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बारिश के शुरू होते ही रेलवे क्वार्टरों में टपकने लगा पानी
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पश्चिम रेलवे कोलोनी में टूटी एक मकानों में जमी कायी। अमर उजाला
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झांसी। पश्चिमी रेलवे कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों की बारिश शुरू होने के साथ ही परेशानियां बढ़ गई हैं। कई क्वार्टरों की छत लीक कर रही है तो टूटे दरवाजे, खिड़कियां न सुधरने से मच्छर व कीड़े-मकोड़ों ने रहना दूभर कर दिया है। तमाम शिकायतें होने के बाद भी अफसर सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
रेलवे कॉलोनी के अधिकतर क्वार्टरों में बरसात के दिनों में पानी टपकता है। किसी क्वार्टर की छत से तो किसी के बाथरूम में पानी टपक रहा है। कई क्वार्टरों की दीवारें चटक गईं हैं तो कई क्वार्टर के पीछे बने गटर से बदबू आ रही है। बारिश के पानी की समस्या से बचाने के लिए दो सौ से अधिक क्वार्टरों की छत पर आधुनिक प्री कोडेट शीट लगाई गई, लेकिन वह भी पानी को रोकने के लिए नाकाफी हो रही है। दूसरा, रेलवे क्वार्टरों में इन दिनों आधे घंटे की पानी की सप्लाई हो रही है। पानी भी पीला व गंदा आ रहा है। इस कारण कर्मचारियों को आरओ का पानी पीना पड़ रहा है।
दरअसल, रेल प्रशासन पूर्वी कॉलोनी में बने अफसरों के ढाई सौ बंगलों के रखरखाव का तो पूरा ध्यान रखता है, मगर पश्चिमी कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों के क्वार्टरों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे में सामान्य कर्मचारियों के लिए यहां-वहां चक्कर काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है।
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- कर्मचारियों की समस्याओं पर बराबर ध्यान दिया जा रहा है। अगर उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है तो वह अपने क्षेत्र के आईओडब्लू से शिकायत कर सकते हैं। - मनोज कुमार सिंह, पीआरओ।
मैं पिछले एक साल से क्वार्टर में रह रहा हूं। बारिश में छत से पानी टपकने लगता है। बाथरूम में भी पानी लीक करता है। किचन में भी पानी भर जाता है। - चंद्रशेखर सिंह।
खिड़की टूटी है। बाथरूम की दीवार भी चटकी है। बारिश में तो एक- एक दिन काटना मुश्किल होता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का हल नहीं निकला। - विशाल।
मेरे क्वार्टर के बाथरूम और छत से कई जगह पानी टपक रहा है। जिस दिन भी बारिश होती है, उस दिन पूरे परिवार को परेशान होना पड़ता है। - नरेंद्र कुमार।
मेरे आसपास के क्वार्टरों में टीन शेड लगा दिया गया, लेकिन मेरे यहां कई बार आवेदन के बाद भी नहीं डाला गया। क्वार्टर के पीछे से निकले गटर से बदबू आती है।- विमलेश परिहार।
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रेलवे कॉलोनी के अधिकतर क्वार्टरों में बरसात के दिनों में पानी टपकता है। किसी क्वार्टर की छत से तो किसी के बाथरूम में पानी टपक रहा है। कई क्वार्टरों की दीवारें चटक गईं हैं तो कई क्वार्टर के पीछे बने गटर से बदबू आ रही है। बारिश के पानी की समस्या से बचाने के लिए दो सौ से अधिक क्वार्टरों की छत पर आधुनिक प्री कोडेट शीट लगाई गई, लेकिन वह भी पानी को रोकने के लिए नाकाफी हो रही है। दूसरा, रेलवे क्वार्टरों में इन दिनों आधे घंटे की पानी की सप्लाई हो रही है। पानी भी पीला व गंदा आ रहा है। इस कारण कर्मचारियों को आरओ का पानी पीना पड़ रहा है।
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दरअसल, रेल प्रशासन पूर्वी कॉलोनी में बने अफसरों के ढाई सौ बंगलों के रखरखाव का तो पूरा ध्यान रखता है, मगर पश्चिमी कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों के क्वार्टरों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे में सामान्य कर्मचारियों के लिए यहां-वहां चक्कर काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है।
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- कर्मचारियों की समस्याओं पर बराबर ध्यान दिया जा रहा है। अगर उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है तो वह अपने क्षेत्र के आईओडब्लू से शिकायत कर सकते हैं। - मनोज कुमार सिंह, पीआरओ।
मैं पिछले एक साल से क्वार्टर में रह रहा हूं। बारिश में छत से पानी टपकने लगता है। बाथरूम में भी पानी लीक करता है। किचन में भी पानी भर जाता है। - चंद्रशेखर सिंह।
खिड़की टूटी है। बाथरूम की दीवार भी चटकी है। बारिश में तो एक- एक दिन काटना मुश्किल होता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का हल नहीं निकला। - विशाल।
मेरे क्वार्टर के बाथरूम और छत से कई जगह पानी टपक रहा है। जिस दिन भी बारिश होती है, उस दिन पूरे परिवार को परेशान होना पड़ता है। - नरेंद्र कुमार।
मेरे आसपास के क्वार्टरों में टीन शेड लगा दिया गया, लेकिन मेरे यहां कई बार आवेदन के बाद भी नहीं डाला गया। क्वार्टर के पीछे से निकले गटर से बदबू आती है।- विमलेश परिहार।