, राम स्वरूपचार्य, उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार, पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि आयुष श्रीवास, अधिशाषी अधिकारी सर्वेश कुमार व बुंदेलखंड पीठाधीश्वर बाबा रामदास ब्रह्मचारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पूजन पं. रोहित द्विवेदी ने सीओ, राजेन्द्र राय व अभिनव नायक से कराया। इस दौरान कथा वाचक पं. रामजीवन पस्तोर ने कहा कि रामचरित मानस मानव के जीवन का दर्पण है। रामकथा जीवन जीने की कला सिखाती है। कथा वाचक पं. सिद्ध सदन रिछारिया ने कहा कि कथा सुनना चाहिए। कथा जीवन के कष्ट को दूर करती है। पं. बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्री राम के आदर्शों पर चलने के लिए राम कथा सुनना आवश्यक है। भगवान श्री राम ने वाणी से नहीं अपने आचरण से उपदेश दिया। पं. रामबालक दास वेदांती ने कहा कि भगवान की कथा जीवन की व्यथा समाप्त करके सुख-शांति प्रदान करती है। कथा वाचक दीदी आस्था गोस्वामी ने कहा कि मानस में गोस्वामी जी ने गुरु महिमा का प्रभावी वर्णन किया है। इस अवसर पर जगतगुरु ने संतो को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर अरविंद अड़जरिया, संदीप पटसरिया, छंकी लाल कुशवाहा, शिव प्रताप सिंह परिहार, अखिलेश सेठ, राकेश अग्निहोत्री, आरके अहिरवार, बृजबिहारी राज, संजय दीक्षित, दीपू मोदी, विनय ताम्रकार, सुशील, गोपाल ताम्रकार, राजकुमार ताम्रकार, कैलाश नारायण, बैजनाथ तिवारी, प्रदीप पाठक, रामकुमार गुप्ता, रामगोपाल आदि मौजूद रहे।
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सम्मेलन का शुभारंभ जगतगुरु रामानंदाचार्य, राम स्वरूपचार्य, उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार, पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि आयुष श्रीवास, अधिशाषी अधिकारी सर्वेश कुमार व बुंदेलखंड पीठाधीश्वर बाबा रामदास ब्रह्मचारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पूजन पं. रोहित द्विवेदी ने सीओ, राजेन्द्र राय व अभिनव नायक से कराया। इस दौरान कथा वाचक पं. रामजीवन पस्तोर ने कहा कि रामचरित मानस मानव के जीवन का दर्पण है। रामकथा जीवन जीने की कला सिखाती है। कथा वाचक पं. सिद्ध सदन रिछारिया ने कहा कि कथा सुनना चाहिए। कथा जीवन के कष्ट को दूर करती है। पं. बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्री राम के आदर्शों पर चलने के लिए राम कथा सुनना आवश्यक है। भगवान श्री राम ने वाणी से नहीं अपने आचरण से उपदेश दिया। पं. रामबालक दास वेदांती ने कहा कि भगवान की कथा जीवन की व्यथा समाप्त करके सुख-शांति प्रदान करती है। कथा वाचक दीदी आस्था गोस्वामी ने कहा कि मानस में गोस्वामी जी ने गुरु महिमा का प्रभावी वर्णन किया है। इस अवसर पर जगतगुरु ने संतो को सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर अरविंद अड़जरिया, संदीप पटसरिया, छंकी लाल कुशवाहा, शिव प्रताप सिंह परिहार, अखिलेश सेठ, राकेश अग्निहोत्री, आरके अहिरवार, बृजबिहारी राज, संजय दीक्षित, दीपू मोदी, विनय ताम्रकार, सुशील, गोपाल ताम्रकार, राजकुमार ताम्रकार, कैलाश नारायण, बैजनाथ तिवारी, प्रदीप पाठक, रामकुमार गुप्ता, रामगोपाल आदि मौजूद रहे।
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