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विदेशी पर्यटकों का ओवर कैरी हुआ लगेज
ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2015 01:24 AM IST
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झांसी। शुक्रवार की सुबह आरपीएफ की कार्रवाई से शताब्दी एक्सप्रेस में सवार होकर झांसी आए 41 विदेशी पर्यटकों का लगेज ओवर कैरी हो गया। शाम को शताब्दी एक्सप्रेस के भोपाल से वापस आने पर लगेज को उतारा जा सका। लगेज के इंतजार में पर्यटक खजुराहो नहीं जा सके, उन्हें झांसी व ओरछा के होटलों में ठहरकर समय गुजारना पड़ा। इससे विदेशी पर्यटकों में नाराजगी रही।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2/3 व 4/5 पर जानवरों को जाने से रोकने के लिए छोर पर पाइप के गेट लगाए गए हैं। इन गेटों में जो ताले डाले गए, उनकी एक चाबी पार्सल कर्मी व एक डिप्टी एस एस कार्यालय में रहती है। जब कोई सामान इन प्लेटफार्मों पर ले जाना होता है तो संबंधित कर्मी से चाबी लेकर ही गेट को खोला जाता है। गुरुवार की रात प्लेटफार्म 2/3 के छोर पर लगे गेट का ताला चोरी हो गया।
शुक्रवार की सुबह आरपीएफ को जब इस मामले की जानकारी हुई तो करीब 8.30 बजे पार्सल, सफाई व ठेले वालों को एक साथ पकड़कर थाने में बैठा लिया। इनमें पार्सल विभाग का पोर्टर राजकुमार भी शामिल था, जो ट्रेन के लगेजवान की सील खोलता है। आरपीएफ की इस कार्रवाई से हंगामे की स्थिति बन गई।
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संबंधित विभाग के अन्य कर्मी व सुपरवाइजर आरपीएफ थाने पहुंचे और उन्होंने कार्य प्रभावित होने की बात कही। मगर आरपीएफ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। परिणामस्वरूप सुबह 10.47 बजे गाड़ी संख्या 12002 अप शताब्दी एक्सप्रेस के प्लेटफार्म एक पर आने पर सीलमैन के न होने के कारण फ्रंट व लास्ट लगेजवान को नहीं खोला जा सका। गाड़ी अपने निर्धारित समय 10.55 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो गई।
इस कारण झांसी में उतरे 41 सदस्यीय अमेरिकन के दो ग्रुप का लगेज (42 नग) ओवर कैरी हो गया। ट्रेन के जाने पर लगेज उतारने पहुंचे कुली भी ताकते रह गए। इधर, लगेज के न उतर पाने के कारण विदेशी पर्यटक टूर टाइम के हिसाब से शाम छह बजे तक खजुराहो नहीं पहुंच सके। उन्हें शाम को शताब्दी एक्सप्रेस के भोपाल से वापस आने का इंतजार करना पड़ा। शाम को वापसी में शताब्दी एक्सप्रेस के आने पर लगेज उतारा गया। इसके बाद ही विदेशी पर्यटक गंतव्य के लिए रवाना हो सके।
इधर, जब मामले की जानकारी आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्र को हुई तो वह थाने पहुंच गए। स्थितियों की जानकारी होने के बाद उन्होंने सभी को छोड़ने के आदेश दिए। वहीं, सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे ने भी स्टेशन पहुंचकर सुपरवाइजरों से मामले की जानकारी ली। इतना सब होने के बाद भी पीआरओ गिरीश कंचन ने मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की है।
विदेशी मेहमानों का भी ख्याल नहीं रख पा रहा रेलवे
राजस्थान में लगने वाले पुष्कर मेले में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में विदेशी सैलानी भारत आते हैं। इनमें सैकड़ों पर्यटक खजुराहो घूमने आते हैं। मगर, इन पर्यटकों को कई जगह असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। अधिकांश विदेशी आगरा से शताब्दी एक्सप्रेस में सवार होकर झांसी आते हैं।
