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Jhansi News: बुंदेलखंड में बदरा मेहरबान, झांसी में बरसा 80 एमएम पानी
Thu, 27 Aug 2026 02:13 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 27 Aug 2026 02:13 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड में लगातार चाैथे दिन बुधवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। करीब 12 घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश से झांसी शहर तरबतर हो गया। इस दौरान 80.4 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई, वहीं किसानों को अब फसलों पर अतिवृष्टि के असर की चिंता सताने लगी है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
जून और जुलाई में कम बारिश से किसानों की धड़कनें बढ़ गई थीं। फसल खराब होने की आशंका बनी हुई थी। अगस्त में हुई अच्छी बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन अब लगातार हो रही बारिश से फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो दोपहर 12 बजे तक जारी रहा। यहां तक कि शाम तक भी रुक-रुककर बारिश होती रही। इस दौरान कभी रिमझिम, कभी मध्यम तो कभी तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. आदित्य सिंह ने बताया कि बुधवार को 80.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 26 अगस्त तक जिले में करीब 687 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम है। जिले की औसत सामान्य बारिश 850 एमएम है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को भी भारी वर्षा की संभावना है।
बुंदेलखंड में अधिक बारिश का यह है कारण
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मौसम सिस्टम पश्चिमी जिलों में गोरखपुर आदि के रास्ते आने के बजाय मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए चित्रकूट और बांदा के रास्ते बुंदेलखंड में प्रवेश कर गया है। यही वजह है कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में बुंदेलखंड के जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। यह सिस्टम बृहस्पतिवार को भी सक्रिय रहेगा। इसके बाद 28 अगस्त से एक सितंबर तक आसमान साफ रहने का अनुमान है। हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन इस दौरान बारिश के कोई खास संकेत नहीं हैं।
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जून और जुलाई में कम बारिश से किसानों की धड़कनें बढ़ गई थीं। फसल खराब होने की आशंका बनी हुई थी। अगस्त में हुई अच्छी बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन अब लगातार हो रही बारिश से फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
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मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो दोपहर 12 बजे तक जारी रहा। यहां तक कि शाम तक भी रुक-रुककर बारिश होती रही। इस दौरान कभी रिमझिम, कभी मध्यम तो कभी तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. आदित्य सिंह ने बताया कि बुधवार को 80.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 26 अगस्त तक जिले में करीब 687 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम है। जिले की औसत सामान्य बारिश 850 एमएम है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को भी भारी वर्षा की संभावना है।
बुंदेलखंड में अधिक बारिश का यह है कारण
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मौसम सिस्टम पश्चिमी जिलों में गोरखपुर आदि के रास्ते आने के बजाय मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए चित्रकूट और बांदा के रास्ते बुंदेलखंड में प्रवेश कर गया है। यही वजह है कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में बुंदेलखंड के जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। यह सिस्टम बृहस्पतिवार को भी सक्रिय रहेगा। इसके बाद 28 अगस्त से एक सितंबर तक आसमान साफ रहने का अनुमान है। हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन इस दौरान बारिश के कोई खास संकेत नहीं हैं।