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अफसरों व कर्मचारियों के भत्ते काटकर घाटे को कम करेगा रेलवे

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2020 07:22 PM IST
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railways to cut allowances of employees to overcome losses.
रेलवे को लॉकडाउन के दौरान लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे इस घाटे को कम करने के लिए अपने 13 लाख से अधिक अधिकारी व कर्मचारियों के वेतन में कटौती व भत्तों पर रोक लगाने जा रहा है। इसके तहत टीए, डीए, ओवर टाइम ड्यूटी के भत्तों को समाप्त किया जाएगा। वहीं, ट्रेन चालक व गार्डों को ट्रेन चलाने पर प्रति किलोमीटर के हिसाब से मिलने वाले माइलेज को भी नहीं दिया जाएगा। रेलवे में सभी सवारी गाड़ियों का संचालन 23 मार्च से बंद है। स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा है। कार्यालयों में कामकाज नहीं हो पा रहा है। हर तरह से राजस्व के स्रोत बंद चल रहे हैं। ऐसे में रेलवे इस घाटे की भरपाई अपने ही अधिकारी व कर्मचारियों से पूरा करने की योजना बना रहा है। अधिकारी व कर्मचारियों के भत्तों पर रोक लगने जा रही है। अधिकारी व कर्मचारियों के टीए, डीए, ओवर टाइम व माइलेज काटे जाएंगे। रेलकर्मियों के वेतन में छह माह तक कैंची चलाने की सिफारिश की गई है। हर साल बच्चों की पढ़ाई के लिए 28 हजार रुपये मिलते हैं। इसकी भी समीक्षा होगी। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस विषय पर रेलवे बोर्ड निर्णय लेगा। सेवानिवृत्त कर्मियों पर बेवजह खर्च रेलवे के सभी 17 जोन के 70 मंडलों व 11 उत्पादन इकाइयों ने पांच हजार से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को पेंशन मिल रही है। इसके बाद भी इनको लॉकडाउन में नौकरी पर रखा गया है। जबकि, कार्यालय में 33 फीसदी कर्मचारी ही बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में रेलवे सेवानिवृत्त कर्मियों पर बेवजह राजस्व खर्च कर रहा है।
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