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लेनदेन के विवाद में हुई थी राकेश की हत्या
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रक्सा थाना पुलिस द्वारा राकेश हत्याकांड में पकड़े गए आरोपी।
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झांसी। रक्सा थाना क्षेत्र हैवदा गांव में तीन सितंबर की रात सीपरी बाजार के आदर्श नगर में रहने वाले राकेश रायकवार (30) की हत्या लेनदेन के विवाद को लेकर हुई थी। राकेश का शव छह सितंबर को मिला था। पुलिस ने इस मामले में एक ही परिवार के ग्यारह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
सीओ सदर हिमांशु गौरव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आदर्श नगर निवासी राकेश रायकवार (30) कुछ साल पहले रक्सा में मोबाइल के दुकान खोले थे। यहां से उसका परिचय हैवदा गांव निवासी कल्लू रायकवार व उसके परिजनों से हो गया। मेलजोल बढ़ने पर घर आना- जाना और लेनदेन शुरू हो गया। 14 अगस्त 2017 को राकेश ने परिचित राहुल रायकवार से अपनी जमानत पर कल्लू रायकवार को 70 हजार हजार रुपये दिलवाए थे। 13 अगस्त 2018 को राकेश को डेढ़ लाख रुपये दिए, बदले में कल्लू ने जमीन की रजिस्ट्री करने का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद कल्लू के लड़के मूलचंद्र ने अपनी बेटी राखी की शादी के लिए राकेश से नकदी व जेवरात ले लिए। इसी दौरान राकेश का उनके परिवार की एक महिला से संबंध हो गए। इससे राकेश का आए दिन मूलचंद्र के घर जाना शुरू हो गया। वक्त बीतने के बाद कल्लू व मूलचंद्र ने न तो राकेश के रुपये वापस लौटाए और न ही जमीन की रजिस्ट्री की। दो सितंबर को राकेश ने ग्वालियर के हजीरा निवासी अपनी बहन चेतना को मोबाइल पर बताया कि कल्लू व मूलचंद्र न तो उनके रुपये व जेवरात वापस कर रहे हैं और न ही जमीन की रजिस्ट्री कर रहे हैं। मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हैं।
राकेश ने इस बात का उल्लेख कर एक पत्र भी अपने घर पर रख दिया। तीन सितंबर की दोपहर मूलचंद्र के घर पहुंचा और अपने कुछ जेवरात वापस लेकर आ गया। उसी रात आठ बजे राकेश दोबारा मूलचंद्र के घर पहुंचा और सीधे महिला के पास चला गया। दोनों के बीच विवाद होने लगा। इसी दौरान महिला का 12 वर्षीय पुत्र करण आ गया।
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दोनों के बीच विवाद देख उसने परिजनों को बुला लिया। सभी ने राकेश को घेर लिया और उनके बीच हाथापाई हुई। तभी राकेश के हाथ में धारदार हथियार आ गया, जिससे वार कर उसने महिला का एक हाथ काट दिया व दूसरा जख्मी कर दिया। करण को भी घायल कर दिया। परिजनों के हमले से राकेश भी घायल हो गया। वह किसी तरह छत से कूदकर भागने लगा। मगर सौ मीटर दूर ही नाले के पास परिजनों ने दोबारा राकेश को घेर लिया और उसकी धारदार हथियारों से हत्या कर दी। शव को फसल में और उसके मोबाइल, चप्पलें व बांका (धारदार हथियार) झाड़ियों में छुपा दिए।
इधर, मूलचंद्र महिला व बेटे को लेकर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गया। पुलिस को परिजनों ने बताया कि राकेश ने धारदार हथियार से हमला कर मौके से भाग गया। छह सितंबर को राकेश का शव मिलने के बाद कहानी बदल गई। पुलिस ने राकेश की तलाश छोड़कर उसके हत्यारों का पता करना शुरू कर दिया। वहीं, पुलिस ने राकेश की बहन चेतना की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
ये आरोपी पकडे़
बृहस्पतिवार को रक्सा थाना प्रभारी अमित गंगवार ने टीम के साथ उक्त मामले के 11 आरोपियों को बड़ी माता मंदिर के पास से पकड़ लिया। आरोपियों के नाम हैवदा गांव निवासी कल्लू, रामकिशन, मुन्ना केवट, मूलचंद्र केवट, कप्तान, सुरेंद्र, कन्हई लाल, शोभाराम, मनीष, आकाश व राज केवट हैं। पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर लोहे का बांका, मोबाइल, मोटर साइकिल बरामद कर लिए।