चूंकि, दिल्ली से ही लगेजवान में माल बुक होकर आता है, इस कारण आगरा से पर्यटकों का पूरा लगेज शताब्दी एक्सप्रेस में नहीं चढ़ पाता है। बचा हुआ लगेज छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस या पंजाब मेल में बुक होकर झांसी आ पाता है।
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2/3 व 4/5 पर जानवरों को जाने से रोकने के लिए छोर पर पाइप के गेट लगाए गए हैं। इन गेटों में जो ताले डाले गए, उनकी एक चाबी पार्सल कर्मी व एक डिप्टी एस एस कार्यालय में रहती है। जब कोई सामान इन प्लेटफार्मों पर ले जाना होता है तो संबंधित कर्मी से चाबी लेकर ही गेट को खोला जाता है। गुरुवार की रात प्लेटफार्म 2/3 के छोर पर लगे गेट का ताला चोरी हो गया।
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शुक्रवार की सुबह आरपीएफ को जब इस मामले की जानकारी हुई तो करीब 8.30 बजे पार्सल, सफाई व ठेले वालों को एक साथ पकड़कर थाने में बैठा लिया। इनमें पार्सल विभाग का पोर्टर राजकुमार भी शामिल था, जो ट्रेन के लगेजवान की सील खोलता है। आरपीएफ की इस कार्रवाई से हंगामे की स्थिति बन गई।
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संबंधित विभाग के अन्य कर्मी व सुपरवाइजर आरपीएफ थाने पहुंचे और उन्होंने कार्य प्रभावित होने की बात कही। मगर आरपीएफ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। परिणामस्वरूप सुबह 10.47 बजे गाड़ी संख्या 12002 अप शताब्दी एक्सप्रेस के प्लेटफार्म एक पर आने पर सीलमैन के न होने के कारण फ्रंट व लास्ट लगेजवान को नहीं खोला जा सका। गाड़ी अपने निर्धारित समय 10.55 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो गई।
इस कारण झांसी में उतरे 41 सदस्यीय अमेरिकन के दो ग्रुप का लगेज (42 नग) ओवर कैरी हो गया। ट्रेन के जाने पर लगेज उतारने पहुंचे कुली भी ताकते रह गए। इधर, लगेज के न उतर पाने के कारण विदेशी पर्यटक टूर टाइम के हिसाब से शाम छह बजे तक खजुराहो नहीं पहुंच सके। उन्हें शाम को शताब्दी एक्सप्रेस के भोपाल से वापस आने का इंतजार करना पड़ा। शाम को वापसी में शताब्दी एक्सप्रेस के आने पर लगेज उतारा गया। इसके बाद ही विदेशी पर्यटक गंतव्य के लिए रवाना हो सके।
इधर, जब मामले की जानकारी आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्र को हुई तो वह थाने पहुंच गए। स्थितियों की जानकारी होने के बाद उन्होंने सभी को छोड़ने के आदेश दिए। वहीं, सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे ने भी स्टेशन पहुंचकर सुपरवाइजरों से मामले की जानकारी ली। इतना सब होने के बाद भी पीआरओ गिरीश कंचन ने मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की है।
विदेशी मेहमानों का भी ख्याल नहीं रख पा रहा रेलवे
राजस्थान में लगने वाले पुष्कर मेले में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में विदेशी सैलानी भारत आते हैं। इनमें सैकड़ों पर्यटक खजुराहो घूमने आते हैं। मगर, इन पर्यटकों को कई जगह असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। अधिकांश विदेशी आगरा से शताब्दी एक्सप्रेस में सवार होकर झांसी आते हैं।
चूंकि, दिल्ली से ही लगेजवान में माल बुक होकर आता है, इस कारण आगरा से पर्यटकों का पूरा लगेज शताब्दी एक्सप्रेस में नहीं चढ़ पाता है। बचा हुआ लगेज छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस या पंजाब मेल में बुक होकर झांसी आ पाता है।