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राजधानी, दूरंतों और गतिमान.....खाने की क्वालिटी पर नहीं रखा जा रहा ध्यान

Mon, 30 May 2022 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:54 AM IST
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Rajdhani, Duronto and Gatimaan.....the quality of food is not being taken care of
झांसी। देशभर में दौड़ने वाली राजधानी, गतिमान और दूरंतों समेत कई ट्रेनों में यात्रियों को अच्छा खाना नहीं मिल रहा है। कभी ठंडा खाना दे दिया जाता है, तो क भी उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं होती है। साथ ही कैटरिंग सर्विस भी ठीक नहीं है। रेलवे की ओर से शुरू किए गए रेल मदद एप पर यात्रियों ने खान-पान के स्तर और कैटरिंग को लेकर शिकायत की है। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोन और मंडल अधिकारियों को खाने की गुणवत्ता और किचन से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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रेलवे लगातार अपनी सेवाओं को बेहतर करने के लिए काम कर रहा है। ट्रेनों के समय पर आने-जाने के साथ साफ-सफाई और सीटों के स्तर को दुरुस्त किया गया है। मगर ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर खाना मुहैया कराने को लेकर शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। हाल ही में रेलवे की ओर से शुरू किए गए रेल मदद एप पर सबसे ज्यादा शिकायतें खान-पान के स्तर और कैटरिंग सर्विस को लेकर आई हैं। जिसमें यात्रियों ने कहा है कि ट्रेनों में खाना ठीक नहीं दिया जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा शिकायत राजधानी, शताब्दी, दूरंतो और गतिमान जैसी प्रीमियम ट्रेनों की हैं।
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इसे लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। चूंकि ट्रेनों मेें खाना मुहैया कराने के लिए रेलवे ने आईआरसीटीसी से करार किया है। ऐसे में अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले 10 दिनों तक प्रीमियम ट्रेनों में बेस किचन और किचन की जांच करेंगे। इस दौरान सेवाओं में कमी पाए जाने पर आईआरसीटीसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी सख्त आदेश दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने सभी बिंदुओं पर रोज मंडलों से रिपोर्ट मांगी है।
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इनकी करनी होगी जांच
- सभी किचन और बेस किचन में एफएसएसएआई और आईएसओ का प्रमाण पत्र और खाने के सैंपल टेस्ट की रिपोर्ट है या नहीं। साथ ही किचन में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं और वे काम कर रहे हैं या नहीं।

- अधिकारी जांच करेंगे कि खान-पान का सामान कहां से लिया जा रहा है और उसकी गुणवत्ता कैसी है?
- खाना बनाने के उपकरणों की उपलब्धता, साफ-सफाई और यात्रियों को बिल दिया जा रहा है या नहीं?
ट्रेनों में यात्रियों को दिए जाने वाले खाने की समय-समय पर जांच की जाती है। इसके साथ ही प्रीमियम ट्रेनों में खाने और कैटरिंग सर्विस की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ
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