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रेलवे ने माल यातायात में 20 प्रतिशत की छूट
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रेलवे माल यातायात।
- फोटो : REPORTERS
रेलवे ने माल यातायात में दी बीस प्रतिशत की छूट
झांसी। रेलवे माल यातायात को बढ़ाने के लिए सरचार्ज और सप्लीमेंटरी चार्ज (अनुपूरक शुल्क) एक अक्तूबर से खत्म करने जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य है कि व्यापारी सड़क मार्ग की जगह मालगाड़ी से माल ले जाने के लिए आकर्षित हो सकें। रेलवे बोर्ड ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
रेलवे माल यातायात की दृष्टि से एक अक्तूबर से 30 जून तक व्यस्त सीजन मानता है। इस अवधि में माल भाड़े के अतिरिक्त व्यापारी से 15 प्रतिशत सरचार्ज (सेस) व पांच प्रतिशत अनुपूरक शुल्क वसूल किया जाता है। मगर, रेलवे अब इन दोनों की शुल्क एक अक्तूबर से समाप्त करने जा रहा है। इससे सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक आदि की लोडिंग को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही एक से अधिक स्टेशनों से लोडिंग करने वाले व्यापारियों को फायदा होगा। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की निदेशक (परिवहन वाणिज्य) शिल्पी विश्नोई ने आदेश जारी कर दिया है।
मंडल में होती है पांच सौ करोड़ की आय
रेल मंडल को माल यातायात से हर साल पांच सौ करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। इसमेें कबरई, बिजौली, शनिचरा, भरतकूप, सिंहपुर ढुमरा स्टेशन साइडिंग से गिट्टी, ललितपुर, डबरा, दतिया स्टेशन साइडिंग से गेहूं व डायमंड सीमेंट की सबसे ज्यादा लदान होती है। रसूलपुरा गोगामाई साइडिंग से पेट्रोल, डीजल व केरोसिन भेजा जाता है।
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यह भी है सुविधा
रेलवे ने पहले पीस मिल लोडिंग सिस्टम के तहत सुविधा प्रदान कर रखी थी, जिसमें छोटे व्यापारी एक या दो वैगन में अपना माल लोड कर दूसरे शहर को भेज सकते थे, लेकिन विशेष कारणों से रेलवे ने इस सुविधा पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे व्यापारियों को सड़क मार्ग से अपना माल भेजना पड़ रहा था। इस सुविधा को 15 अगस्त से दोबारा शुरू कर दिया गया है।
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झांसी। रेलवे माल यातायात को बढ़ाने के लिए सरचार्ज और सप्लीमेंटरी चार्ज (अनुपूरक शुल्क) एक अक्तूबर से खत्म करने जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य है कि व्यापारी सड़क मार्ग की जगह मालगाड़ी से माल ले जाने के लिए आकर्षित हो सकें। रेलवे बोर्ड ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
रेलवे माल यातायात की दृष्टि से एक अक्तूबर से 30 जून तक व्यस्त सीजन मानता है। इस अवधि में माल भाड़े के अतिरिक्त व्यापारी से 15 प्रतिशत सरचार्ज (सेस) व पांच प्रतिशत अनुपूरक शुल्क वसूल किया जाता है। मगर, रेलवे अब इन दोनों की शुल्क एक अक्तूबर से समाप्त करने जा रहा है। इससे सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक आदि की लोडिंग को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही एक से अधिक स्टेशनों से लोडिंग करने वाले व्यापारियों को फायदा होगा। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की निदेशक (परिवहन वाणिज्य) शिल्पी विश्नोई ने आदेश जारी कर दिया है।
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मंडल में होती है पांच सौ करोड़ की आय
रेल मंडल को माल यातायात से हर साल पांच सौ करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। इसमेें कबरई, बिजौली, शनिचरा, भरतकूप, सिंहपुर ढुमरा स्टेशन साइडिंग से गिट्टी, ललितपुर, डबरा, दतिया स्टेशन साइडिंग से गेहूं व डायमंड सीमेंट की सबसे ज्यादा लदान होती है। रसूलपुरा गोगामाई साइडिंग से पेट्रोल, डीजल व केरोसिन भेजा जाता है।
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यह भी है सुविधा
रेलवे ने पहले पीस मिल लोडिंग सिस्टम के तहत सुविधा प्रदान कर रखी थी, जिसमें छोटे व्यापारी एक या दो वैगन में अपना माल लोड कर दूसरे शहर को भेज सकते थे, लेकिन विशेष कारणों से रेलवे ने इस सुविधा पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे व्यापारियों को सड़क मार्ग से अपना माल भेजना पड़ रहा था। इस सुविधा को 15 अगस्त से दोबारा शुरू कर दिया गया है।