वारदात की रात नहीं आ रही थी बिजली
तीन सितंबर की रात आठ बजे से रात दस बजे तक हैवदा गांव की बिजली बंद थी। इसी दरम्यान पूरी घटना घटती रही। अंधेरे के कारण राकेश ज्यादा दूर तक भागने में सफल नहीं हो सका। न ही उसे किसी मदद मिल सकी।
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सीओ सदर हिमांशु गौरव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आदर्श नगर निवासी राकेश रायकवार (30) कुछ साल पहले रक्सा में मोबाइल के दुकान खोले थे। यहां से उसका परिचय हैवदा गांव निवासी कल्लू रायकवार व उसके परिजनों से हो गया। मेलजोल बढ़ने पर घर आना- जाना और लेनदेन शुरू हो गया। 14 अगस्त 2017 को राकेश ने परिचित राहुल रायकवार से अपनी जमानत पर कल्लू रायकवार को 70 हजार हजार रुपये दिलवाए थे। 13 अगस्त 2018 को राकेश को डेढ़ लाख रुपये दिए, बदले में कल्लू ने जमीन की रजिस्ट्री करने का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद कल्लू के लड़के मूलचंद्र ने अपनी बेटी राखी की शादी के लिए राकेश से नकदी व जेवरात ले लिए। इसी दौरान राकेश का उनके परिवार की एक महिला से संबंध हो गए। इससे राकेश का आए दिन मूलचंद्र के घर जाना शुरू हो गया। वक्त बीतने के बाद कल्लू व मूलचंद्र ने न तो राकेश के रुपये वापस लौटाए और न ही जमीन की रजिस्ट्री की। दो सितंबर को राकेश ने ग्वालियर के हजीरा निवासी अपनी बहन चेतना को मोबाइल पर बताया कि कल्लू व मूलचंद्र न तो उनके रुपये व जेवरात वापस कर रहे हैं और न ही जमीन की रजिस्ट्री कर रहे हैं। मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हैं।
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राकेश ने इस बात का उल्लेख कर एक पत्र भी अपने घर पर रख दिया। तीन सितंबर की दोपहर मूलचंद्र के घर पहुंचा और अपने कुछ जेवरात वापस लेकर आ गया। उसी रात आठ बजे राकेश दोबारा मूलचंद्र के घर पहुंचा और सीधे महिला के पास चला गया। दोनों के बीच विवाद होने लगा। इसी दौरान महिला का 12 वर्षीय पुत्र करण आ गया।
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दोनों के बीच विवाद देख उसने परिजनों को बुला लिया। सभी ने राकेश को घेर लिया और उनके बीच हाथापाई हुई। तभी राकेश के हाथ में धारदार हथियार आ गया, जिससे वार कर उसने महिला का एक हाथ काट दिया व दूसरा जख्मी कर दिया। करण को भी घायल कर दिया। परिजनों के हमले से राकेश भी घायल हो गया। वह किसी तरह छत से कूदकर भागने लगा। मगर सौ मीटर दूर ही नाले के पास परिजनों ने दोबारा राकेश को घेर लिया और उसकी धारदार हथियारों से हत्या कर दी। शव को फसल में और उसके मोबाइल, चप्पलें व बांका (धारदार हथियार) झाड़ियों में छुपा दिए।
इधर, मूलचंद्र महिला व बेटे को लेकर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गया। पुलिस को परिजनों ने बताया कि राकेश ने धारदार हथियार से हमला कर मौके से भाग गया। छह सितंबर को राकेश का शव मिलने के बाद कहानी बदल गई। पुलिस ने राकेश की तलाश छोड़कर उसके हत्यारों का पता करना शुरू कर दिया। वहीं, पुलिस ने राकेश की बहन चेतना की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
ये आरोपी पकडे़
बृहस्पतिवार को रक्सा थाना प्रभारी अमित गंगवार ने टीम के साथ उक्त मामले के 11 आरोपियों को बड़ी माता मंदिर के पास से पकड़ लिया। आरोपियों के नाम हैवदा गांव निवासी कल्लू, रामकिशन, मुन्ना केवट, मूलचंद्र केवट, कप्तान, सुरेंद्र, कन्हई लाल, शोभाराम, मनीष, आकाश व राज केवट हैं। पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर लोहे का बांका, मोबाइल, मोटर साइकिल बरामद कर लिए।
वारदात की रात नहीं आ रही थी बिजली
तीन सितंबर की रात आठ बजे से रात दस बजे तक हैवदा गांव की बिजली बंद थी। इसी दरम्यान पूरी घटना घटती रही। अंधेरे के कारण राकेश ज्यादा दूर तक भागने में सफल नहीं हो सका। न ही उसे किसी मदद मिल सकी।