{"_id":"5fda6e2a8ebc3e3fbe0ec34d","slug":"railway-track-run-train-for-speed-jhansi-news-jhs183658091","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे ट्रैक पर स्पीड के हिसाब से दौड़ेंगी ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे ट्रैक पर स्पीड के हिसाब से दौड़ेंगी ट्रेनें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। दिल्ली से कानपुर ट्रैक की तरह रेलवे अब दिल्ली- झांसी- भोपाल मुख्य ट्रैक पर पहले सुपरफास्ट, फिर एक्सप्रेस व मेल ट्रेनें दौड़ाने की तैयारी कर रहा है। ट्रेनों के समय के हिसाब से समूह बनाए जाएंगे। इससे ट्रैक पर दौड़ते समय ट्रेनों की गति में अंतर नहीं आएगा। समय की बचत होगी। इसके लिए ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया जाएगा। रेलवे से इस व्यवस्था को लागू करने के लिए ट्रायल शुरू कर दिए हैं।
रेलवे अभी शताब्दी, राजधानी, दूरंतो, गतिमान जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों को 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाता है। एक्सप्रेस व मेल गाड़ियां 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़तीं हैं। सभी गाड़ियां अलग- अलग समय में चलतीं हैं। ऐसे में अगर एक्सप्रेस के पीछे सुपरफास्ट ट्रेन चल रही है तो उसे भी अपनी गति को धीमा करना पड़ता है, जब तक किसुपरफास्ट ट्रेन आगे न निकल जाए। इससे ट्रेनों का समय पालन बिगड़ने की उम्मीद रहती है। दिल्ली- झांसी- भोपाल मुख्य ट्रैक पर ये समस्या न रहे, इसके लिए मंडल प्रशासन दिल्ली- कानपुर ट्रैक की तरह गाड़ियों को व्यवस्थित चलाने की तैयारी कर रहा है।
अभी दिल्ली से कानपुर ट्रैक पर चलने वाली हावड़ा, भुवनेश्वर, रांची, गुवाहाटी जैसी राजधानी सुपरफास्ट ट्रेनों को दोपहर के बाद एक के पीछे एक चलाया जाता है। इससे उक्त सभी राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें एक गति से आगे बढ़ती चलीं जातीं हैं। वापसी में भी इसी तरह संचालन किया जा रहा है। सुबह के वक्त उक्त सभी राजधानी एक के बाद दिल्ली पहुंचती हैं। इसी तरह एक्सप्रेस व मेल ट्रेनों का समय व्यवस्थित किया गया है। इससे समय की बचत हो रही है और गति भी रास्ते में कम नहीं करनी पड़ती है। ये नीति को लागू करने के लिए दिल्ली- झांसी- भोपाल ट्रैक पर लगातार ट्रायल चल रहा है। इस नीति को लागू करने के लिए ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया जाएगा। चूंकि, कोरोना काल में ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है। ट्रेनों के समय में भी परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में नियमित ट्रेनों के संचालन तक यह बदलाव हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेलवे अभी शताब्दी, राजधानी, दूरंतो, गतिमान जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों को 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाता है। एक्सप्रेस व मेल गाड़ियां 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़तीं हैं। सभी गाड़ियां अलग- अलग समय में चलतीं हैं। ऐसे में अगर एक्सप्रेस के पीछे सुपरफास्ट ट्रेन चल रही है तो उसे भी अपनी गति को धीमा करना पड़ता है, जब तक किसुपरफास्ट ट्रेन आगे न निकल जाए। इससे ट्रेनों का समय पालन बिगड़ने की उम्मीद रहती है। दिल्ली- झांसी- भोपाल मुख्य ट्रैक पर ये समस्या न रहे, इसके लिए मंडल प्रशासन दिल्ली- कानपुर ट्रैक की तरह गाड़ियों को व्यवस्थित चलाने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
अभी दिल्ली से कानपुर ट्रैक पर चलने वाली हावड़ा, भुवनेश्वर, रांची, गुवाहाटी जैसी राजधानी सुपरफास्ट ट्रेनों को दोपहर के बाद एक के पीछे एक चलाया जाता है। इससे उक्त सभी राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें एक गति से आगे बढ़ती चलीं जातीं हैं। वापसी में भी इसी तरह संचालन किया जा रहा है। सुबह के वक्त उक्त सभी राजधानी एक के बाद दिल्ली पहुंचती हैं। इसी तरह एक्सप्रेस व मेल ट्रेनों का समय व्यवस्थित किया गया है। इससे समय की बचत हो रही है और गति भी रास्ते में कम नहीं करनी पड़ती है। ये नीति को लागू करने के लिए दिल्ली- झांसी- भोपाल ट्रैक पर लगातार ट्रायल चल रहा है। इस नीति को लागू करने के लिए ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया जाएगा। चूंकि, कोरोना काल में ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है। ट्रेनों के समय में भी परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में नियमित ट्रेनों के संचालन तक यह बदलाव हो सकता है।
विज्ञापन