{"_id":"5e52de128ebc3ef40a4240e4","slug":"railway-help-setelite-for-stop-robbery-jhansi-news-jhs160863930","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे अब सेटेलाइट से रोकेगा मालगाड़ियों में चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे अब सेटेलाइट से रोकेगा मालगाड़ियों में चोरी
विज्ञापन
railway help setelite for stop robbery
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। रेलवे मालगाड़ियों में होने वाली चोरी रोकने और गाड़ियों की निगरानी के लिए अब सेटेलाइट की मदद लेगा। इसके लिए रेलवे का इसरो से करार हुआ है। इसके लिए रेलवे के कंट्रोल ऑफिस में एप्लीकेशन सिस्टम लगाने के साथ इंजन में जीपीएस सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे मालगाड़ी की हर गतिविधि की जानकारी रेलवे को मिलती रहेगी। साथ ही ट्रेन दुर्घटना की तुरंत जानकारी और रेल लाइन निगरानी में मदद मिलेगी।
अधिकांशत: मालगाड़ियों से लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ने से रेलवे को खासा नुकसान होता है। इसकी जानकारी रेलवे को गंतव्य पर पहुंचने के बाद ही पता चलती है। अब इस निपटने के लिए रेलवे ने सेटेलाइट से मदद ली है। इसके लिए बाकायदा इसरो से करार भी हुआ है।
इस सिस्टम से मालगाड़ी का रियल टाइम मॉनिटरिंग भी होगी। ट्रेन के ट्रैक मूवमेंट के अलावा, मालगाड़ियों में कोयले और तेल की चोरी का पता लगाने में मदद मिलेगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग होने से अनाधिकृत स्टेशनों पर या स्टेशनों के बीच में मालगाड़ियों को रोकना मुश्किल हो जाएगा। पुराने सिस्टम में ट्रेन की निगरानी केवल उसके किसी खास स्टेशन से गुजरने के बाद की जा सकती थी। दो स्टेशनों के बीच रुकने वाली ट्रेन पर नजर रखना मुश्किल होता था। हालांकि, नए सेटेलाइट सर्विलांस सिस्टम से रियल टाइम में ट्रेन की स्पीड और उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा।
विज्ञापन
कैसे काम करेगा सिस्टम
इसरो का यह सिस्टम दो तरह से काम करेगा। इंजन पर लगे उपकरण से मालगाड़ी की जानकारी देगा और सेटेलाइट सिस्टम से रेल लाइन की निगरानी करेगा। झांसी मंडल में मालगाड़ी के इंजनों में जीपीएस सिस्टम लगाना शुरू कर दिया गया है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इंजन में जीपीएस सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
अधिकांशत: मालगाड़ियों से लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ने से रेलवे को खासा नुकसान होता है। इसकी जानकारी रेलवे को गंतव्य पर पहुंचने के बाद ही पता चलती है। अब इस निपटने के लिए रेलवे ने सेटेलाइट से मदद ली है। इसके लिए बाकायदा इसरो से करार भी हुआ है।
विज्ञापन
इस सिस्टम से मालगाड़ी का रियल टाइम मॉनिटरिंग भी होगी। ट्रेन के ट्रैक मूवमेंट के अलावा, मालगाड़ियों में कोयले और तेल की चोरी का पता लगाने में मदद मिलेगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग होने से अनाधिकृत स्टेशनों पर या स्टेशनों के बीच में मालगाड़ियों को रोकना मुश्किल हो जाएगा। पुराने सिस्टम में ट्रेन की निगरानी केवल उसके किसी खास स्टेशन से गुजरने के बाद की जा सकती थी। दो स्टेशनों के बीच रुकने वाली ट्रेन पर नजर रखना मुश्किल होता था। हालांकि, नए सेटेलाइट सर्विलांस सिस्टम से रियल टाइम में ट्रेन की स्पीड और उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा।
विज्ञापन
कैसे काम करेगा सिस्टम
इसरो का यह सिस्टम दो तरह से काम करेगा। इंजन पर लगे उपकरण से मालगाड़ी की जानकारी देगा और सेटेलाइट सिस्टम से रेल लाइन की निगरानी करेगा। झांसी मंडल में मालगाड़ी के इंजनों में जीपीएस सिस्टम लगाना शुरू कर दिया गया है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इंजन में जीपीएस सिस्टम लगाए जा रहे हैं।