{"_id":"63432c1206c1b06502056091","slug":"rain-more-than-two-billion-damage-to-crops-due-to-rain-in-jhansi-and-lalitpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rain Havoc : झांसी और ललितपुर में बारिश से फसलों को दो अरब से ज्यादा का नुकसान, किसानों में हताशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rain Havoc : झांसी और ललितपुर में बारिश से फसलों को दो अरब से ज्यादा का नुकसान, किसानों में हताशा
Mon, 10 Oct 2022 01:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 10 Oct 2022 01:46 AM IST
सार
Rain : सितंबर माह में हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की लागत और मेहनत पर पानी फेरकर रख दिया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि झांसी और ललितपुर जिले में बारिश की वजह से किसानों की दो अरब चार करोड़ रुपये की मूंग, उड़द और तिल की फसल बर्बाद हो गई।
विज्ञापन
बारिश से फसल को हुआ नुकसान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सितंबर माह में हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की लागत और मेहनत पर पानी फेरकर रख दिया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि झांसी और ललितपुर जिले में बारिश की वजह से किसानों की दो अरब चार करोड़ रुपये की मूंग, उड़द और तिल की फसल बर्बाद हो गई। स्थिति यह है कि रबी सीजन की बुवाई के लिए किसानों के हाथ खाली हैं। वे अब सरकार की ओर से मिलने वाले मुआवजे से आस लगाए बैठे हैं।
विज्ञापन
झांसी और ललितपुर जनपद में मानसून की शुरुआत निराशाजनक हुई थी। जून माह सूखा गुजरा, जबकि जुलाई और अगस्त में मध्यम दर्जे की बारिश हुई थी। लेकिन, सितंबर में अचानक तीन दिन तक मूसलाधार बारिश हुई। इससे खेतों में पानी भर गया। इस बारिश में मूंग, तिल और उड़द की फसल चौपट हो गई थी।
विज्ञापन
झांसी जनपद में प्रशासन की ओर से कराए एक सर्वे में सामने आया कि यहां एक लाख तैंतीस हजार किसानों द्वारा एक लाख दो हजार हेक्टेअर में बोई गई उड़द, मूंग और तिल की फसल में 80 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। इससे किसानों को 79 करोड़ 15 लाख रुपये की क्षति पहुंची है।
विज्ञापन
वहीं, ललितपुर में भी बारिश ने कहर ढाया है। यहां तीन लाख 35 हजार हेक्टेयर में खरीफ की बुवाई हुई थी। लेकिन, सितंबर माह में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से फसलों को खासी क्षति पहुंची है। अलग-अलग इलाकों में 60 से 80 प्रतिशत तक के नुकसान का आकलन किया गया है। राजस्व विभाग द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक ललितपुर जनपद में किसानों को एक अरब 25 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है।
बारिश से मूंग, उड़द और तिल की फसल को 33 प्रतिशत से अधिक की क्षति हुई है। किसानों को मुआवजा देने के लिए शासन से 79 करोड़ 15 लाख रुपये की डिमांड की गई है। यह रकम जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद प्रभावित किसानों के खाते में मुआवजा राशि भेज दी जाएगी।
- राम अक्षयवर चौहान, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
नौ किसानों की सदमे से गई जान
पूंछ के महराजगंज ढेरी निवासी किसान राजाराम वंशकार (57) ने चार बीघे में तिल की फसल बोई थी। बारिश से खेत में पानी भर गया। इससे फसल बर्बाद हो गई। फसल की दुर्दशा को देखकर वह तनाव में आ गया था। घर आकर उसने खाना भी नहीं खाया और रात भर जागता रहा। इसी दरम्यान उसकी मौत हो गई थी। यह एक किसान की बात नहीं है, बल्कि झांसी और ललितपुर जनपद में फसल खराब होने के सदमे से नौ किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें सभी छोटे किसान हैं, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी से खरीफ की बुवाई की थी, लेकिन बारिश ने उनकी मेहनत और लागत पर पानी फेर दिया था।