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Jhansi: विकास कुमार बने झांसी के एसएसपी, मूर्ति का 16 महीने के कार्यकाल में चर्चित रहा ऑपरेशन-720

Fri, 21 Aug 2026 08:54 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Fri, 21 Aug 2026 08:54 AM IST
सार

बीबीजीटीएस मूर्ति 22 अप्रैल 2025 को झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान हत्या, अपहरण, साइबर ठगी जैसे तमाम मामलों का भंडाफोड़ हुआ।

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Jhansi: Vikas Kumar appointed as Jhansi SSP
एसएसपी कार्यालय, झांसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस में फेरबदल करते हुए नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। बलरामपुर के एसपी विकास कुमार को झांसी का एसएसपी बनाया गया है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
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करीब 16 महीने तक झांसी की पुलिसिंग की कमान संभालने के बाद एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का बुधवार को तबादला हो गया। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान हत्या, अपहरण, साइबर ठगी जैसे तमाम मामलों का भंडाफोड़ हुआ। खास बात यह कि उनके कार्यकाल के दौरान झांसी पुलिस ने बदमाशों के साथ मुठभेड़ का भी रिकॉर्ड कायम किया। पुलिस की इस दौरान बदमाशों से कुल 93 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 122 बदमाश पांव में गोली लगने से घायल हुए। एसएसपी रहते हुए बीबी जीटीएस मूर्ति ने सटोरियों की धर पकड़ के लिए चर्चित ऑपरेशन 720 चलाया, जिसमें भाजपा नेता आशीष उपाध्याय समेत 100 से अधिक बड़े सटोरिये पकड़े गए।

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पुलिस ने करीब 20 करोड़ रुपये का सट्टा कारोबार पर भी चोट की वहीं, साइबर अपराधों पर भी शिकंजा कसा। चीनी गेमिंग एप हैक करने वाले गिरोह समेत कटेरा में संगठित गिरोह के तौर पर चलने वाले साइबर गिरोह का भी पुलिस ने भंडाफोड़ किया। अगस्त 2025 में टोड़ी फतेहपुर क्षेत्र में कुएं से महिला के शव के टुकड़े मिलने के सनसनीखेज मामले का भी पुलिस ने खुलासा किया। 16 महीने के कार्यकाल में दौरान एसएसपी रहते हुए बीबीजीटीएस मूर्ति ने गंभीर मामलों में मौके पर पहुंचकर निगरानी, तकनीकी साक्ष्यों पर जोर और साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने पर जोर दिया हालांकि पुराने मामलों का खुलासा कर पाने में वह भी कामयाब नहीं हो सके। बहुचर्चित कमलेश यादव हत्याकांड, गुरसराय में सोनी हत्याकांड जैसे पुराने मामले सुलझाए नहीं जा सके। चोरी की भी कई घटनाओं का भी खुलासा नहीं हो सका।
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