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कोरोना ने रोकी रेल टिकट में मिलने वाली रियायत
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झांसी। कोरोना काल में रेलवे ने सफर के दौरान किराए में मिलने वाली हर तरह की रियायत को स्पेशल ट्रेनों में बंद कर रखा है। इस सुविधा से कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज भी वंचित चल रहे हैं। ऐसे में मरीजों को सफर करने के लिए पूरा किराया भरना पड़ रहा है। इस रियायत को पाने के लिए यात्री के पास प्रमाणपत्र होना जरूरी है।
आम यात्री इस बात को कम ही जानते हैं कि रेलवे अलग-अलग 53 श्रेणियों के पात्र यात्रियों को किराए में 25 से 100 प्रतिशत छूट प्रदान करता है। दिव्यांग, कैंसर रोगी, डायलिसिस, हीमोफिलिया, एड्स समेत अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को किराए में 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट मिलती हैं। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं, छात्रों के शैक्षिक भ्रमण, युद्ध में शहीद विधवाओं, कलाकार, खिलाड़ियों को भी रेल किराए में छूट है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अध्यापकों को मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर कोच में 50 प्रतिशत किराए में रियायत मिलती है। चूंकि, कोरोना काल में रेलवे सिर्फ स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रखा है। इस कारण किराए में पात्र मुसाफिरों को किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जा रही है। रेलवे के इस निर्णय के कारण खासकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है, क्योंकि उनको जल्दी- जल्दी उपचार के लिए जाना पड़ता है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों के किराए में कोई रियायत नहीं दी जा रही है।
यह भी जानिए
- 60 वर्ष और उससे अधिक के पुरुष को सभी श्रेणियों में 40 प्रतिशत और 58 वर्ष और उससे अधिक की महिलाओं को सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत रियायत। इसमें राजधानी, शताब्दी और दूरंतो गाड़ियां भी शामिल हैं।
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- शारीरिक रूप से विकलांग, नेत्रहीन, मानसिक रूप से विक्षिप्त पीड़ित का सहचर के साथ टिकट में 75 प्रतिशत रियायत, फर्स्ट और सेकंड एसी में 50 प्रतिशत छूट।
- मूक और बधिर व्यक्ति को जनरल, स्लीपर और प्रथम श्रेणी टिकट में 50 प्रतिशत रियायत।
- कैंसर पीड़ित को अकेले या सहचर के साथ स्लीपर और थर्ड एसी में 100 प्रतिशत किराए में छूट, फर्स्ट एसी और सेकंड एसी में 50 फीसदी रियायत।
- किडनी प्रत्यारोपण ऑपरेशन, डायलेसिस, थैललेसीमिया, शल्य चिकित्सा के लिए सहचर के साथ जनरल, स्लीपर, थर्ड एसी, चेयर कार में 75 प्रतिशत और फर्स्ट एसी, सेकंड एसी में 50 प्रतिशत की रियायत।
- हीमोफिलिया, टीबी, असंक्रामक कुष्ठ रोग, एड्स, ओस्टोमी सिकल सैल, एप्लास्टिक रोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए पीड़ितों को सहचर के साथ 50 से 75 प्रतिशत तक की रियायत।
- श्रम पुरस्कार विजेताओं को जनरल और स्लीपर कोच में 75 प्रतिशत की रियायत।
- राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अध्यापक-शिक्षा क्षेत्र में अनुकरणीय सेवा करने वालों को जनरल और स्लीपर कोच में 50 प्रतिशत की रियायत।
- राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार बच्चों के साथ यात्रा करने वाले माता या पिता एक को जनरल और स्लीपर कोच में 50 प्रतिशत की रियायत।
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आम यात्री इस बात को कम ही जानते हैं कि रेलवे अलग-अलग 53 श्रेणियों के पात्र यात्रियों को किराए में 25 से 100 प्रतिशत छूट प्रदान करता है। दिव्यांग, कैंसर रोगी, डायलिसिस, हीमोफिलिया, एड्स समेत अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को किराए में 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट मिलती हैं। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं, छात्रों के शैक्षिक भ्रमण, युद्ध में शहीद विधवाओं, कलाकार, खिलाड़ियों को भी रेल किराए में छूट है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अध्यापकों को मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर कोच में 50 प्रतिशत किराए में रियायत मिलती है। चूंकि, कोरोना काल में रेलवे सिर्फ स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रखा है। इस कारण किराए में पात्र मुसाफिरों को किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जा रही है। रेलवे के इस निर्णय के कारण खासकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है, क्योंकि उनको जल्दी- जल्दी उपचार के लिए जाना पड़ता है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों के किराए में कोई रियायत नहीं दी जा रही है।
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यह भी जानिए
- 60 वर्ष और उससे अधिक के पुरुष को सभी श्रेणियों में 40 प्रतिशत और 58 वर्ष और उससे अधिक की महिलाओं को सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत रियायत। इसमें राजधानी, शताब्दी और दूरंतो गाड़ियां भी शामिल हैं।
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- शारीरिक रूप से विकलांग, नेत्रहीन, मानसिक रूप से विक्षिप्त पीड़ित का सहचर के साथ टिकट में 75 प्रतिशत रियायत, फर्स्ट और सेकंड एसी में 50 प्रतिशत छूट।
- मूक और बधिर व्यक्ति को जनरल, स्लीपर और प्रथम श्रेणी टिकट में 50 प्रतिशत रियायत।
- कैंसर पीड़ित को अकेले या सहचर के साथ स्लीपर और थर्ड एसी में 100 प्रतिशत किराए में छूट, फर्स्ट एसी और सेकंड एसी में 50 फीसदी रियायत।
- किडनी प्रत्यारोपण ऑपरेशन, डायलेसिस, थैललेसीमिया, शल्य चिकित्सा के लिए सहचर के साथ जनरल, स्लीपर, थर्ड एसी, चेयर कार में 75 प्रतिशत और फर्स्ट एसी, सेकंड एसी में 50 प्रतिशत की रियायत।
- हीमोफिलिया, टीबी, असंक्रामक कुष्ठ रोग, एड्स, ओस्टोमी सिकल सैल, एप्लास्टिक रोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए पीड़ितों को सहचर के साथ 50 से 75 प्रतिशत तक की रियायत।
- श्रम पुरस्कार विजेताओं को जनरल और स्लीपर कोच में 75 प्रतिशत की रियायत।
- राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अध्यापक-शिक्षा क्षेत्र में अनुकरणीय सेवा करने वालों को जनरल और स्लीपर कोच में 50 प्रतिशत की रियायत।
- राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार बच्चों के साथ यात्रा करने वाले माता या पिता एक को जनरल और स्लीपर कोच में 50 प्रतिशत की रियायत।