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रेल कोच फैक्टरी के पांच शेड बनकर तैयार, अगले माह पूरा हो जाएगा काम
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झांसी। पिछले करीब तीन साल से निर्माणाधीन रेल कोच फैक्टरी का निर्माण कार्य अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। यहां निर्माणाधीन नौ विभिन्न शेड में पांच शेड का काम पूरा हो गया। रेल अफसरों का कहना है चार शेड का कार्य भी अंतिम दौर में है। अगले माह तक यह कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
इस कोच फैक्टरी में सबसे महत्वाकांक्षी वंदे भारत रेल परियोजना के भी कोच बनेंगे। पुराने पड़ चुके कोचों को नए एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) कोच में तब्दील करने के लिए वर्ष 2019 में नगरा हाट के पास कोच कारखाना का निर्माण शुरू हुआ। यहां बने कोच का इस्तेमाल शताब्दी, गतिमान समेत अन्य गाड़ियों मेें होगा।
यहां एलएचबी कोच तैयार करने के लिए अलग-अलग कुल नौ शेड बनाए जाने हैं। रेल अफसरों का कहना है कि इनमें से पांच शेड पूरी तरह बनकर तैयार हो गए। इनमें मशीनें भी लगा दी गईं। शेष चार शेड का निर्माण भी अंतिम दौर में है। उनका कहना है जुलाई तक यह कार्य पूरा होने की उम्मीद है। बता दें, इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 456.89 करोड़ रुपये है। करीब तीन सौ एकड़ भूमि में इस फैक्टरी का निर्माण कराया जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक निर्माणाधीन कोच फैक्टरी के अंदर करीब अस्सी प्रतिशत मशीनें स्थापित हो चुकी हैं। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। वंदे भारत के कोच अगले साल की शुरूआत तक बन सकेंगे।
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अत्याधुनिक तकनीक से बनेंगे वंदे भारत कोच
केंद्र सरकार ने देश के बड़े शहरों को जोड़ने के लिए उनके बीच तेज रफ्तार वाली वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की योजना बनाई है। एक वंदे भारत ट्रेन झांसी से होकर भी गुजरेगी। रेल अफसरों के मुताबिक वंदे भारत कोच के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। आधुनिक डिजायन पर आधारित यह कोच तेज झटके सहन करने मेें सक्षम होंगेे। यात्रियों की सुविधा का भी इसमें ख्याल रहेगा।
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इस कोच फैक्टरी में सबसे महत्वाकांक्षी वंदे भारत रेल परियोजना के भी कोच बनेंगे। पुराने पड़ चुके कोचों को नए एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) कोच में तब्दील करने के लिए वर्ष 2019 में नगरा हाट के पास कोच कारखाना का निर्माण शुरू हुआ। यहां बने कोच का इस्तेमाल शताब्दी, गतिमान समेत अन्य गाड़ियों मेें होगा।
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यहां एलएचबी कोच तैयार करने के लिए अलग-अलग कुल नौ शेड बनाए जाने हैं। रेल अफसरों का कहना है कि इनमें से पांच शेड पूरी तरह बनकर तैयार हो गए। इनमें मशीनें भी लगा दी गईं। शेष चार शेड का निर्माण भी अंतिम दौर में है। उनका कहना है जुलाई तक यह कार्य पूरा होने की उम्मीद है। बता दें, इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 456.89 करोड़ रुपये है। करीब तीन सौ एकड़ भूमि में इस फैक्टरी का निर्माण कराया जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक निर्माणाधीन कोच फैक्टरी के अंदर करीब अस्सी प्रतिशत मशीनें स्थापित हो चुकी हैं। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। वंदे भारत के कोच अगले साल की शुरूआत तक बन सकेंगे।
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अत्याधुनिक तकनीक से बनेंगे वंदे भारत कोच
केंद्र सरकार ने देश के बड़े शहरों को जोड़ने के लिए उनके बीच तेज रफ्तार वाली वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की योजना बनाई है। एक वंदे भारत ट्रेन झांसी से होकर भी गुजरेगी। रेल अफसरों के मुताबिक वंदे भारत कोच के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। आधुनिक डिजायन पर आधारित यह कोच तेज झटके सहन करने मेें सक्षम होंगेे। यात्रियों की सुविधा का भी इसमें ख्याल रहेगा।