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रेलवे : 332 आउट हाउस हुए कंडम, 60 दिन में ध्वस्त होंगे
Mon, 08 Apr 2024 01:47 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:47 AM IST
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रेल अधिकारियों के आवासों पर काम करने वालों के लिए बनाए गए थे आउट हाउस
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पश्चिम रेलवे कॉलोनी में अधिकारियों के लिए बनाए गए अधिकांश बंगले अब कंडम होकर टूट चुके हैं, लेकिन इनके आउट हाउस की मरम्मत करके लोग रह रहे हैं। अब रेलवे कंडम आवासों के साथ ही दो महीने में 300 से अधिक आउट हाउस को ध्वस्त करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
बता दें कि अंग्रेजों के जमाने में रेलवे ने अपने अधिकारियों के लिए स्टेशन के दोनों ओर बंगलों के साथ ही उनमें काम करने वालों के लिए आउट हाउस बनाए थे। तभी से अलग-अलग समय पर इन आउट हाउस में लोग रहते आ रहे हैं। यह लोग अधिकारियों के बंगलों पर माली और साफ-सफाई का काम करते रहे हैं। जब यह बंगले और आवास अपनी उम्र पूरी कर जर्जर हुए तो अधिकारियों ने इन्हें छोड़ दिया और दूसरे आवासों में शिफ्ट हो गए। लेकिन, आज भी कई लोग आउट हाउस में रह रहे हैं।
बीते छह महीने में रेलवे कॉलोनी में 18 चोरी की वारदातें हुईं तो शक आउट हाउस में रहने वालों पर जताया गया। अब रेलवे ने ऐसे 332 आउट हाउस, आरबी-1 श्रेणी 15 आवास, आरबी-2 श्रेणी के 34, एम श्रेणी के 2 और एमए श्रेणी के 12 आवासों को कंडम घोषित कर दिया है। इन्हें ध्वस्त करने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। सभी कंडम आवासों को आगामी 60 दिनों में ध्वस्त भी कर दिया जाएगा। मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कंडम हो चुके आवासों को ध्वस्त करने के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं और जल्द ही ध्वस्तीकरण का काम भी शुरू हो जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पश्चिम रेलवे कॉलोनी में अधिकारियों के लिए बनाए गए अधिकांश बंगले अब कंडम होकर टूट चुके हैं, लेकिन इनके आउट हाउस की मरम्मत करके लोग रह रहे हैं। अब रेलवे कंडम आवासों के साथ ही दो महीने में 300 से अधिक आउट हाउस को ध्वस्त करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
बता दें कि अंग्रेजों के जमाने में रेलवे ने अपने अधिकारियों के लिए स्टेशन के दोनों ओर बंगलों के साथ ही उनमें काम करने वालों के लिए आउट हाउस बनाए थे। तभी से अलग-अलग समय पर इन आउट हाउस में लोग रहते आ रहे हैं। यह लोग अधिकारियों के बंगलों पर माली और साफ-सफाई का काम करते रहे हैं। जब यह बंगले और आवास अपनी उम्र पूरी कर जर्जर हुए तो अधिकारियों ने इन्हें छोड़ दिया और दूसरे आवासों में शिफ्ट हो गए। लेकिन, आज भी कई लोग आउट हाउस में रह रहे हैं।
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बीते छह महीने में रेलवे कॉलोनी में 18 चोरी की वारदातें हुईं तो शक आउट हाउस में रहने वालों पर जताया गया। अब रेलवे ने ऐसे 332 आउट हाउस, आरबी-1 श्रेणी 15 आवास, आरबी-2 श्रेणी के 34, एम श्रेणी के 2 और एमए श्रेणी के 12 आवासों को कंडम घोषित कर दिया है। इन्हें ध्वस्त करने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। सभी कंडम आवासों को आगामी 60 दिनों में ध्वस्त भी कर दिया जाएगा। मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कंडम हो चुके आवासों को ध्वस्त करने के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं और जल्द ही ध्वस्तीकरण का काम भी शुरू हो जाएगा।
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