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मार्च में तय था प्रमोशन, एसआई बन जाते राजेंद्र सिंह
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झांसी। एएसआई राजेंद्र सिंह अपने प्रमोशन को लेकर खुश थे, क्योंकि मार्च माह में वह एसआई बनने वाले थे। साथी कर्मियों से भी वह कुछ दिन पहले खुशी का इजहार कर चुके थे। लेकिन, एकाएक हुई इस घटना से सभी स्तब्ध हैं। जिस तरह से पुलिस कह रही है और संभावना व्यक्त की जा रही है कि उन्होंने आत्महत्या की है इसे कोई मानने को तैयार नहीं हैं। सभी का कहना है कि वह हमेशा खुश रहते थे। ऐसा कदम वह नहीं उठा सकते।
जिला बिजनौर के थाना हेमपुरा अंतर्गत डेली गुजर गांव निवासी राजेंद्र सिंह वर्ष 1998 में सीआईएसएफ में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। धीरे-धीरे प्रमोशन पाने के बाद वह एएसआई बन गए। एएसआई बनने के बाद उनकी पोस्टिंग हरिद्वार में हुई। जुलाई 2019 में उनका ट्रांसफर झांसी स्थित बीएचईएल में हो गया। वह परिवार समेत बीएचईएल आकर कैंपस में रहने लगे। उनके एक पुत्र व एक पुत्री भी है। यहां राजेंद्र को शिफ्ट ड्यूटी के इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई। बुधवार रात 9 बजे वह ड्यूटी पर पहुंचे। अभी वह न्यू लोको एरिया में तैनात सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी जांच रहे थे। कई लोगों से बात भी हुई थी।
सजगता से ड्यूटी के लिए करते थे प्रेरित
जुलाई में पोस्टिंग के बाद साल के अंत में उनके प्रमोशन की खबर भी उनके पास आ गई थी। मार्च माह में प्रमोशन पाकर उनको एसआई बनना था। खबर मिलने के बाद वह खुश थे। ड्यूटी के दौरान अक्सर अपनी खुशी का इजहार अपने साथियों से करते थे। सभी को सजगता के साथ चौकस होकर ड्यूटी करने के लिए कहते थे। साथियों के मुताबिक बुधवार रात जब वह ड्यूटी थे, तब उनके चेहरे पर इस तरह के कोई भाव नहीं था जिससे लगे वह किसी बात से परेशान हैं।
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चार महीने पहले एक जवान ने भी की थी आत्महत्या
5 सितंबर 2019 को बीएचईएल स्थित चेक पोस्ट की यूनिट नंबर 3 में तैनात जवान महेश सिंह तोमर ने भी ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। सुसाइड नोेट में बीमारी से परेशान होने का जिक्र भी किया था।
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जिला बिजनौर के थाना हेमपुरा अंतर्गत डेली गुजर गांव निवासी राजेंद्र सिंह वर्ष 1998 में सीआईएसएफ में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। धीरे-धीरे प्रमोशन पाने के बाद वह एएसआई बन गए। एएसआई बनने के बाद उनकी पोस्टिंग हरिद्वार में हुई। जुलाई 2019 में उनका ट्रांसफर झांसी स्थित बीएचईएल में हो गया। वह परिवार समेत बीएचईएल आकर कैंपस में रहने लगे। उनके एक पुत्र व एक पुत्री भी है। यहां राजेंद्र को शिफ्ट ड्यूटी के इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई। बुधवार रात 9 बजे वह ड्यूटी पर पहुंचे। अभी वह न्यू लोको एरिया में तैनात सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी जांच रहे थे। कई लोगों से बात भी हुई थी।
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सजगता से ड्यूटी के लिए करते थे प्रेरित
जुलाई में पोस्टिंग के बाद साल के अंत में उनके प्रमोशन की खबर भी उनके पास आ गई थी। मार्च माह में प्रमोशन पाकर उनको एसआई बनना था। खबर मिलने के बाद वह खुश थे। ड्यूटी के दौरान अक्सर अपनी खुशी का इजहार अपने साथियों से करते थे। सभी को सजगता के साथ चौकस होकर ड्यूटी करने के लिए कहते थे। साथियों के मुताबिक बुधवार रात जब वह ड्यूटी थे, तब उनके चेहरे पर इस तरह के कोई भाव नहीं था जिससे लगे वह किसी बात से परेशान हैं।
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चार महीने पहले एक जवान ने भी की थी आत्महत्या
5 सितंबर 2019 को बीएचईएल स्थित चेक पोस्ट की यूनिट नंबर 3 में तैनात जवान महेश सिंह तोमर ने भी ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। सुसाइड नोेट में बीमारी से परेशान होने का जिक्र भी किया था।